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इश्क़_में_मरना_आसान_है_जीना_मुश्किल..

Posted by Raghav Mishra
June 23, 2017

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जो इश्क़ में हारकर भी जिंदा रह जाते हैं! यकीं मानिए फ़रिश्ते भी आते हैं उनसे ये हुनर सीखने….

कल के नाटक की बहुत सारी बातों में आपके जानने लायक यही है कि ये एक म्यूजिकल प्ले था, जिसमें बातें गाकर बतलाई जाती हैं, गायकी सब एक्टर्स ही किये और म्यूजिक भी धमाल था ही, एक्टिंग में एकाध को छोड़कर मुझे सबने प्रभावित किया, क्योंकि उसमें उनकी मेहनत साफ़ दिख रही थी…..ख़ैर ख़ासियत ये थी कि इसमें भारत के महान प्रेमियों की गाथाएँ बताईं, उन्हें बताना यूँ भी ज़रूरी था क्योंकि क्लाइमेक्स में जो बात डायरेक्टर कहना चाहता था हमारी प्रोड्यूसर दोस्त के कहने पर बिना ये कहानियाँ दिखाये शायद कह ही ना पाता…..चार कहानियां थीं, सोहनी-महिवाल की, हीर-राँझा की, शस्सी-पुन्नू और मिर्ज़ा-साहिबा की….अगर आपने इन सभी कहानियों को पढ़ा होगा तो जानते होंगे इनका प्रेम अमर इन सबकी मौतों से ही हुआ….यानि सबने इश्क़ में मिसालें भले कायम कीं, त्याग किया, समर्पण और बलिदान दिये पर जान ना बचा पाये….

हम सभी इश्क़ की जो भी घटनाएं पढ़ते या सुनते हैं उन सबमें दुःखद ही देखने सुनने में आता है…..रोमियो-जूलियट और लैला-मजनूँ भी कहाँ जीवित रह पाए, उपन्यास देवदास ही देख लें….पारो किसी और की हो जाती है और देवदास पी पी कर जीवन लीला समाप्त कर लेता है।

इस नाटक में मगर ऐसा नहीं था….सभी महान प्रेम कहानियों में ये भी एक बेमेल सी ही थी, एक मॉडर्न लड़की और देहाती कलाकार लड़के की कहानी जिसमें….काफी द्वन्द रहता है, प्रेमी जहाँ फक्कड़ी और बेपरवाह होता है प्रेमिका वहीं काफी कैल्कुलेटेड….. चाहती अपने प्रेमी को वो भी बेइन्तेहाँ है पर प्रेमी से सुरक्षा की आस भी रखती है…..ताकि वो थोड़ा व्यवहारिक हो जाए….बस इसी को सुखद अंत तक पहुँचाते दिखाया है….चूँकि वो प्यार में हारना नहीं, बल्कि जीतना चाहते थे, पीढ़ियों को प्रेरणा देना चाहते थे कि कभी अगर प्यार में असफल भी हो जाना तो उससे निराश मत होना बल्कि थोड़ा समय देना, परिस्थितियों को अनुकूल करना और उसे जीत के ही दिखाना…..लैला-मजनूँ मत बनना, हीर-राँझा मत बनना, ना शिरीं-फरहाद या सोहनी-महिवाल ही…क्यों खुद को प्यार से ऊपर उठकर जिन्होंने जिया, जिन्होंने इश्क़ में सबको धता बताया, समाज के मापदंडों को बदल कर रख दिया और जीत हासिल की ना की हार मानकर दया के पात्र बने…..

प्यार किया है तो प्रेमियों को जीत के सपने दिखाओ…तभी तो लोग प्यार करना और उसे जीतना चाहेंगे….है कि नहीं !!

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