नेटवर्क मार्केटिंग का फ्रॉड

Posted by Abdul Majid
July 15, 2017

मैंने Network Marketing की बहुत तरीफ सुनी अपने Seniors से, जब Govt. Polytechnic Ghaziabad में शुरू-शुरू में पढ़ने पहुँचा था, लेकिन काफी विचार और खोजबीन के बाद पता चला की ये सब फ्रॉड है। जो कुछ समझा, आपके साथ साझा कर रहा हूँ. इसके फ्रॉड होने की वजह बिल्कुल आसानी से समझ में आने वाली है, पढ़िये और जानिए

नेटवर्क मार्केटिंग का नाम सुना है क्या? इसको Multi Level Marketing भी कहते हैं। ये पैसे कमाने का ऐसा ज़रिया है कि आदमी बिना कुछ किये ही करोड़पति बनने के सपने देखने लगता है। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दूं कि नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी अपना समान सिर्फ उनको बेचती है जो उसके मेंबर बनते हैं और मेंबर बनने के लिए फीस जमा करनी होती है और उनका सामान खरीदना होता है, अब जो मेंबर बनते हैं, उनको ये लालच दिया जाता हौ कि अगर तुम नये मेंबर बनाओगे तो तुमको, नये मेंबर से मिलने वाली रक़म में से कमिशन मिलेगा। इस तरह जब आपके द्वारा बनाये गए नये मेंबर, और नये मेंबर बनाएंगे तो आपको उनकी रक़म में से भी कमिशन मिलेगा, इस तरह आपके बाद आपके नीचे जितने मेंबर जुड़ेंगे कंपनी से, उतना ज़्यादा आपको कमिशन मिलेगा, इस तरह ये ममेंबरशिप का एक जाल(Network) बन जाता है। इसलिये इसको Network Marketting कहते हैं।

कुछ कंपनियाँ तो ऐसी हैं की कुछ बेचती भी नहीं, सिर्फ उनके मेंबर बनो, फीस जमा करो, और अपने नीचे मेंबर बनाते जाओ, आपको कमिशन मिलता रहेगा। ये तो हुआ, नेटवर्क मार्केटिंग का संक्षेप में परिचय। अब ज़रा ये समझो कि इस सिस्टम की खराबी क्या है।

असल में ये कम्पनियाँ फ्रॉड करती हैं, और नाम मार्केटिंग और बिज़नेस का लेती हैं। देखने में तो बड़ा अच्छा लगता है ये सब कि बिना मेहनत के कमाई होगी, लेकिन हकीकत ये है कि इस सिस्टम में थोड़े से लोगों को बहुत मोटी रक़म हाथ लगती है, और बहुत ही बड़े पैमाने पर लोगों का पैसा उन थोड़े से लोगों के हाथ में चला जाता है, और कंपनी आखिरकार बंद हो जाती है। कंपनी का बन्द होना तो तय ही है ये कंपनी कभी लम्बे समय तक चल नहीं सकती. इसकी वजह मुझे मिली मुफ्ती खालिद सैफुल्लाह रहमानी साहब के ज़रिए. वरना मैं ये सोचता रहता था कि ये कंपनियाँ आखिर कुछ टाइम में बन्द क्यों हो जाती हैं??

