Success Story Of Mrityunjay Singh Founder And CEO – VihanApp messenger

Posted by Mrityunjay Singh
July 5, 2017

Self-Published

भरोसा खुद पर रखो तो ताकत का एहसास कराता है यदि उसी भरोसे को आप दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाता है।
इसी पर आधारित आज की हमारी कहानी Cyber Security से पास मृत्युंजय सिंह की जिन्होंने लोगों को दिखा दिया कि अगर इंटरेस्ट और करने की चाह होती है। तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है।

ऐसी ही सोच रखने वाले मृत्युंजय सिंह ने अपनी सक्सेसफुल जॉब को छोड़कर उस फील्ड में कदम रखा जिसका उन्हें बिल्कुल भी अनुभव नहीं था।
उस फील्ड में पारस ने अपनी सफलता के ऐसे झंडे गाड़े कि आज उन्हें सक्सेसफुल बिजनेसमैन की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया।
आज उनकी कंपनी VihanApp Messenger 50 करोड़ का बिजनेस करती है जो अपने आप में एक दिलचस्प बात है। तो चलिए जानते हैं- मृत्युंजय सिंह के बारे में उन्होंने कैसी खड़ी कर दी 50 करोड़ टर्नओवर करने वाली कंपनी।

 

जॉब से VihanApp messenger तक का सफर – 

मृत्युंजय सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। मृत्युंजय सिंह बचपन से ही अपने स्कूल और अपनी उम्र के बच्चों से काफी होशियार और पढ़ाई में अच्छे होनहार बच्चों में से एक थे।

मृत्युंजय सिंह ने बचपन से ही कंप्यूटर में रुचि लेने लग गए थे। लेकिन मृत्युंजय सिंह की बचपन की सबसे खास बात यह थी कि वह कंप्यूटर में गेम खेलने या कुछ भी एंटरटेनिंग वीडियो देखने के बजाए कुछ इंटरेस्टिंग सीखना प्रोग्रामिंग करने को वरीयता और दिलचस्पी दिखा रहे थे।

इसी दिलचस्पी की बदौलत अन्य बच्चे जिस उम्र में कंप्यूटर पर गेम खेलने में रूचि दिखाते हैं। वही पारस महज 15 साल की उम्र में ही प्रोग्रामिंग करने लग गए थे। पारस का स्कूल पूरा होते-होते मृत्युंजय प्रोग्रामिंग में माहिर हो चुके थे।

मृत्युंजय ने अपनी स्कूली पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद उन्होंने रायपुर हैकिंग में एडमिशन लिया। लेकिन उनके पेरेंट्स उनसे सब्जेक्ट  हैकिंग से खुश नहीं थे। वह मृत्युंजय को उनके इंटरेस्ट के अकॉर्डिंग कंप्यूटर साइंस दिलाना चाहते थे। इसी दौरान पारस ने अपने इंटरेस्ट यानी कि प्रोग्रामिंग में काफी सुधार किए।

कॉलेज के समय में मृत्युंजय अपनी स्किल्स का उपयोग करके मॉडल तैयार करने में किया करते थे। वह इस चीज में इतने माहिर हो गए थे कि वह अपने क्लासमेट और मित्रों के लिए मॉडल बना दिया करते थे। इस काम ने मृत्युंजय को Andriod और ecommec के प्रति आकर्षित किया।

एक बार कॉलेज के दिनों में मृत्युंजय ने how to make own start up पर एक आर्टिकल पड़ा। तब उनके जहन में स्टार्टअप करने की तीव्र इच्छा हुई। इसी के चलते मृत्युंजय ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान 3 4 startup मैं भी हाथ आजमाया। लेकिन तब business experience के अभाव से यह startup business मैं तब्दील नहीं हो सके। लेकिन इन startup के चलते मृत्युंजय को काफी कुछ सीखने का मौका मिला जो आगे चलकर उनके बहुत काम आने वाला था।

