क्या हिन्दुओ को आतंकवादी कहने से रुकेगी भीड़ की हिंसा ?

Posted by mohitrao17
June 30, 2017

Self-Published

नई दिल्ली – दिल्ली  के कई जगहों पर कुछ वाम्पंती और विपक्ष के लोगो ने हाल ही में भीड़ द्वारा हुई मौतों के खिलाफ    विरोद प्रदर्शन किया  पर इस विरोद प्रदर्शन में लोगो ने  भीड़ के खिलाफ कुछ नहीं बोला पर हिन्दुओ पर सवाल खड़े किये , जैसा की आप  तस्वीरे में देख सकते है की एक आदमी एक कागज पर लिख कर  लाया था की हमें हिन्दू  आतंकवाद  को रोकना चाहिये तो दूसरी तरफ एक ऐसा नक्सा भी लोगो को दिया गया जिसमे 2015 से हुई सारी घटनाओ को रेखांकित किया गया था पर उसमे कश्मीर  में हुई  अयूब पंडित की मौत को  कही भी नहीं दिखाया गया आखिर क्यों ?

इस विरोद प्रदर्शन का नाम रखा गया था  “#NotInMyName”  जिसमे  भीड़  द्वारा हुई मौतों के खिलाफ  प्रदर्शन करने के लिए लोगो को बुलाया गया था पर वहा  सिर्फ  ऐसी घटनाओ का जिक्र हुआ जहा भीड़ में हिन्दू शामिल थे , वहा न तो कश्मीर में हुई अयूब पंडित की मोत का जिक्र हुआ और न ही केरल में हुई  मुस्लिम भीड़  द्वारा मौत का , इसका मतलब साफ़ है की विपक्ष   लोगो को हिन्दू – मुस्लिम में बाटना चाहता है ताकि इसका राजनेतिक फायदा उठाया  जा सके |

इस प्रदर्शन में कुछ लोग आपतिजनक तस्वीरे भी अपने हाथो में लिए हुए थे , जैसा की आप उप्पर की तस्वीर में देख सकते है की एक आदमी गाय को लोगो का खाना बता कर दुसरो को उकसाने का काम कर रहा है इस  प्रदर्शन के बाद सवाल उठते है की अगर आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो फिर भीड़ का घर्म कहा से आ गया और क्या भारत में रह रहे 90 करोड़ हिन्दुओ को आतंकवादी  कहना सही है क्यों न इन लोगो पर कर्येवाही की जाये ताकि इन लोगो को भी सबक मिल सके |

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.