मोदी सरकार कमजोर दिल की है

Posted by Mahesh Kumar Rathi
August 23, 2017

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  1. नहीं तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतज़ार न करती और खुद ही तीन तलाक को मुसलम औरतों के अधिकारों का हनन बोलकर खारिज़ कर देती ,साल  दो साल पहले तो इतने सारे औरतो जो इस दौरान तीन तलाक़ के शिकार हुए ,वो कम से कम तो रास्ते पर नहीं आते।

मोदीजी चाहते है कि सुप्रीम कोर्ट कानून बनाये ताकि  यदि उनकी सरकार पहले पहल करे तो उनहे मुसलम विरोधी समझा जाएगया। छबि बचाने के चक्कर में न्याय नहीं दिए।

इसलिए मैं उन्हें कमजोर दिल की उपाधि देता हूँ।

2 अभी तक उन्हें निकाह हलाला  जो की और भी ख़राब नीति है बंद करने की बात नहीं की। शायद कोई मुस्लिम औरत द्वारा  एक कोर्ट में याचिका और लगेगी। यह सरकार से उम्मीद न रखे। न सोचें कि यह कूटनीति या राजनीती है। इनके द्वारा कुछ नहीं होता । जनता स्वयं अपना रीति रिवाज का सुधार करवा रही है। श्रेय झूठा इनको जरूर लेना आता है।

3 औरतो के खिलाफ  बलात्कार आदि जुर्म के कानूनों में आज तक किसी एक का केस का सुना है- कि सरकार ने फलाने केस को दो महने में सजा दिलवाने का आस्वासन तक दिया हो ?

4 महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन में गंदे सब्दों और बलात्कार का धमकी देना -एक के खिलाफ आज तक जेल की सजा नहीं सुनायी गयी।

5 टीवी पर दिन रात बलात्कार, हिंसा ,जुर्म के सीरियल और पिक्चर पर कोई रोक टोक इस 56 इंच छाती की सरकार द्वारा नहीं लगाई जा सकती क्योंकि मीडिया उन्हें तानासाही या आरएसएस का एजेंडा वाले न बोल दे।

6 एक भी mla आज तीन साल में भ्रस्टाचार के मामले में गिरफ्तार नहीं हुआ। क्या आप मानते है कि भारत के सारे मंत्री भले ही विपक्ष के हो, रातो रात साधु बन गए है ?इ

 

सलिए लिखता हूँ मोदी सरकार कमजोर है।

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