सोच से संभावनाओ तक का सफर होसले से होकर गुज़रता है

Posted by Megha Agarwal
June 20, 2017

Self-Published

यह कहानी एक लड़की की है जिसकी शादी उसके घरवालो ने, सिर्फ 16 साल की उम्र में करा दी थी. उस नन्ही सी जान को तो शायद शादी का मतलब भी ना पता हो, पर जब शादी करके माही अपने ससुराल आई तो उसे वहा बहुत प्यार मिला. उसके ऊपर न तो कोई जिम्मेदारी थी और न ही घर के कामो का बोझ. सब उसे बहुत प्यार से रखते थे और कुछ ही महीनो में माही उस घर की बहु से बेटी बन गई. समय बीतता गया और कुछ सालो बाद माही ने दो बेटों को जन्म दिया. पूरा परिवार बहुत खुश था और सब उन दोनों बच्चो को बहुत प्यार करते, उनकी देखभाल करते.

बात एक शाम की थी, माही अपने पति सुरेश का इंतज़ार कर रही थी. काफी देर हो गई थी इसीलिए उसे काफी चिंता भी हो रही थी. पूरा परिवार सुरेश को ढूंड रहा था की तभी उनके दरवाज़े पर एक खबर आई की सुरेश की मौत हो गई, माही तो अन्दर से जैसे बिलकुल टूट ही गई थी यह खबर सुनकर. पूरा परिवार रो रहा था, बिलख रहा था सुरेश के मृत शारीर को देखके, सब माही को हौसला दे रहे थे. जैसे तैसे माही ने खुद को संभाला क्यूंकि उसे अपने दोनों बच्चो की भी देख भाल करनी थी.

समय बीतता गया और परिवार वालों के लिए माही का प्यार कम होता चला गया. और एक दिन सबने माही से कह ही दिया की वो लोग उसे और उसके बच्चो को नहीं अपना सकते, और माही से चले जाने को कहा. माही कहा जाती पर फिर भी उसने अपना सामान बाँधा और अपने दोनों नच्चो लेकर सबसे दूर एक दुसरे शहर चली गई. वह उसने एक किराए का मकान लिया और 5000 रूपए की एक नौकरी पकड़ी. पर माही के लिए मात्र 5000 रूपए में घर खर्च और अपने बच्चो को पढ़ने का खर्च नहीं हो पा रहा था. पर जैसे तैसे दो रोटी कम खाकर माही ने अपने दोनों बच्चो को उस मुकाम पर पहुचाया जहा अब वो दोनों 100 गरीब बच्चो के पढाई का खर्च उठाने की छमता रखते है. आज माही अपने दोनों बच्चो के साथ ख़ुशी की जिन्दगी बिता रही है, कोई चीज की कमी नहीं है.

जिन्दगी कई बार ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा करदेती है जब हमे लगने लगता है की अब हमसे कुछ नहीं होगा. पर इस दुनिया में न तो कुछ मुश्किल होता है और न कुछ आसान. सारा खेल मन का है, क्यूंकि जिस इंसान ने  एक बार यह मान लिया की उसके लिए वह काम मुश्किल है तो आज नहीं तो कल उनके लिए वह काम मुश्किल होता ही चला जाता है. जिन्दगी में बस यही मानने की देर है की हर चिज आसान है, फिर देखिए कामयाब होना बच्चो का खेल बन जाएगा.

”मुसीबते तो सब पर ही आती है,

   कोई बिखर जाता है तो कोई निखर जाता है.”

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