बीटेक सम्भावनाओं की असीम दुनिया

Posted by Avinash Shanu
August 31, 2017

Self-Published

उच्च माध्यमिक विद्यालय तक पढ़ाई की बोझ से उब चुके छात्रों के लिए कालेज का इंतजार कौतूहल भरा होता है । उनके लिए अच्छे कालेज का मतलब मस्ती की पाठशाला होती हैं जहाँ वो सारी बंदिशों से मुक्त हो कर खुद के पसंद की जिंदगी जी सके।समाज  और  रिश्तेदारों के बीच उस कालेज की ख्याति बता कर अपने अभिभावकों का मान- सम्मान बढ़ा सके।

इस चयन की प्रक्रिया में अभिभावकों की अहम भूमिका होती हैं । वे बच्चों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए ऐसे संस्थान का चुनाव करते हैं जो उसे अच्छी नौकरी दिला सके। ऐसे समागम में बीटेक का चयन हमेशा ऊपर होता है ।

कालेज में दाखिला लेते ही छात्रों में नए पंख आ जाते हैं जो उन की उड़ान के दायरे को निरंतर बढाते जाती हैं। बुलंदियों के उन ऊंचाई से हर मुकाम समीप नज़र आती है और ख्वाब हकीक़त लगने लगती है ।छात्र खुद में चौतरफा विकास की ओर अग्रसर होते हैं जो आज के युवा समाज की जरूरत भी है। इसी क्रम में उन्हें खुद के पसंदीदा कार्य क्षेत्र का ज्ञात होता है।

अपने पसंदीदा क्षेत्र में जाने की कवायद लगातार प्रबल हो जाती है कि अधिकांश पल उसी कार्य को समर्पित रहता है ।

पढाई के आखिरी पड़ाव पर नौकरी पाने की होड़ या तो लग जाती है या अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा लगा दी जाती हैं।इस वक्त  सब से ज्यादा अहमियत नौकरी को ही मिलती है भले ही वो किसी भी क्षेत्र की हो । नौकरी पाने वाला उसे पा कर  खुश है या नहीं ये सवाल किये बगैर उस की काबिलियत दिखा कर दूसरों को कोसा जाता हैं । इस खेल के जरिए कइयों के जिन्दगी को उदासीनता में धकेल दिया जाता है ।

अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों द्वारा चुने गए मार्ग पर चलने में उस का सहारा बने रहे क्योंकि खुद से कार्यक्षेत्र का चयन करना कोई आसान चीज नहीं है यह उस बीटेक की ही देन है इसलिए आप भी गर्व कीजिए।

 

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