इनके बन्द होने की वजह:-
इन कंपनियों में ये शर्त होती है कि आपको कमिशन तभी मिलेगा जब आप किसी और को मेंबर बनाओगे. मेंबर बनाने की संख्या हर कंपनी में अलग अलग है. मान लो कोई कंपनी आपको कमिशन देना तब शुरू करती है, जब आप 5 नये मेंबर कंपनी को देते हैं. और मान लो कंपनी की शुरूआत में 1000 मेंबर कंपनी से जुड़ गए. (ये बौहत कम लिखा है मैंने, वरना इन कंपनीज़ की हिस्टरी देखोगे तो चौंक जाओगे). तो अब ये अपने नीचे 5-5 मेंबर जोड़ेंगे.तो इस तरह दूसरे लेवेल पर कंपनी के मेंबर्ज़ की संख्या 1000 x 5 = 5000 हो जाएगी.
अब मैं बिना कैलकुलेशन दिखाए, लेवेल लिखूंगा और उसमें जुड़ने वाले मेंबर्ज़ की संख्या:
1st Level – 1000 new menbers.
2nd Level – 5000 new members
3rd Level – 25000 new members
4th Level – 125000 new members
5th Level – 625000 new members
6th Level – 3125000 new members
7th Level – 15625000 new members
इस तरह सातवें लेवेल तक पहुँचने पर कंपनी के मेंबर्ज़ की संख्या 1,000 + 5,000 + 25,000
+ 125,000 + 625,000 + 3,125,000 + 15,625,000 = 19,531,000 हो जयेगी यानी एक करोड़ पिच्चांवें लाख इकतीस हज़ार. ये इतनी बड़ी संख्या है कि पूरे दिल्ली की आबादी के लगभग बराबर है. अब आप ज़रा सोचो कि क्या ये मुमकिन है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग ऐसी फ्रॉड कंपनीज़ के मेंबर बनेंगे? कोई भी आसानी से समझ सकता है कि ये नामुमकिन है. अब जब ये समझ में आ गया कि ये कम्पनियाँ कुछ लेवेल पूरे होने पर बन्द हो जाती हैं, आप किसी ऐसी कंपनी के मेंबर से मिले हों तो आपको पता होगा कि एक मेंबर बनाने के लिये कितनी मेहनत करनी पड़ती है; तो फ़िर करोड़ों मेंबर कैसे जुडेंगे? इसलिये एक लेवेल पर आकर ये कंपनी लोगों का पैसा लेकर गायब हो जाती हैं.

अब ये समझो कि फ्रॉड होता क्या है???
आपने देखा कि एक लेवल बढ़ने पर मेंबर्स की संख्या पिछले लेवेल से बौहत ज्यादा हो जाती है. इस तरह जितने लेवेल बढ़ते हैं, मेंबर्ज़ की संख्या उतनी ही तेज़ी से बढ़ती है. जो लोग शुरू में मेंबर बनते हैं उनको सबसे ज्यादा पैसा हाथ लगता है, और जो सबसे नीचे के लेवेल में रहते हैं, वो बेचारे नुकसान उठाते हैं, क्योंकि आगे लेवेल बढ़ता नहीं और बिना मेंबर बनाए उनको कमिशन मिलता नहीं, इसलिये उनका पैसा डूबता है, और वो पैसा ऊपर के लेवेल वालों की जेबों में जाता है. सबसे ज्यादा मेंबर सबसे नीचे की लेवेल में हैं, 15,625,000 मेंबर हैं, सबसे ज्यादा नुकसान इनको ही होता है, सबसे ज्यादा फायदा उन मेंबर्ज़ को होता है जो पहले लेवेल में हैं – यानी सिर्फ 1000 लोग सबसे ज्यादा फायदा उठाते हैं. अगर कम्पनी 7वें लेवेल पर बन्द हुई तो सबसे ज्यादा नुकसान, 7th, 6th & 5th लेवेल के लोगों को होगा और सबसे ज्यादा फायदा 1st, 2nd & 3rd लेवेल के लोगों को होगा. इसका मतलब फायदा होगा सिर्फ 1000 + 5000 + 25000 = 31000 लोगों को जो कि सबसे ऊपर वाले तीन लेवेल के लोग हैं और नुकसान उठाने वाले उनसे कई गुना ज्यादा यानी 625000 + 3125000 + 15625000 = 19,375,000 लोग होंगे, जो कि सबसे नीचे वाले तीन लेवेल्ज़ के लोग हैं.इतने सारे लोगों का पैसा डूबेगा, तब कुछ हज़ार लोग उसको हज़म कर जायेंगे.
तो करोड़ों लोगों का पैसा, सिर्फ कुछ हज़ार लोगों की जेबों में चला जाता है, मार्केटिंग के नाम पर. इससे बड़ा और क्या फ्रॉड होगा दोस्तों? मैं तो इस फ्रॉड का शिकार नहीं हुआ हूँ, लेकिन कई बार मुझसे इस तरह के लोगों ने इस बारे में बात की थी. मेरे जानने वाले काफी लोग इस में फँसे हैं, हो सकता है आपका भी जानने वाला कोई फँसा हो, और शायद कोई आपको भी फँसाने की कोशिश करे, तो होशियार रहिये ऐसे लोगों से, दूसरों को भी होशियार कीजिये, इस फ्रॉड से.

#NetworkMarketing

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