वीमेन एम्पावरमेंट के पहलु

Posted by Nikhil Kaushik
July 12, 2017

Self-Published

एक बियर बार की कहानी है ,कुछ लड़के और कुछ लड़कियां एन्जॉय कर रहे थे किसी दोस्त की बर्थडे पार्टी थी, ग्रुप में से एक लड़के ने अपने एक साथी लड़की को कहा कि “तुम बहुत ज्यादा ड्रिंक कर चुकी हो अब रहने दो, तुम्हे घर भी जाना है और ये सिटी लड़कियों के लिए सेफ नही है, चलो मैं तुम्हे घर छोड़ देता हूं अब” उस लड़की को लगा कि ये वीमेन एम्पावरमेंट का विरोधी है, ये लड़कियों की आज़ादी के खिलाफ है, ये हम महिलाओं को कमजोर समझता है, ये समझता है कि हम अपनी सुरक्षा नहीं कर सकते ओर वो बन गयी अचानक से एक नेता और उस लड़के को लड़कियों की उपलब्धियां गिनाने लगी, इतिहास के सारे पन्ने पलट दिए, पुरा ग्रुप उसके पक्ष में हो गया, ऐसा लग रहा था कि मानो स्वयम नरेंद्र मोदी जी उसके अंदर प्रवेश कर चुके हैं और सभी भक्त बिना कोई सवाल किए मंत्रमुग्ध हो के उन्हें सुन रहा हो, बाकी लड़की बहुत सुंदर थी तो लड़के तो वैसे भी मंत्रमुग्ध थे, बेचारा लड़का चुप चाप सुन रहा था ,बीच मे बोले तो ये महिलाओं की इज़्ज़त न करने वाला बनाता, उनकी कामयाबी से जलने वाला इंसान कहलाता , नारी को कमजोर समझने वाला इंसान कहलाता , फिर जब माहौल थोड़ा शांत हुआ तो लड़के ने उस लड़की से कहा कि आपकी सब बातें जायज़ है, मुझे बस इतना कहना है की जानवरो को बेहतर सिर्फ एक जानवर ही समझ सकता है, बाहर आदमखोर जानवर घुम रहे हैं जो आप जैसे शिकार के इंतज़ार में घात लागए बैठे हैं , मैं भी एक जानवर हूँ पर आदमखोर नहीं । पता नहीं बात सही कही या ग़लत लेकिन अच्छा लगा।

पिक्चर क्रेडिट – Winkreative

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