कोई भी विदेशी हमारी संप्रभुता, स्वतंत्रता और आर्थिक सुरक्षा को ललकार नहीं पायेगा

Posted by amansharma1015
July 14, 2017

Self-Published

देश में आज धर्म के नाम पर लोगो को गुमराह करके को राजनीति करके लोगो में वामनस्य का माहोल बनाया जा रहा उसे तार्किक तरीके से समझकर समाधान निकालने की ज़रूरत है जिससे जनता को भरपूर लाभ मिल सके. देश के निर्माण में भूमिका निभाते हुए ना केवल जनता ओर सरकार के बीच एक मजबूत तालमेंल के साथ रोज़गार के नये विकल्प बनाए जाने चाहिए. आज राम मदिर निर्माण पर बहस चल पड़ी है, ओर सुप्रीम कोर्ट तक इससे बचना चाह रही है क्योकि यह धार्मिक मामला है.समय है इस विषय के आर्थिक पर भी प्रकाश डाला जाए. व्यक्ति अगर एक नागरिक की सोचे तो उसे समझ आएगा की अयोध्या में कितने नागरिको की आजीविका अधर में है, ये बताने की ज़रूरत नही है कि सारे मदिरो के बाहर मुस्लिमो की दुकाने है तो दरगाहो के बाहर हिंदू का व्यपार फल फूल रहा है. यदि अयोध्या  में विवादित जगह पर  ही सर्वधर्म समभाव का केन्द्र बन जाए तो आकस्मात ही इतना पर्यटन बढ जाएगा की स्थानीय ओर राज्य क्या पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था पर जबरदस्त असर पड़ेगा , इसका फायदा सभी नागरिको को मिलेगा, न की किसी हिंदू या मुसलमान को. बेहतर है कि अयोध्या की जनता को तय करने दिया जाए कि देश को आर्थिक लाभ किस प्रकार मिलेगा ओर मंदिर मज्ज़िद  का निर्माण कहा तक सही है. उम्मीद है अगले साल तक अयोध्या भारत के सबसे बड़े पर्यटन के रूप में अवतरित होगा.

अगर देश में मजहब से उपर उठ कर देश के नागरिको के हित के विषय के बारे में सोचा जाए तो देश को एक नयी दिशा मिलेगी. बस हमें ‘मुझे क्या’ की भावना से परे राष्ट्रीयता की भावना को आत्मसात करना है भाई चारे के साथ, फिर कोई भी विदेशी हमारी संप्रभुता, स्वतंत्रता और आर्थिक सुरक्षा को ललकार नहीं पायेगा.

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