मासूमो की मोैत का जिम्मेदार कोैन?

Posted by Aman Rawat
August 14, 2017

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योगी जी को गंदगी से बहुत घृणा है इसलिए वह रोज किसी ना किसी अखबार मे रोड़ पर झाडू मारते हुऐ दिखाई देते है। यही नही कोई गरीब उनसे मिलने जाये तो पहले स्नान करे फिर जाये। इतने समय से वह गोरखपूर के सासंद भी रहे है । वह अस्पताल के हालत पहले से ही बाखूबी जानते होंगे। दो दिन पहले अस्पताल विज़िट भी किये थे। अब जब वह अस्पताल गये होंगे तो वहा वह समोसे या पकोैडी खाने तो नही ही गये होंगे ? सफाई भी देखी होंगी ? अोैपीडी भी देखे होंगे । चिकित्सक से मिलकर अस्पताल की समस्‍याओं को भी जाना होगा। अब जब ऑक्सीजन की कमी की वजह से इतनी बडी़ संख्या मे मासूमो की मोैत हो गई है । तो तर्क दिया जा रहा है कि अस्पताल मे गंदगी थी । कुछ का बयान अा रहा है कि मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है चली मान लिया मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है । दो चार मोैते होती तो मान लिया जाता कि मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है लेकिन यहा तो साहब पचास से अधिक मोैते हुई है? अब महज यह संजोग तो नही ही हो सकता? अब जब अापसे गलती हुई ही है तो इसे छिपाना क्यूँ ? गलती मानिये कोई अापको फासी पर तो चढा नही देगा । या अापको इस बात का डर है कि कही योगी सरकार की इमेज ना खराब हो जाये? ऊपर से अापके स्वास्थ्य मंत्री कह रहे है कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं" क्यूँ? कैसे? इतना घटिया बयान । कोई नेता कह रहा है। अस्पताल मे सात - अाठ मोैते तो रोज होती है इतनी बेशर्मी लाते कहाँ से हो?? मासूमों की मौत को आलू टमाटर की गिनती की तरह पेश कर रहे हो।? #शर्म करो #डूब मरो courtesy- #अमन #रावत

By Aman Rawat

योगी जी को गंदगी से बहुत घृणा है इसलिए वह रोज किसी ना किसी अखबार मे रोड़ पर झाडू मारते हुऐ दिखाई देते है। यही नही कोई गरीब उनसे मिलने जाये तो पहले स्नान करे फिर जाये। इतने समय से वह गोरखपूर के सासंद भी रहे है । वह अस्पताल के हालत पहले से ही बाखूबी जानते होंगे। दो दिन पहले अस्पताल विज़िट भी किये थे। अब जब वह अस्पताल गये होंगे तो वहा वह समोसे या पकोैडी खाने तो नही ही गये होंगे ? सफाई भी देखी होंगी ? अोैपीडी भी देखे होंगे । चिकित्सक से मिलकर अस्पताल की समस्याओं को भी जाना होगा।
अब जब ऑक्सीजन की कमी की वजह से इतनी बडी़ संख्या मे मासूमो की मोैत हो गई है । तो तर्क दिया जा रहा है कि अस्पताल मे गंदगी थी । कुछ का बयान अा रहा है कि मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है चली मान लिया मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है । दो चार मोैते होती तो मान लिया जाता कि मासूमो की मोैत इन्सेफ्लाइटिस रोग से हुई है लेकिन यहा तो साहब पचास से अधिक मोैते हुई है? अब महज यह संजोग तो नही ही हो सकता? अब जब अापसे गलती हुई ही है तो इसे छिपाना क्यूँ ? गलती मानिये कोई अापको फासी पर तो चढा नही देगा । या अापको इस बात का डर है कि कही योगी सरकार की इमेज ना खराब हो जाये? ऊपर से अापके स्वास्थ्य मंत्री कह रहे है कि अगस्त में तो बच्चे मरते ही हैं” क्यूँ? कैसे? इतना घटिया बयान । कोई नेता कह रहा है। अस्पताल मे सात – अाठ मोैते तो रोज होती है इतनी बेशर्मी लाते कहाँ से हो?? मासूमों की मौत को आलू टमाटर की गिनती की तरह पेश कर रहे हो।?
# शर्म करो # डूब मरो
courtesy- # अमन # रावत

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