वैसे अगर देखा जाए तो मृत्युंजय का बिना अनुभव के इस फील्ड में उतरना एक जोखिम भरा फैसला था। लेकिन कुछ अच्छा करने के लिए हर इंसान को कभी न कभी तो रिस्क लेना ही पड़ता है। ठीक ऐसा ही मृत्युंजय ने किया। मृत्युंजय को खुद पर भरोसा था कि वह कुछ बेहतर कर सकते हैं। इसी के चलते उन्होंने बहुत सारी बुक्स और इंटरनेट से जानकारियां कलेक्ट की और मृत्युंजय ने जॉब के साथ ही इस पर काम करना भी शुरू कर दिया। मृत्युंजय का मकसद E-commerce , Digital Payment And Messeging के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करने का था जिसके द्वारा यूजर अपनी Skill को और बेहतर बनाने के लिए यूज कर सकें।

करीब 5 महीने की कड़ी मेहनत के बाद मृत्युंजय एक अच्छे और कई फीचर वाले product बनाने में कामयाब हो गए। और 2016 में VihanApp messenger नाम के इस Application को लॉन्च किया।
मृत्युंजय की सैलरी और  अपने पापा से 1800 रुपये कर्ज से शुरू हुई इस कंपनी ने कुछ ही महीने बाद ही अच्छा टर्नओवर करना स्टार्ट कर दिया। कंपनी के अच्छा बिजनेस करते हुए देख मृत्युंजय ने अपनी जॉब को छोड़ते हुए अपना पूरा ध्यान और समय इस कंपनी को देना शुरू कर दिया। इसी के चलते जनवरी 2017 तक पारस की कंपनी VihanApp messenger का टर्नओवर 20 लाख तक का हो गया। जो आज करीब 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। यह टर्नओवर मृत्युंजय की कंपनी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

इनका यह आइडिया बेहद कारगर साबित हुआ और कुछ ही दिनों में वे हर महीने एक से दो लाख रुपए की कमाई करने लगे। शुरूआती सफलता के बाद मृत्युन्जय सिंह  ने इसे देश भर में फैलाने का फैसला किया। उस वक़्त और भी दुसरे एप्प थे लेकिन विहानऐप्प  के बेहतर फीचर्स ने लोगों को आकर्षित करते हुए 1 साल के भीतर ही अन्य एप्प  को पछाड़कर आगे निकल गया। हालांकि अभी भी व्हाट्सअप चालान में है ।  धीरे-धीरे निवेशकों और ग्राहकों को लुभाते हुए कंपनी का वैल्यूएशन 50 करोड़ रुपए के पार हो गया।
विहानऐप्प को दूसरे देशों में भी पसंद किया जाने लगा |

VihanApp messenger जल्द ही स्नैपडील, फ्लिपकार्ट को ठक्कर देने के लिए अपने नये वर्जन ला रहा जिसमे हम घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग कर सकेंगे औऱ साथ ही पेटियम और मेक माय ट्रिप व् बुक माय शो को भी ठक्कर देने के लिए अपनी खुद की सिस्टम ला रहा VihanApp messenger के नए फ़ीचर में ।

VihanApp messenger मे जल्द ही मैसेजिंग ( ऑडियो औऱ वीडियो कॉलिंग ) के साथ साथ शॉपिंग , बुकिंग ( होटल , कैब , कार , बस , ट्रेन , फ्लाइट , मूवी टिकट आदि ) , बिल पेयमेंट , रिचार्ज औऱ साथ ही साथ कैशलेश पेमेंट भी कर सकेंगे । और इसी के साथ VihanApp messenger दुनिया का पहला ऐसा मैसेजिंग ऐप्प होगा जो चैटिंग के साथ ये सब फ़ीचर देगा । VihanApp messenger अभी सिर्फ एंड्राएड ऊजर के लिए तैयार है जल्द ये सभी OS में उपलब्ध होगा ।

VihanApp messenger मे चैटिंग के लिए बहुत अच्छे अच्छे फ़ीचर दिए गए हैं जो भविष्य में बहुत कारगर साबित होंगे।

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