महिलाओं के नंगे जिस्म के भूखे देश में सनी लियोनी हो जाना

आपके माता- पिता क्या करते हैं? बस यूँ ही पूछ रही। इससे ये पता चल जाएगा कि आप आगे क्या करेंगे! अब हमारे यहां तो नेता का बच्चा नेता, अभिनेता का बच्चा अभिनेता और व्यापारी का बच्चा व्यापारी। एकदम करियर सेट है। (कुछ अपवाद को छोड़कर) कोई जद्दोजहद नहीं, संघर्ष नहीं, माथे से पसीना बहाने की ज़रूरत नहीं। क्योंकि आप सोने के चम्मच के साथ पैदा हुए हैं। तो अपनी इस किस्मत का जश्न मनाइए।

लेकिन किसान का बच्चा अगर अभिनेता बनना चाहे तो, मजदूर का बच्चा अगर अधिकारी बनना चाहे तो, अगर एक वेश्या की बेटी जनप्रतिनिधि बनना चाहे और राजनीति में आना चाहे तो, और एक पॉर्न स्टार की बेटी साधारण सी गृहिणी बनना चाहे तो?

नहीं पच रहा है ना, कुछ को हंसी आ रही है और कुछ को अटपटा लग रहा है। किसान – मज़दूर के बच्चों को तो कई बार अधिकारी बनते देखा है जिनके संघर्ष की भी अपनी कहानी होती है। लेकिन वेश्या की बेटी जनप्रतिनिधि, पॉर्न स्टार की बेटी गृहिणी हमारे देश में अभी नामुमकिन सा लगता है। फूलन देवी की कहानी याद करिए रोएं खड़े हो जाते हैं। हालांकि फूलन देवी कोई वेश्या नहीं थी, ना ही पॉर्न स्टार थी अपनी लड़ाई और संघर्ष की पराकाष्ठा से संसद तक तो पहुंच गई लेकिन पुरुषवादी जाति आधारित समाज की कुंठा उसे बर्दाश्त नहीं कर पाया।

अभी भी हमारी सोच राजा का बेटा राजा से ज्य़ादा नहीं बढ़ी है। दरअसल, सनी लियोनी ने एक बेटी को गोद लिया है। यह बच्ची महाराष्ट्र के लातूर की है। बच्ची का नाम निशा वीबर है। जैसे ही यह जानकारी लोगों तक पहुंची कुछ लोगों ने तो बधाई दिया लेकिन कुछ को सनी की बेटी की चिंता होने लगी। कुछ ने यहां तक लिखा कि सनी की बेटी पॉर्न स्टार बनेगी या कुछ और? सबसे पहले पॉर्न स्टार होना या वेश्या होना कोई अपराध नहीं। ये बलात्कार, लूट नहीं हैं जिसे कुंठा ग्रसित लोग अंजाम देते हैं।

वेश्या, रंडी, पॉर्न स्टार, को गाली वो लोग समझते हैं जिन्हें अंधेरे में इनके दरवाज़े पर जाना या मोबाइल में पॉर्न वीडियो देखने में अच्छा लगता है लेकिन उजाला होते ही यह गाली हो जाती है।

ख़ैर,हमारा समाज जब महिलाओं को “एक समान” और बिना “देवी” बनाए “सामान्य” होकर जीवन जीने का परिवेश नहीं दे पाया है। जहां सेक्स की बात करते हुए ही आवाज़ दब जाती वहां सेक्स वर्कर और उनके बच्चो को सहज़ता से लिया जाए यह अपेक्षा करना ही गलत है।

सिनेमा प्यासा का वो संवाद याद करिए वहीदा रहमान ने कहा “मैं एक गिरी हुई लड़की हूं, एक वेश्या पर तुम तो ऐसे नहीं, तुम्हारे मुंह से ये अपशब्द शोभा नहीं देते। ” “चाहे चांदनी बार की तब्बू को याद कर लीजिए। जो अपने बच्चों को इससे अलग रखने के जद्दोजहद में हार जाती है।” कई रिपोट्स हम देखते हैं जिनमें सेक्स वर्कर के बच्चो की जद्दोजहद लिखी होती है।

लेकिन सनी लियोनी धीरे-धीरे ही सही कई मानको को तोड़ रही हैं। सनी एक पूर्व पॉर्न स्टार है, लंबे समय तक पॉर्न वीडियो में काम किया है। बिग बॉस के घर से सिनेमा में आईं। उसके बाद समय- समय पर कई बार विरोधों का सामना किया है। जिस्‍म 2 के पोस्टर का विरोध हो या रागिनी एमएमएस 2 के प्रमोशन के दौरान हो लेकिन रुकी नहीं। बढ़ रही हैं। कई बार इंटरव्यू में उन्हें असहज करने वाले सवाल पूछे गए हैं जिनका उन्होने पूरी शालीनता के साथ जवाब दिया है। बड़े – बड़े लोगों को देखा है इंटरव्यू बीच में छोड़कर भागते हुए !लेकिन सनी लीयोनी कहतीं हैं कि इस तरह का सवाल जीवन भर मुझसे पूछे जाएंगे। मैं फाइटर हूं।

जहां लड़के के बाइक के पीछे बैठने पर मुंह दुपट्टा से ढकना पड़ जाए वहां सनी लियोनी होना आसान नहीं है!  शादी करने के बाद अब 21 महीने की बेटी की मां हैं। इतनी मेहरबानी हो कि 21 महीने की बच्ची 21 साल होने पर क्या बनेगी ये उसी पर छोड़ दिया जाए।अभी सुकून से अपना बचपन  जी लेने दीजिए।

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