इंजीनियरिंग के हसीन सपने, पार्ट-1

Posted by Mukund Verma in Education, Hindi
July 3, 2017

इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन का मौसम आ गया है, बारहवीं और डिप्लोमा के रिज़ल्ट्स भी आ चुके हैं। हमारे समय की ही तरह आज भी स्टूडेंट्स की एक ऐसी जमात है जिनका ना IIT में सलेक्शन हुआ और ना ही NIT लेवल के कॉलेज में। जिनका इन कॉलेजों में हो गया उन्हें ये सोचने के ज़रूरत नहीं है कि कॉलेज कैसा होगा या एडमिशन लेकर उन्होंने सही किया या नहीं। क्यूंकि उन्हें पता है कि ये कॉलेज टॉप 10, 20 या 30 में आते हैं। यहां से पढ़ाई करके निकलने पर एक नौकरी तो मिल ही जाएगी, बात सही भी है।

अब बात करते हैं उन लोगों की जिनका इन कॉलेज में सलेक्शन नहीं हुआ है और वो भी किसी न किसी कॉलेज में एडमिशन लेकर इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। हमारी ही तरह इनकी भी परेशानी होगी कि आखिर किस कॉलेज में एडमिशन लिया जाए और किसमें नहीं लिया जाए। इस पड़ाव पर हमें ऐसे-ऐसे कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम सुनाई और दिखाई पड़ते हैं जिन्हें पिछले सात जन्म में ना कभी हमने सुना और ना कभी देखा। इसलिए दुविधा में पड़ना आम बात है। ऐसे नौजवानों के लिए कुछ हिदायतें है जो अपने अनुभव के आधार पर बांटना चाहता हूं, शायद ये आपके काम आ जाए।

1. कॉलेज सलेक्ट करने में जल्दबाजी न करें, समय लें और अति-उत्साह में न आएं।

2. कॉलेज के बारे में पता करें, उसकी ऑनलाइन रैंकिंग चेक करें और उसका AICTE से अप्रूवल चेक करें।

3. कॉलेज की बड़ी बिल्डिंग और बड़ा कैंपस देख कर अंधे न बन जाएं। आपको वहां पढ़ने जाना है, कैंपस की हरी-हरी घास चरने नहीं।

4. ऐसे कॉलेज से बचे जो अखबारों में बड़े-बड़े एड देते हैं और अपनी बिल्डिंग के अलावा कुछ नही दिखाते। ये कॉलेज सिर्फ और सिर्फ पैसे कमाने के लिए बने होते हैं।

5. कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले ये पता करें कि वहां कौन-कौन सी कंपनी आती है और किन-किन कंपनी में प्लेसमेंट (जॉब) मिलती है। इसके लिए कॉलेज में पढ़ रहे या पढ़ कर निकल चुके छात्रों से बात करें। आपके आस-पास कोई न हो तो फेसबुक पर आराम से सर्च करें और बात करें।

6. प्लेसमेंट की एक्टिविटीज़ के लिए, हर कॉलेज में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल (T&P Cell) होता है। उसके बारे में पूछिए और उसके हेड से बात करिए। ध्यान रखिये अगर कोई कॉलेज इसकी जानकारी देने में आनाकानी करता हो, तो उस कॉलेज को अपनी लिस्ट में लास्ट में रखें।

7. डोनेशन देने से बचें, डोनेशन का खेल कॉलेज के कई स्टूडेंट्स अपनी फी निकालने के लिए भी खेलते हैं। कभी-कभी 10,000 की जगह वो  आपसे 50,000-100,000 भी लूट/ठग सकते हैं। हर एक लूट के बाद ये आपको कॉलेज के कैंपस में ही तफरी मारते हुए दिख जाएंगे। ऐसे कॉलेज को अपनी लिस्ट में लास्ट में रखिये। और अगर ऐसे ही एडमिशन लेना है तो कॉलेज की रैंकिंग और उसका प्लेसमेंट ज़रूर देखें।

8. अगर आपको खुद पे यकीन है तो एक साल और तैयारी करें। जल्दबाजी में एडमिशन लेकर 4 साल गुज़ारने के बाद डिग्री लेकर 2 साल जॉब सर्च करने से वो बेहतर है।

9. सिर्फ इसलिए किसी कॉलेज में एडमिशन न ले कि आपका कोई पड़ोसी भी वहां पढ़ रहा है, बल्कि ऊपर लिखी बातें पड़ोसी से और अच्छे से जान लें, फिर फैसला करें।

10. इंजीनियरिंग ही दुनिया नहीं है, हो सकता है आपके पास इतने पैसे न हो कि कहीं एडमिशन ले सकें या आपको कुछ और करना पसंद हो। वही करें, जो आपको पसंद हो, पैशन को फॉलो करना इसे ही कहते हैं और आपका पैशन के लिए ज़ज्बा इन्ही हालात में दिखता है। आप कुछ और भी कर सकते हैं और किसी IITian से ज़्यादा पैसे और नाम कमा सकते हैं। इसलिए इंजीनियरिंग को करियर की तरह देखें, ज़िंदगी या भगवान की तरह नहीं।

ये सारी बातें मैंने बताना ज़रुरी समझा क्यूंकि मेरे कई छोटे भाई-बहन इस मोड़ पर हैं और कॉलेज/यूनिवर्सिटी को लेकर मुझसे सवाल पूछते रहते हैं। इसलिए आप ये बातें अपनी बहनों, भाइयों और दोस्तों को भी बताएं। किसी का समय और पैसा बर्बाद नही होना चाहिये। बाकी कुछ और जानना चाहें तो पूछिए, मैं अपने अनुभव के आधार पर पूरी जानकारी देने की कोशिश करूंगा।

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