जनेरिक दवा vs ब्रांडेड दवा

Posted by Mahmood Iqbal
July 30, 2017

Self-Published

अगर इंडिया मे हर डॉक्टर और मेडिकल स्टोर जनेरिक दावा लिखने और देने लगे तो
इंडिया मे बीमारी की वज से जो लोग की मौत होती है वो बहुत काम हो जाएगी
जो गरीब महँगी इलाज और दावा के वज से इलाज नहीं करते वो भी करने लगे,
एक रिपोर्ट की मुताबिक वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, डॉक्टर्स अगर मरीजों को  जेनेरिक दवाएं प्रिस्क्राइब करें तो विकसित देशों में स्वास्थय खर्च 70 पर्सेंट और विकासशील देशों में और भी अधिक कम हो सकता है.
जैसे – ब्लड कैंसर के लिए ‘ग्लाईकेव’ ब्राण्ड की दवा की कीमत महीनेभर में 1,14,400 रूपये होगी, जबकि दूसरे ब्रांड की ‘वीनेट’ दवा का महीने भर का खर्च 11,400 से भी कम आएगा
जो जनेरिक है
इसी लिए हमारे देश के पीएम मोदी जी से निवेदन है की वो इंडिया मे जनेरिक दावा को हर मेडिकल स्टोर पर मुहाईय कराये कूर डॉक्टरों से जनेरिक दावा ही लिखने को बोले
जिस से गरीब लोगों का भला हो सके

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