किसानों कि समस्या का स्थायी हल ??

Posted by Amandip Singh
June 21, 2017

Self-Published

  • बात २०१४ कि है जब जनता ने एक नयी सरकार का भारतीय लोकतंत्र मे स्वागत किया था इस उम्मीद से कि शायद जो सपने उन्हें दिखाए जाते हैं राजनितीक पार्टी के द्वारा वो यथार्थ में बदल सके ।अफसोस  इस बात का है कि वही राजनिती की गंदी खेल फिर से हमारे साथ खेली जा रही है । ३वर्ष बाद आज मिला तो सिर्फ धोखा ।मित्रों एक भारत वो भी है जो सोशल मिडीया से बिल्कुल अलग है आप सोशल मिडीया से बाहर के भारत को देखिए ।सरकार तकनीक प्रयोग करके हमें टहला रही है । हमारे बीजेपी के नेता रैलीयों में खुब कहते हैं कि सारा कर्ज माफ हो जाएगा जब बारी आती है माफ करने कि तो हमारे वित् मंत्री बेलते हैं ये राज्यों का मामला है तो क्या आपके लिए ये वोट का मामला है तो हटा दिजीए कृर्षि मंत्रालय ??? हमारे कृर्षि मंत्री कहते हैं मध्य प्रदेश में सबसे अधिक कृर्षि क्षेत्र में सुधार है फिर भी पिछले तीन महीनों सबसे अधिक किसान कि आत्म हत्या वहीं हुई है ???आप कहते हैं किसान कि आय दुगना कर देंगे २०२२ तक और दुसरी ओर समर्थन मूल जो आप किसान को दे रहे हैं वो लागत मुल्य से भी कम है ?? मैं इस मंच के माध्यम से सरकार को ये बताना चाहता हूं कि साहब जनता सब जानती है हमारे साथ दोषपूर्ण और झुठापुर्ण व्यवहार न करें । हम जनताओं को भी ये होना चाहिए कि हम नेताओं के भाषण में न आंए उनके कार्य का आकलन करें । एक खुबसरत उदाहरण देता हूं आप अपने सांसदीय क्षेत्र के सांसद को टिव्टर पे फालो करें वे जो जो पोस्ट करते हैं अपने टिव्टर पेज पे अापके स्थान के विकास के  विषय में  जब आप उनका आकलन जमिनी स्तर पे करेंगे तो मालुम चलेगा   कि ये सिर्फ टिव्टर पे हीं है तो दोस्तों सावाधनी से रहीए हमारे जिवन में बहुत कुछ घटित होते रहता है जो हमें प्रभावित तो करता है परन्तु हम जान नहीं पाते हैं क्योंकि ये सब मिडीया के आड में हो रहा होता है और हम किसी नेता के अंध भक्ति में डुबे रहते हैं । धन्यवाद । जय हिन्द  ।

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