क्यों बढ़ रहे हैं सड़क हादसे :आलेख

Posted by Sunil Singh
August 12, 2017

Self-Published

अगर नेचुरल डेथ को छोड़ दिया जाए तो सड़क हादसो से मरने वालों  की संख्या भारत में सबसे ज़्यादा है। कारण है चालक की लापरवाही या सड़क की खस्ता हालत। और चालक की परफॉरमेंस भी सड़क की कंडीशन पर निर्भर कराती है। चालक की लापरवाही में सबसे बड़ा कारन हेलमेट न पहनना गिनाया जाता है। हेलमेट जान तो बचा सकता है पर दुर्घटना नहीं। रही बात शराब  पीकर चलाने की तो सरकारी आंकड़ा छः प्रतिशत है। मेरे ख्याल से जयादा प्रतिशत हादसे ख़राब सड़क की वजह से होते हैं।  राष्ट्र के लगभग 400 लोग प्रतिदिन सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। लगभग दो हजार सड़क हादसे रोज़ हो रहे  है।  तेज़ स्पीड भी एक वजह है। जो फैक्टर ड्राइवर के हाथ में है उसे तो हम सभी को कण्ट्रोल करना चाहिए जैसे हेलमेट ,अवॉयड फ़ास्ट स्पीड ,सीटबेल्ट लगाना, आदि । पर क्या सड़क की कंडीशन ठीक नहीं होनी चाहिए? क्या ये जिम्मेदारी ड्राइवर की है?। क्या ओवरलोडिंग कंट्रोल  नहीं होना चाहिए ?, चार की सीट पर पूरे भारत में बारह सबारी पुलिस की नाक  के नीचे से ले जाते है ऑटो वाले। क्यों नहीं कण्ट्रोल कर पाती  पुलिस। अच्छी सड़क जनता का अधिकार है।चूँकि कोई अपना नहीं होता सो मात्रा खबर पढ़  के भूल जाते हैं। और कोई आवाज नहीं उठाते हैं। हर हादसे की जाँच होनी चाहिए और दोसियो के खिलाफ कारवाही होनी चाहिए। सड़क ख़राब होने से धन और शरीर की हानि भी होती ही है।

गडकरी जी और मोदी जी से निवेदन है कि सिर्फ खेद ही न जताये।

कम  से कम सड़क के गड्ढे तो भरवाएं। सड़क भले ही बाद में बनवाये।

जनता भी आम मुद्दों को कैसे उठाय ,क्योकि आधी तो किसी न किसी पार्टी की प्रतनिधि बन गयी है।

और बाकि फेसबुक पे केवल फोटो ही लाइक  करती है। या तो उसकी जिसे खुश  करना है या माता की जिससे बिना करे कुछ मिल जाय या कही कुछ गङबङ  न हो जाय इस भय से।

 

अगर आपको लगाता है की मुद्दा महत्वपूर्ण है तो शेयर करें। खुद अपना ध्यान रखे और सरकार  को भी  सड़क सुधारने पे मजबूर करें। अपने यहाँ की सड़क की हालत शेयर करे।

 

सुनील सिंह

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