हरदोई में कच्ची शराब पीने से तीन की मौत

Posted by Rohilkhand News
June 27, 2017

Self-Published

सुधीर गंगवार ।हरदोई।

शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुइयां में दो चचेरे भाइयों समेत तीन दोस्तों की एक साथ हुई संदिग्ध हालात में मौत के मामले में कहीं न कहीं कच्ची शराब ही कारण मानी जा रही है। तीनों ने भले ही सल्फास खाकर जान दे दी लेकिन उससे पहले साथ साथ बैठकर शराब पी, माना जाता है कि शराब में ही सल्फास डालकर पी ली। एक साथ तीन दोस्तों की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है। हालांकि पुलिस पूरी तरह से पर्दा डाल रही है और केवल सल्फास खाने से मौत की बात कही जा रही है।

मौत का शिकार हुए प्रमोद राठौर, तेजपाल राठौर तथा अंकित कुशवाहा में किसी की भी अभी शादी नहीं हुई थी। तीनों की आपस में गहरी मित्रता थी। प्रमोद और अंकित फरीदाबाद में मजदूरी करते थे, जबकि तेजपाल गांव में ही रहकर मजदूरी करता था। जब प्रमोद, अंकित गांव आते थे तो तेजपाल के साथ ही घूमा करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों दोस्त नशे के आदी थे।

जैसा कि ग्रामीणों ने बताया गांव में कच्ची शराब का धंधा खुलेआम होता है। शाम होते ही शराब की भट्ठियां चढ़ जाती हैं। आरोप तो यह भी है कि मृतकों ने भी कच्ची शराब सुबह पी थी। जिसके बाद तीनों दोस्त गांव के उत्तर एक किलोमीटर दूर स्थित बरगद के पेड़ के नीचे जाकर बैठ गए थे और वहीं इन लोगों की मौत हो गई। यदि पुलिस की बात पर भी विश्वास कर लिया जाए कि तीनों युवकों ने सल्फास खाकर अपनी जान दे दी। आखिरकार तीनों युवकों ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? यह बताने को कोई भी तैयार नहीं है। मृतक के परिजनों का भी कहना है कि तीनों युवक शराब पीते थे।

दूसरी तरफ देखा जाए तो गांवों में अभी भी कच्ची शराब बिक रही है। सस्ती के चक्कर में लोग अपनी जान पर खेलकर शराब पी रहे हैं और खासकर शराब की चपेट में युवा वर्ग आकर बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस समय पर कार्यवाही करती मौतें नहीं होती।

इस हादसे से साबित हुआ है कि आबकारी विभाग और पुलिस द्वारा कच्ची शराब के कारोबारियों के खिलाफ चलाये गए अभियान केवल कागजी खानापूरी तक ही सीमित रहे है।

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