भाजपा का मास्टर स्ट्रोक

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June 21, 2017

Self-Published

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जितने भी नामों के प्रयास लगाए जा रहे थे उससे उलट nda ने अपना उम्मीदवार सबके सामने रखकर सबको चका दिया।NDA ने श्री रामनाथ कोविंद के नाम पर अपनी मोहर लगाई है। इस नाम के सामने रखते ही भाजपा ने विपक्षी दल की सारी रणनीति को एक मिनट में ख़तम कर दिया। विपक्षी दल एक साथ आकर अपना नाम रखे उससे पहले ही उन्हें अलग कर दिया। इसे भाजपा का मास्टरस्ट्रोक भी कहा  जा सकता है। श्री राम नाथ कोविंद इस समय  बिहार के गवर्नर है।  उनका चुना जाना इस बात की और भी इशारा है की अभी भी भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश  का महत्व हैं। क्यूोंकि उत्तर प्रदेश के लोग इस बात से जरूर खुश होंगे की उत्तरप्रदेश से देश को  राष्ट्रपति मिल सकता है क्योंकी रामनाथ कोविंद मूल रूप से उत्तरप्रदेश के कानपूर के रहने वाले है।

उनका चुने जाने के कई राजनैतिक फायदे भाजपा को मिल सकते है। भाजपा में हमेशा से ही दलित नेतृत्व की कमी रही है और ये इलज़ाम लगते रहे है की भाजपा दलित विरोधी है लेकिन  राम नाथ कोविंद एक दलित वर्ग से आते है भाजपा ने इनका नाम पेशकर  दलित वर्ग का झुकाव अपनी और किया होगा। इनका चुने जाना जरूर मायावती की राजनिती के लिए  खतरे के घंटी ही सकती है।  उत्तरप्रदेश  में जिस तरह बसपा पार्टी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सिमटी है और अब भाजपा की तरफ से दलित नेता के नाम की पेशकष इसके अपने ही राजनैतिक मायने है क्योंकी बसपा दलित वर्ग की पार्टी मानी जाती है और भाजपा के तरफ से दलित नाम की पेशकष बसपा के दलित वोट बैंक को तोड सकता है. इसे 2019 के लोकसभा चुनावो से भी जोड़कर देखा जा सकता है जहाँ सारा विपक्ष एक तरफ होकर भाजपा के खिलाफ रणनीति बना रहा था वहां  उसे भी अलग होना पड़ेगा।इलृृृृ बिहार के गवर्नर होने के नाते  एक भावनात्मक लगाव  वहां के लोग महसूस कर रहें होंगे और नितीश कुमार को भी समर्थन देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

स्वच्छ छवि

 इसके इलावा राम नाथ कोविंद एक पढ़े लिखे नेता और स्वच्छ छवि के नेता है।वह पार्टी के मशहूर नेताओं में तो नहीं है पर उनकी शालनीता ,सत्यता ,लगन के चलते ही पार्टी में उनका काफी  सम्मान है।  उन पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं और उन्होंने सारी ज़िन्दगी शुचिता के साथ गुजारी है। वह 12 साल तक राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके है।

सूत्रधार

वह दलित वर्ग से जरूर है पर बै तोभाजपा के नेता ही उनकी विचारधारा पर किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं होना चाहिए। भाजपा कहीं ना कहीं इस चुनाव के बहाने हिन्दू समाज को बांधने का काम कर रही हैं . राम नाथ कोविंद को इसका  सूत्रधार बना रही है। इससे ये साफ़ जाहिर होता है की पार्टी अपना सामाजिक आधार बड़ाना चाहती है।

अब बस  इंतज़ार विपक्ष के उम्मीदवार का है और विपक्ष भाजपा की इस रणनीति से किस प्रकार बहार निकलती है। वैसे इसे कहने मैं कोई संदेह नहीं की राम नाथ कोविंद ही देश के अगले राष्ट्रपति होंगे।

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