हर बच्चे मे छुपी होती है वैज्ञानिक क्षमता, बस हमें पहचानने की आवश्यकता-डा० पाल

Posted by Rohilkhand News
August 18, 2017

Self-Published

जनपद मुख्यालय के आर आर इण्टर कालेज मे राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये जिला समन्वयक डा० एम एल पाल ने कहा कि यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा  संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को चलते हुए 25 वर्ष हो गये है। कार्यक्रम का उद्देश्य 10-17 वर्ष तक के बच्चों में वैज्ञानिक क्षमता को पहचाना है।

डा० पाल ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘सतत् विकास के लिए विज्ञान, प्रोद्योगिकी एवं नवाचार’ है और 8 उप विषय है।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए प्रवक्ता के० पी० सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा वैज्ञानिकों को ऐसा मंच प्रदान करना जहाँ अपने शोध कार्य को प्रदर्शित कर वे अपनी खोज एवं ज्ञान की प्यास को तृप्त कर पायें ।

रसायन विज्ञान प्रवक्ता प्रदीप नारायण मिश्र ने जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की वैज्ञानिक चेतना को जागृत करना तथा  वैज्ञानिक विधि को समझते हुए खोजी प्रक्रियाओं द्वारा अवलोकन , प्रयोग, आंकड़ा संग्रह, विश्लेषण द्वारा निष्कर्ष तक पहुंचने  की प्रवृत्ति विकसित करना है। इसमें शिक्षकों की भूमिका अहम है।

जिला समन्वयक डा.पाल , रिसोर्स पर्सन  प्रदीप मिश्र ,  सुनील मण्डल व   के.पी. सिंह ने प्रतिभागी शिक्षकों की  जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यशाला में वी०के० राना, सुधीर गंगवार, सच्चिदानन्द, राजीव कुमार सिंह,  सुनील मण्डल, श्रीमती ज्योति प्रभा, संजीव कुमार, आनंद दिवेदी, बृजलाल वर्मा, विनय कुमार शुक्ला, एस के बाजपेयी,  अनुराग सिंह, श्याम लाल वर्मा एवं शिव कुमार आदि  उपस्थित रहे।

कार्यशाला की  अध्यक्षता श्री के.पी.सिंह ने व कार्यशाला का संचालन श्री प्रदीप नारायण मिश्र ने किया।

रिपोर्ट – सुधीर गंगवार (हरदोई)

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.