युवाओं में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने का संकल्प है जागृति यात्रा : शशांक मणि त्रिपाठी

Posted by Raghvendra Chaubey
August 18, 2017

Self-Published

युवाओं में नवाचार तथा उद्यम को प्रोत्साहित कर रोजगार पाने वाले के स्थान पर रोजगार देने वाला बनाने का एक संकल्प है जागृति यात्रा। युवाओं में उद्यमशीलता को प्रोत्साहित कर नई कार्य संस्कृति निर्माण का एक ‘अश्वमेध यज्ञ’ है जागृति यात्रा। भारतीय युवाओं की नौकरी करने की मानसिकता रोजगार की समस्या को और विकराल बना दिया है। सभी को नौकरी मिलना लगभग असंभव है। इन विषम परिसिथतियों में एक ही रास्ता है जो की सारी समस्याओं का निदान कर सकता है, वह है उद्यमिता विकास। अत: आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारे युवावर्ग एक सफल उधमी का सपना संजोए और रोजगार के लिए दुसरों की ओर न देखे बलिक खुद दुसरों को रोजगार देने वाले बनें। जागृति संस्था के अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी एक ऐसे ही सपने के साथ जी रहे हैं जिसमें भारत का युवा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर के तौर पर खुद को स्थापित कर सके। देवरिया में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान संस्था के अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी ने पत्रकारों से जागृति यात्रा मिशन को साझा किया। श्री त्रिपाठी ने बताया कि जागृति सेवा संस्थान विगत 10 वर्षों से देवरिया को केंद्र मानकर भारत भर के युवाओं को इस जागृति यात्रा से जोड़कर उनमें उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उद्यमिता विकास के लिए आवश्यक है कि युवा अपने अंदर उद्यमी व्यक्तित्व के गुणों को बढ़ायें। उद्यमी एक क्रियाशील प्राणी है जो विशेष कार्य, खासतौर उद्यम संबंधित कार्य को क्रियानिवत करने की पहल करता है। उद्यमी बनना एक व्यकितगत कौशल है जिसका संबंध न जाति, न धर्म, न समुदाय से रहता है। उद्यमी बनने में स्वयं व्यक्ति की भूमिका अहम्हो ती है। ऊँची उपलब्धि की चाह रखने वाला व्यकित उद्यमी बनने का रास्ता स्वत: खोज लेता है। जागृति यात्रा के माध्यम से हम देश भर के युवाओं को एक मंच प्रदान करते हैं जिनमें युवाओं को देश भर के सफल उद्यमियों से मुलाकात करायी जाती है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि जागृति यात्रा एक खोज एवं परिवर्तन के लिए बेहद प्रेरित सैकड़ों युवाओं मुख्यतः जो कि भारत के छोटे शहरों एवं गांवों से हैं, के लिए 15 दिनों एवं 8000 किलोमीटर की सामाजिक एवं व्यापारिक रोल मॉडल्स उद्यमियों से मिलाने के लिए एक महत्वकांक्षी रेल यात्रा है। वास्तव में प्रत्येक व्यक्ति को उद्यमी बनने के लिए प्रेरणा की जरूरत होती है उसे यह प्रेरणा बचपन से दी जाती है या विशेष प्रशिक्षण द्वारा दी जा सकती है। सामाजिक आर्थिक कारक व्यक्ति की उद्यमिता की भावना को बहुत अधिक प्रभावित करते हैं। युवाओं की तकदीर बदलने के लिए उनमें उद्यमिता की भावना का विकास करना बहुत जरूरी है। इसके लिए नियोजित ढंग से ठोस कदम उठाये जाने की आवश्यकता थी जिसे हमने महसूस किया। आज के युग में उद्यमिता विकास का काफी महत्व है जिससे युवा वर्ग व्यर्थ इधर-उधर भटकने के बजाय वे अपने ही नहीं वरण राष्ट्रीय विकास के लिए उद्यमिता विकास की ओर उन्मुख हों इस हेतु ही इस तरह की सोच को मूर्त रूप दिया गया जिससे युवा भारत भर में भ्रमण कर काफी कुछ चीजों को जान सकें समझ सकें और उन चीजों से ही एक नए तरह के उद्यम को आकार दे सकें जिससे देश में बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सके। श्री त्रिपाठी ने बात को आगे बढाते हुए कहा कि जागृति संस्था देवरिया के साथ ही पूरे पुर्वांचल में उद्यमिता को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं। संस्था उद्यमियों को आगे बढ़ने में मदद कर रही है। जागृति ने रूरल टेक विजन प्राईवेट लि0 के पार्टनर राहुल मणि त्रिपाठी और वोडाफोन के साथ मिलकर एक हिन्दी भाषीय ग्रामीण काॅल सेंटर की स्थापना देवरिया में ही की है। यह काॅल सेंटर बैतालपुर में स्थित है। इस काॅल सेंटर से 150 युवाओं को तत्काल रोजगार मिला है। दिसम्बर 2017 तक इस काॅल सेंटर में 500 युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस काॅल सेंटर में 40 फीसदी महिलाये होगी और हम आशा करते है कि ये संख्या और बढे़गी। उद्यमिता विकास के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने युवाओं तक उद्यमों से संबंधित नया ज्ञान, नर्इ सूचनाऐं एवं आवश्यक जानकारियाँ पहुँचायें ताकि वे आय परक बातों को सोच सकें। उद्यमिता विकास के लिए युवाओं में उद्यमी बनने के गुणों को निखारना होगा, संवारना होगा व विकास करना होगा।
                                                 – देवरिया से राबी शुक्ल व राकेश मणि त्रिपाठी की रिपोर्ट

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