इसीलिए लोगों में पसंद किए जाते हैं शिवपाल सिंह यादव?

Posted by Narender Soni
July 16, 2017

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शिवपाल सिंह यादव अपने बेटे आदित्य यादव के साथ एक सभा में

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी पिछले कई दशकों से शक्तिशाली भूमिका में रही है| किसानो, जवानो, ओबीसी और मुस्लिम मतदाताओं में पार्टी को लोकप्रियता दिलाने का श्रेय इसके संस्थापक मुलायम सिंह यादव को जाता है| डॉ० राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, जय प्रकाश नारायण व जनेश्वर मिश्र के सिद्धांतों पर चलने का दावा करने वाली इस पार्टी को यूपी के घर – घर तक पहुंचाने का श्रेय मुलायम सिंह यादव के साथ साथ उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव को भी जाता है| शिवपाल ही वह शख्स है जो अपने भाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर परिस्थिति में खड़े रहे है|

सुघर सिंह तथा मूर्ति देवी की संतान शिवपाल सिंह यादव ने 6 अप्रैल 1955 को बसंत पंचमी के दिन इटावा जिले के सैफई ग्राम में जन्म लिया| संघर्षों में भाग लेना तथा मानवता के प्रति उदार भाव  इन्होंने अपने बड़े भाई तथा देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव से सीखा|

ये युवावस्था से ही सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे है| अपने क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल पहुंचाकर मदद करना, पुलिस थानों में गरीबों को न्याय दिलाने का प्रयास करना, सोशलिस्ट पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेना युवावस्था में इनके मुख्य शौक रहे हैं।

इनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि16वीं विधानसभा में 60% से अधिक मतों से जीतने वाले समाजवादी पार्टी के ये इकलौते विधायक हैं| लोक निर्माण, सिंचाई व सहकारिता मंत्री रहते हुए विभागों में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने पर एक अखबार ने इन्हें कार्यवाही मिनिस्टर की संज्ञा भी दी थी|

साम्प्रदायिक तथा सामंतवादी सोच से मुकाबला समाजवादी विचार ही कर सकते हैं| क्रांतिकारियों के सपनों को साकार करने तथा राजनीति में आम लोगों की सहभागिता को बढ़ाकर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इन्होंने पार्टी में समाजवादी चिंतन सभा तथा समाजवादी बौद्धिक सभा की शुरुआत की|

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ हो या पूर्वी उत्तर प्रदेश का बनारस सभी जगह शिवपाल सिंह यादव की लोकप्रियता आज भी बरकरार है| वह जहां भी जाते हैं उनसे मिलने के लिए समर्थकों का हुजूम खड़ा हो जाता है|

समाजवादी पार्टी के चुनाव हार जाने के बाद अब यें समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के बैनर तले लड़ाई लड़ेंगे| इनका कहना है कि आम जनता का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है| पुलिस में शिकायत करने पर भी न्याय नहीं मिलता| देश के रक्षक जवान और देश के अन्नदाता किसान दोनों की कोई सुध – बुध नहीं ले रहा हैं|

ये प्रतिदिन इटावा या लखनऊ में सुबह-सुबह डेढ़ से दो घंटा जनता दरबार भी लगाते हैं जिसमें सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर इनके पास सुलझाने के लिए आते हैं|

डॉ० राम मनोहर लोहिया व मुलायम सिंह यादव के बाद समाजवादी विचारों को पूरे मनोयोग और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने को लेकर यदि कोई शख्स आज सबसे ज्यादा प्रयत्नशील है तो वह शिवपाल सिंह यादव ही है|

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