“फिर एक बार शर्मसार हुआ बिहार -BIPT “

Posted by Raj Aditya
June 2, 2017

Self-Published

इतिहास में शिक्षा का गुरु माना जाने वाला बिहार और वर्तमान में प्रत्येक वर्ष सबसे ज्यादा आई ए एस देश को देने वाला बिहार आखिर उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के पायदान पर पुरे विश्व में शर्मसार हो ही गया | विगत  वर्ष की तरह वर्तमान वर्ष 2017  में 12वीं की परीक्षा में मात्र 35.25 प्रतिशत रिजल्ट ने फिर से एक बार बिहार की शैक्षणिक स्तिथि को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया है| यकीं नहीं होता कि जिस बिहार ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सबसे ज्यादा आई ए एस और इंजीनियर देश और विश्व को दिए है उसी बिहार का 12वीं की उतीर्णता इतनी कम कैसे ?  आखिर इसका दोषी किसे कहा जाए|

अगर बिहार की वर्तमान सरकार की शिक्षा नीति की बात करें तो सर्वविदित है कि आज बिहार में न पर्याप्त विद्यलाय है और नहीं पर्याप्त शिक्षक , न तो विद्यलयों में उचित शिक्षा सामग्री और सुविधा है और न ही उपलब्ध शिक्षकों में वैसी गुणवत्ता | ऐसा नहीं स्वीकार किया जा सकता है कि सरकार इन व्याप्त कमियों और दोषों से अनजान है , अब सवाल ये उठता है कि अगर सरकार जानती है तो फिर शिक्षा में सुधार क्यों नहीं हो रहा है | जिस तरह से परीक्षा को कदाचार मुक्त करने का सराहनीय निर्णय लिया गया, उसी तरह विद्यालयों में शिक्षा-व्यवस्था और शिक्षकों कि गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कोई कड़ा रुख क्यों नहीं अख्तियार किया जा रहा है| और, कब तक बिहार को प्राथमिक , माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा की दयनीय स्थिति पर शर्मसार होना पड़ेगा, छात्रों एवं छात्राओं को कब तक आत्महत्या करनी पड़ेगी और इन सब का जिम्मेवार आखिर कौन होगा ?
दूसरी तरफ अगर हम छात्र छात्राओं की बात करें तो ये लोग कब अपनी जिम्मेदारी को पूर्णतः समझेंगे, अपनी पिछली गलतियों से सिख कब लेना शुरू करेंगे | छात्र -छात्राओं की भूमिका भी कोई कम नही कही जाएगी मात्र 35 .25% रिजल्ट लाने में | विगत वर्ष की कदाचारमुक्त परीक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी को सुदृढ़  बनाना चाहिए था ताकि आज ख़राब रिजल्ट देखकर आत्महत्या करने जैसी कायरतापूर्ण कदम उठाने   कि जरुरत ही न पड़े |
बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ प्रोफेशनल ट्रेनिंग के निदेशक राज आदित्या एवं चैयरमेन ई० अरुण कुमार ओझा ने 12वीं परीक्षा में राज्य के 35.25% एवं बक्सर के लगभग 25 % रिजल्ट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस एवं मजबूत कदम उठाने चाहिए और छात्र -छात्राओं को भी शिक्षा के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए अपने पढ़ाई में गुणवत्ता लानी चाहिए ताकि वो बेहतर रिजल्ट पा सकें| BIPT  बिहार के सभी छात्र -छात्राओं को सन्देश भी देना चाहता है कि आत्महत्या कर लेना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, छात्र -छात्राओं से अनुरोध है कि आत्महत्या जैसी  घिनौनी कोशीश न करें बल्कि अपनी शिक्षा में गुणवत्ता लाएं और आगे बढे हम आपके साथ है |

राज आदित्या
निदेशक
बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ़ प्रोफेशनल ट्रेनिंग

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