बंद करो ये अफवाह

Posted by Er Dev Anand
August 6, 2017

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अभी पिछले दिनों न्यूज़ में पढ़ा कि 74 और महिलाओं की चोटी कटी। यह किसी समाचार पत्र की हेडिंग थी ।इसमें कुछ और हेडिंग ऐसे भी थी ,कुशीनगर में किशोरी और महिला की चोटी कटी। अफवाह फैलाने वाले हुए गिरफ्तार। सक्रिय हुई पुलिस, जांच में आई तेजी

ऐसे ही न्यूज़ पिछले दो दिनों से सभी अखबारों में मुख्य पृष्ठ पर आ रहे हैं पहली बार जब इस न्यूज़ के बारे में इंटरनेट वीडियो से जाना तो एक बार की तरह विश्वास नहीं हुआ। क्योंकि खबरों की विश्वसनीयता और इस तरह की खबरों पर विश्वास करना अब सहज नहीं रह गया है । खबर यह है दिल्ली,हरियाणा,राजस्थान के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी छोटी कटवा गैंग को लेकर अंधविश्वास फैल रहा है। ग्रेटर नोएडा आगरा मथुरा से लेकर इटावा और मैनपुरी तक लड़कियों की छुट्टी काटने की घटनाएं सामने आ रही है ।आगरा में तो छोटी कटवा की दहशत से लोगों ने एक महिला को मार डाला।

अफवाह फैलाई जा रही है कि पहले महिलाओं के सिर में तेज दर्द होता है। फिर वह बेहोश हो जाती है और तब उनकी चोटी काट दी जाती है। महिलाओं के अनुसार यह कोई बुरी आत्मा है। जिसकी नजर उनके बालों पर है।इस कथित आत्मा से बचने के लिए कहीं लड़कियां अपने छोटी में नींबू मिर्ची लटका रही है तो कहीं पांव में महावर लगा रही है। बच्चों को भी महावर लगाया जा रहा है। घर की दीवारों पर हाथ के हल्दी और गेरू के छापे लगाए जा रहे हैं। महिलाएं डर के मारे सिर में कपड़ा बांधकर सो रही है। अन्य स्थानों पर लोग तांत्रिकों के झांसे में भी आ चुके हैं।

पर डरे नहीं या कोई बुरी आत्मा नहीं है बल्कि यह कुछ असामाजिक तत्व है जो अंधविश्वास फैला कर लोगों को परेशान करना चाहते हैं ।मनोविज्ञान की भाषा में ऐसे लोगों को सैडिस्ट,परपीड़ा प्रेमी कहा जाता है ।बहुत साल पहले मुंहनोचवा का भी इसी तरह फैला था वह भी हमारे आसपास रहने वाले कुछ लोगों का ही कारनामा था। ऐसे लोगों की धरपकड़ खुद समाज ही कर सकता है। पुलिस को  आमजन को सतर्क करना चाहिए और इस मामले में पुलिस की कार्रवाई प्रशंसनीय है। अफवाहों के सिर पर नहीं होते हैं ना ही उनकी कोई काया होती है जिसे पुलिस पकड़ सके हां  प्रभावित इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग और छोटी-छोटी मोहल्ला सजगता बैठके करनी चाहिए। सतर्कता और समझदारी से ही इस अंधविश्वास को दूर किया जा सकता है सोशल मीडिया तथा व्यक्तिगत स्तर से हर स्तर से कृपया आप इस अफवाह को दूर करें और अंधविश्वास से बचें।

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