कारोबार बाजार में बढ़ रही है योग की हिस्सेदारी

Posted by Rachana Priyadarshini
June 23, 2017

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एक अनुमान के मुताबिक बीते तीन वर्षों में ही योग के बाजार में करीब 100 प्रतिशत तक का उछाल आया है. जून, 2016 के आंकड़ों के आधार पर साफ है कि योग ने एक बड़े बाजार को भी खड़ा कर दिया है. सिर्फ देश में योग से जुड़े उत्पादों का बाजार 120 अरब तक पहुंच चुका है. 2015 और 2016 के बीच ही योग इंडस्ट्री में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गयी है. योग ट्रेनरों की संख्या 40 प्रतिशत तक बढ़ी, तो योग करनेवालों की संख्या भी 35 प्रतिशत बढ़ गयी. जून, 2016 तक पूरी दुनिया में योग इंडस्ट्री के 2.5 लाख करोड़ पार करने के आंकड़े बताये गये थे, जो इस साल के अंत तक 5 लाख करोड़ पार कर जाने का अनुमान है.

योग प्रशिक्षण की फीस लाखों में
योग साधना का माध्यम भी है और कमाई का साधन भी. देश में 400 से लेकर 1500 रुपये तक योग सिखाने की एक घंटे की फीस ली जाती है. 1.34 लाख रुपये ऋषिकेश के एक मशहूर योग केंद्र की फीस है. अमेरीका, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 3 से 5 घंटे के 3-5 हजार डॉलर तक फीस है. एक साल में अमेरीका और चीन के साथ यूरोप में योग अपनानेवाले भी बढ़े हैं. यहां बड़ी संख्या में भारतीय ट्रेनर जा रहे हैं और वहां से ट्रेनिंग लेने लोग भारत भी आ रहे हैं. सरकार अब योग कोर्स के लिए आनेवालों को अलग श्रेणी में वीजा देने की भी तैयारी कर रही है.

योग प्रशिक्षकों की बढ़ी डिमांड
एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में योग सीखनेवाले लोगों की संख्या करीब 20 करोड़ है. इसके साथ ही योग टीचर्स की मांग सालाना 35 प्रतिशत की दर से बढ़ी है. देश में योग ट्रेनिंग का कारोबार करीब 2.5 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है. इसमें लगाये जाने योग शिविर, कॉरपोरेट्स कंपनियों को दी जानेवाली ट्रेनिंग और प्राइवेट ट्रेनिंग शामिल है. योग टीचर प्रति घंटे 400-1500 रुपये तक फीस लेते हैं. योग सिखानेवाली कई संस्थाएं तो एक महीने की फीस सवा लाख रुपये तक भी लेती हैं. वहीं, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में योगगुरु 3 से 5 घंटे के योगा सेशन की फीस 2 से 3 लाख के बीच वसूलते हैं. अमेरिका हर साल योग सीखने पर करीब 2.5 बिलियन डॉलर खर्च करता है.

योग एक्सेसरीज का बढ़ता व्यापार
दुनिया में जिस तरह से योग का क्रेज लोगों में बढ़ रहा है, वैसे ही योग से जुड़े छोटे-बड़े व्यापार का दायरा बढ़ता जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में योग से जुड़ा व्यापार 12,000 करोड़ रुपये का हो गया है. योग के लिए चटाई से लेकर जूते, सीडी, डीवीडी, बैंड, एसेसरीज, स्टूडियोज की भी डिमांड बढ़ी है. ई-कॉमर्स कंपनियां स्पेशल योग थीम स्टोर ले आयी हैं. दुनिया भर में योग एक्सेसरी का कारोबार करीब 5.37 लाख करोड़ रुपये का है. अकेले अमेरिका में 69 हजार करोड़ रुपये योग से जुड़ी किताबों और एक्सेसरी पर खर्च करते हैं.

खास तरह की ड्रेस पहन कर योग का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. एक अनुमान के अनुसार भारत में योग के दौरान पहने जाने वाले ड्रेस का कारोबार ही करीब एक हजार करोड़ रुपये का पहुंच चुका है. यही वजह है कि प्रयोग, भू-सत्व, फॉर एवर योग, अर्बन योग जैसी नई कंपनियां योग से जुड़े कपड़े बनाने के मैदान में उतर आयी हैं.अगले दो साल में इसके दोगुना हो जाने के आसार हैं.

योग आर्ट और खादी का बढ़ा बाजार
आयुर्वेदिक संबंधी ऐसे कई प्रोडक्ट है, जिसका योग के दौरान सेवन करने से शारीरिक तौर पर कई प्रकार के लाभ मिलने का दावा किया जाता है. ‘खादी’ ब्रांड भी फेमस हो चुका है. योगा सेंटर्स और कंपनियां अपनी दीवारों पर लगाने के लिए योग से जुड़ी पेंटिंग्स अधिक खरीद रही हैं. योग पेंटिंग्स कारोबार का टर्नओवर करीब 500 करोड़ रुपए का है और ये कारोबार लगातार बढ़ रहा है.

योग का बड़ा बाजार बना अमेरिका
योग दिवस शुरू होने का अमेरिका में योग बाजार पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ा है, इसकी बानगी इन आंकड़ों में दिखती है। 2008 के एक आंकड़े के मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ (1.58 करोड़ ) लोग योग करते थे, लेकिन 2016 में यह बढ़कर 3.67 करोड़ पर पहुंच गया. जिस रफ्तार से योग करनेवाले बढ़े, उसी रफ्तार से योग सीखाने वाले स्कूल भी अमेरिका में खुले. 2008 में सिर्फ 818 योग स्कूल थे अब ये 3900 का आंकड़ा पार कर गया है.आज की तारीख में अमेरिका में योग का बिजनेस करीब 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है. सबसे खास यह है कि अमेरिका में 37 प्रतिशत योग करनेवाले 18 साल से कम उम्र के हैं.

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