मासूम, मजलूम रोहिग्न्या मुस्लिमो पर बोद्ध आतंकियों का आतंक।

Posted by Mohammad Aadil
August 30, 2017

Self-Published

#UN_यानी_यूनाइटेड_नेशन_मुस्लिम_के_लिए_दज़्ज़ाल_है

आप इन तस्वीरों को गौर से देखो यह महज तस्वीरें नही हैं यह आज की दूनियाँ के अदल इन्साफ और इंसानी बका के नाम नेहाद लोगों तंजीमों के गाल पर जोर दार तमाचा है?
इस में एक तस्वीर उस मासूम आयलन कुर्दी की जिसकी मासूमियत को समंदर भी नहीं निगल सका…. वह समंदर में उतरा तो ख़ौफ़ज़दा था…समंदर ने शफ़क़त से प्यार से उस नन्हे बच्चे को अपनी बाहों में ले लिया लहरों में झूला झूला कर थपक थपक कर सूला दिया और दूनियाँ वालों के मुँह पर तमाचा मारने के लिए किनारे पर इज्जत ऐहतराम से रख दिया,,, हम ने चंद आँसू बहाये कागज काले किये और चंद दिनों में भूल गये।
दूसरी तस्वीर नन्हे अज़ीज़ की है,,, कोहे संजर पर माजूरी की हालत में कई दिनों तक पड़े ओढे उस गूबदन की आँखें लगातार सूरज को तकते रहने से अंदर तक झुलस गयीं कियुं की उसकी जख्मों से चूर2 माँ उस के वजनी होने की वजह से उसे उठाकर भाग नहीं सकती थी और वह माजूरी की वजह से करवट बदल नहीं सकता था,सो उसकी नरगिसी आँखें सूरज से नजरें मिलाए मिलाए हमेशा के लिए बूझ गयीं ,,,, बन्द फिर भी ना हो सकीं!!!
और तीसरी है ओमरान दकनीस हल्बी की यह तस्वीर , आज यह तस्वीर पूरी दूनियाँ के अखबारों में छपी है, इस पर आदरे और कालम लिखे का जा रहे हैं सहर तराज कलाम कार अपनी जंबील स्व चुन चुन कर मातमी अल्फाज तरतीब दे रहे हैं,,, ख्वातीन पढ़कर हिचकियाँ ले ले कर रोयेंगीं, मर्द बड़ी ब्रदबारी से रूमाल से भीगती आँखें साफ़ करेंगे,और कल परसों छोड़कर कर तरसों वही लब वही रुख़सार की बातें होंगी,, यही दस्तूर है दूनियाँ का आखिर कोई कब तक किसी के लिए रोयेगा…

और चौथी तस्वीर है रोहीनगियाँ की इस बच्ची की जिसेसमंदर ने ऊपर उठा रखा है ताकि दुनियाँ ठेकेदार और अदल के कथित अलम्बरबदार मुंह उठाकर ना चल सके जो मरती इंसानियत को खामोश तमाशाई बने देख रहे हैं
रोहीनगियां अराकान कभी एक खुशहाल मुल्क हुआ करता था रोहीनगियां मुसलमानों का वतन ए अज़ीज़ हुआ करता था आज उन्हीं के वतन में उन्हें जिंदगी जीने की जंग लड़नी पड़ रही है निहत्थे और दुनियाँ खामोश तमाशाई बनी है।

शांति का नोबोल पुरस्कार विजेता आंग सांग सु की की सरकार में निहत्थे, मासूम, कमजोर, भूखे, गरीब, मजलूम रोहीनगियां मुसलमानो पर जुल्म और ज्यादती की इन्तिहा हो चुकी है और आलमी विरादरी तमाशबीन बनी हुइ है।

वर्मा सरकारी फ़ौज और बौद्ध आतंकवादी मिल कर निहत्थे रोहंगिया माजलूमो को मार रहे है और संयुक्त राष्ट्र संघ तमाशा देख रहा है।

#संयुक्त_राष्ट्र_मुर्दाबाद।

#विश्ब_मानवाधिकार_परिषद_मुर्दाबाद।

#शांति_नोबोल_परिषद्_मुर्दाबाद।

 

 

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