माँ की बताई एक अच्छी बात ने, बचाई बरसो की कमाई

Posted by gkdukan
August 17, 2017

Self-Published

एक दिन की बात है , एक गरीब लड़का जोकि घर-घर जाकर सामान बेचता था एक दिन उसे रस्ते में चलते-चलते भूख लग गई और उसने पाया की उसके पास सिर्फ कुछ ही पैसे रह गए है ।

तब उसने फैसला किया की वो अगले दरवाज़े पे जाकर कुछ खाने के लिए मांग लेगा , जैसे ही वो दरवाज़े पे पंहुचा और बेल बजाई । दरवाज़ा खुला तो देखा की सामने एक खूबसूरत लड़की खड़ी है उसे देखते ही उस लड़के के होश उड़ गए , खाना मांगने की बजाए उसने पानी मांग लिया ।

लड़की ने जब उसका चेहरा देखा तो उसे लगा की वो तो भूखा लग रहा है और गलती से उसने खाना मांगने के पानी मांग लिया है , इसीलिए वो अंदर गई ओर एक बड़ा गिलास दूध ले आई । जिसे उस लड़के ने बड़े धीरे-धीरे पिया ओर पीने के बाद उसने उस लड़की से कहा की  . ” में आपको इसके लिए कितने पैसे देने है ? “

उस लड़की ने इसका उत्तर देते हुए कहा की , ” आपको इसके लिए  कुछ देने की ज़रूरत नहीं , मेरी माँ ने मुझे बताया है कि किसी की मदद के बदले कभी पैसे नहीं लेना चाहिए ” । इसे सुनकर लड़का बहुत खुस हुआ और उसने लड़की को कहा कि , ” फिर तो में  तहे दिल से सुक्रिया करता हूँ ” ।  

जब वह लड़का वहाँ से गया तो उसने पाया कि न सिर्फ वह शारीरिक रूप से अधिक मजबूत है और भगवान के ऊपर विश्वास भी मज़बूत हुआ है ।

 

कुछ सालो बाद उस लड़की कि तबियत अचानक ख़राब हो गई और इतनी ख़राब कि स्थानीय चिकित्सक भी उसे देखकर चकित थे। उन्होंने उसे तुरंत शहर के एक बड़े हॉस्पिटल भेजा गया जहाँ दुर्लभ रोगों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों से मुलाकात कि इस रोग के परामर्श के लिए डॉ. हावर्ड केली को बुलाया गया । जैसे ही डॉ. हावर्ड केली उस लड़की के गांव का नाम सुना तो उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई थी , वह तरुंत अस्पताल के हॉल अपने कमरे में नीचे  गया और डॉक्टर का गाउन पहनकर वो उस लड़की को देखने गया ।

जब उसने उस लड़की को देखा तो उसने एक बार में ही उसे पहचान लिया । उसने उस लड़की को बचाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर ली और उसी दिन से उस लड़की पर विशेष ध्यान दिया। काफी लम्बे संघर्ष के बाद , आखिरकार वह लड़ाई जीत गए । इसके बाद डॉ. हावर्ड केली ने बिजनेस ऑफिस से अनुरोध किया कि उस लड़की का पूरा बिल कितना बना उसका बिल उसे दिखाया जाए ।

 

 

बिल के आते ही उसने उस बिल को देखा फिर किनारे पर कुछ लिखा और बिल को उस लड़की के कमरे में भेज दिया । जब उस लड़की ने बिल देखा तो उसने सोचा कि उसकी सारी जीवन कि जमा पूंजी इस इलाज में चली जाएगी और डरते-डरते उसने उस बिल को खोला ।

जब उसने बिल खोला तो वह चकित रह गई उसने देखा, कि उस बिल पर कुछ लिखा हुआ है , उसने उसे पढ़ा .. ” मैंने आपके एक गिलास दूध का भुगतान कर दिया है “
(हस्ताक्षर)                                                                                                                                   डॉ. हॉवर्ड केली

 

इसे देखते ही उस लड़की कि आंखे खुसी से भर गई और उसने भगवान से प्राथना कि ,” है भगवान तेरा धन्यवाद् कि तेरा दिया हुआ प्यार आज हर इंसान अपने दिल और हाथो से बाट रहे है “

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