मोदी जी के तीन साल

Posted by Raghav Mishra
June 23, 2017

Self-Published

#मोदी_जी_के_तीन_साल
29 दिसंबर 2016 की शाम 7:12 मिनट ये तारीख और समय गोड्डावासियों को याद ही होगा नही है तो याद कर लीजिए..ये थी गोड्डा की काली रात,और दब चुकी थी 23 जान !
ईसीएल राजमहल परियोजना का खदान हादसा का वो चीखती चिल्लाती रात अफरातफरी का माहौल ,भूगर्भ मे 23 लाशें समा चुकी थी ,मजदूरों की मौत का सन्नाटा के बाद शुरू हुआ राजनीतिक खेल, डीजीएमएस को आगाह करने वाले लिखे पत्र तक टीवी पर दौड़नेलगे,राजमहल हाउस में दुमका देवघर से शराब आने लगा,तरह तरह के व्यंजन के साथ सुप की तो बात ही निराली थी ,राजनीतिक खेल ऐसा चला कि जनता को भरोसा हो गया कि अब इस मौत के सौदागर की खैर नही ,भरोषे से ओतप्रोत जनता धीरे धीरे सब भूल गई ,जांच एजेंसी तो शायद अभी भी काम मे ही लगी होगी ,कितने माँ बाप का बेटा आज भी खदान के अंदर ही है ,खोज जारी है,करोड़ों का टेंडर हुआ इस खोज की,फिर दिन बितता गया नेता आते गए आस्वासन मिलता गया और अंततः खदान पुनः चालू कर दिया गया,इस बीच कई आंदोलन ,हड़ताल ,अनशन सबकुछ देखे मानीनिय ने बन्द कमरे में मीटिंग की तो बात ही खूबसूरत होती है,फिर दिसम्बर से जनवरी और जनवरी से जून आ गया औऱ 3जून को फिर बन्द कमरे में मीटिंग हुई ईसीएल के अधिकारियों के साथ,मीटिंग खत्म होते ही बात निकल कर आई कि महगामा मे होगा मोदी जी के तीन साल का भव्य कार्यक्रम औऱ इस पूरे आयोजन का खर्च ईसीएल करेगी, सुनने में आया था की उसी दिन 300बेड का अस्पताल का उद्घाटन बी किसी बड़े नेता के द्वारा होना था,अचानक जगह मे परिवर्तन किया गया ,क्योंकि उस खदान की मिट्टी में दबे कंकाल भी अंदर से कराहता।जगह परिवर्तन कर पोड़ैयाहाट किया गया ,उधर नर कंकाल ढूंढा अब भी ढूंढा जा रहा है और इधर भाजपा उपलब्धियां गिना रही है ,और अबतक उस 23 मौत का सौदागर का पता नही लग पाया है….
ईसीएल ,मोदी जी के तीन साल का इवेंट करवाती है और जनप्रतिनिधि ईसीएल पर जांच करवा रही है !भैया कुछ तो झोल है इस बीच के रिश्ते में, नही तो आज महोदय कुछ ईसीएल पर सवाल जरूर करते !भाजपा की और से मीडिया को भी इसकी कोई सूचना नही देना सवाल तो खड़ा करता ही है !!आखिर कौन है 23 मौत का असली सौदागर ?

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.