भारत के राष्ट्रवाद मे विदेशी निवेश

Posted by Alok Kumar
July 24, 2017

Self-Published

पहचानिए जनाब को यह हिंदी सिनेमा के बहुत बड़े सुपरस्टार हैं ।उन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों में अभिनय किया है समय समय पर वाह देश में चल रही गतिविधियों पर अपनी राय भी रखते हैं ।हां एक बात तो मैं भूल ही गया इस देश से मोहब्बत करने की दो शर्ते होती हैं ।एक तो यह की आप भले ही देश के संविधान के प्रति अपनी आस्था रखते हो या नहीं रखते हो केवल भारत माता की जय कह देने से ही आपके राष्ट्रवादी होने का प्रमाण मिल जाता है ।दूसरा यह की आप सेना पर खुलकर वाद विवाद नहीं कर सकते हैं ।साहब इन दोनों शर्तों पर बहुत ही फिट बैठते हैं ।मैं मानता हूं कि सेना के प्रति उन्होंने बहुत ही अच्छी और प्रेरणादायक कैंपेन चलाया है। पर यह बात देश के बहुत कम ही लोगों को मालूम होगा की यह कनाडा के भी नागरिक हैं जी हां मुझे गाली देने या झूठ बोलने वाला कहने की कोई जरूरत नहीं है। इनके पास भारत में वोट देने का अधिकार नहीं है आम तौर पर जिन लोगों के पास दोहरी नागरिकता होती है उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होता है। बात हो रही थी देश भक्ति और राष्ट्रवादिता पर ,साहब देश भक्ति और राष्ट्रवादिता पर बरसों से भी भाग लेते हैं। विश्वस्तर पर जब भी भारत को प्रमोट करने की बात होती है तो उसमें यह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं ।ताजा उदाहरण  महिला क्रिकेट विश्व कप का है ।जहां वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम को चीयर कर रहे हैं। अच्छी बात है करना भी चाहिए लेकिन झंडे को सीधे रखकर ।इस तिरंगे को सीधे रखकर ।हां बात जब क्रिकेट की हो रही है तो एक बात और कहना चाहूंगा देश में कुछ ऐसे तथाकथित लोग हैं जो क्रिकेट को राष्ट्रवाद से जोड़ देते हैं ।तो मैं उन लोगों से पूछना चाहूंगा की यह राष्ट्रवाद है कि नहीं उल्टे झंडे के साथ अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को चीयर करना। खैर बात अक्षय कुमार की हो रही थी हिंदी सिनेमा जगत में   इन्हें खिलाड़ी कुमार के नाम से जाना जाता है ।यह पोस्ट लिख कर मैं किसी के राष्ट्रवादी होने के प्रमाण पत्र पर उंगली नहीं उठा रहा हूं ।बल्कि यह बताना चाह रहा हूं कि भारत माता की जय तथा सेना के प्रति सहानुभूति रखकर कोई भी राष्ट्रवादी हो सकता है या राष्ट्रवादी दिखने की कोशिश कर सकता है ।पर जैसा कि मेरा मानना है की देशभक्ति और भारत के प्रति प्यार यह 2 चीजें दिखावे के लिए नहीं बल्कि  यह श्रद्धा दिलों में होनी चाहिए ।मुझे यह कहने में परहेज भी नहीं है कि झूठी राष्ट्रवादिता का दिखावा करके कुछ लोग आम लोगों को मूर्ख बनाते हैं। अक्षय कुमार वही कर रहे हैं अपने राष्ट्रवादी होने का परिचय नहीं बल्कि अपने आने वाली फिल्म का प्रोमोशन कर रहे हैं ।ऐसे लोगों को देश के सामने खुले में वाद और विवाद में हिस्सा लेना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि जो किसान खेतों में काम करता है जो शिक्षक अपनी पूरी निष्ठा के साथ इस देश के नौनिहालों का भविष्य संवारता है और वह तमाम लोग जो कठिन परिश्रम करते हुए तरक्की और खुशहाली में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं वह भी राष्ट्रवादी हैं। भले ही वह अपनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को शेयर करने के लिए विदेशों में नहीं जाते हो । बल्कि वह इस अक्षय कुमार से ज्यादा ही बड़े देशभक्त और राष्ट्रवादी हैं जिनके पास केवल और केवल भारत की ही नागरिकता है और उनके दिलों में सिर्फ और सिर्फ भारत और सिर्फ भारत ही बसता है। वे लोग जो सरकार की गलत नीतियों का खुलकर विरोध करते हैं सड़कों पर उतरते हैं लेख लिखते हैं इन तमाम गतिविधियों में सरकार के दुष्चक्र का शिकार भी होते हैं। वह भी कम बड़े भक्त नहीं है और इस अक्षय कुमार से तो बिल्कुल भी नहीं ।धन्यवाद
इंकलाब जिंदाबाद ,
जय हिंद जय भारत

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