ऑक्सीजन की कमी से गोरखपुर में पिछले 48 घंटों में 30 बच्चों की मौत

Posted by preeti parivartan in Health & Life, Hindi, Society
August 12, 2017

आगामी 15 अगस्त 2017 को हम सब आज़ादी की 70वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। इन 70 सालों में अगर किसी चीज़ में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई तो जनप्रतिनिधियों की संपत्ति और राजनीति में उनके परिवार की। और कुछ घट रहा है तो वो है ऑक्सीजन! धीरे-धीरे ऑक्सीजन खत्म हो रही है! अस्पताल से भी और आबो-हवा से भी!

अस्पताल की बात करें तो गोरखपुर में आॅक्सीजन की कमी के कारण 30 बच्चों की मौत हो गई। मरने वालों में इंसेफलाइटिस के मरीज और नवजात बच्चे शामिल थे।

बाद में उत्तर प्रदेश सरकार के ट्विटर हैंडल के ट्वीट में कहा गया, “गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से रोगियों की मृत्यु नहीं हुई है।”

Gorakhpur Medical Collage Hospital where 30 children died due to lack or oxygen supply

मौत ऑक्सीजन से हुई हो या नहीं हुई हो लेकिन मौतें होती रहती हैं, इस बार 48 घंटों में तीस बच्चों की मौत हुई है। सामान्यतया 8 से 10 बच्चों की मौत हर रोज़ होती है। इंसेफेलाइटिस या जापानी बुखार या दिमागी बुखार पूर्वांचल के लिए एक लाइलाज बीमारी बन चुका है। इसमें सबसे ज़्यादा पीड़ित गोरखपुर है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 36 सालों में इंसेफेलाइटिस से 15000 मौतें हो चुकी हैं। मरीज़ों की भीड़ इतनी ज़्यादा होती है कि एक बेड पर तीन-तीन बच्चों को सुलाया जाता है।

सरकार आती है, जाती है लेकिन बीमारी जस की तस है। निर्लज्जता की पराकाष्ठा तब हो जाती है, जब इन मौतों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा जाता है कि यह मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई। आज़ादी के 70 साल बाद भी स्वास्थ्य और शिक्षा की चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां 1,050 मरीजों के लिए सिर्फ एक ही बेड उपलब्ध है। इसी तरह 1,000 मरीजों के लिए 0.7 डॉक्टर मौजूद हैं।

शिक्षा की बात करें तो स्कूलों में कक्षा पांच में पहुंचने वाले बच्चों में 50 प्रतिशत कक्षा दो की पुस्तकें भी नहीं पढ़ पाते। बिहार के 12वीं के रिज़ल्ट के समय क्या हालत हो जाती है देखते ही हैं! तो शिक्षा और स्वास्थ्य में तो हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है! कोई कितना भी ट्वीट कर ले!

आबो-हवा की बात करें तो पर्यावरण से लेकर मस्तिष्क तक हर जगह CO2 की मात्रा बढ़ रही है। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी कहते हैं “देश के मुस्लिमों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना दिखाई पड़ती है।”

इस बयान से आपको घनघोर आपत्ति हो सकती है, लेकिन आए दिन इस तरह की बाते सुनने को मिलती हैं। उम्मीद करते हैं भीतर-बाहर हर जगह हो रही ऑक्सीजन की कमी पर लाल किले से प्रधानमंत्री जी ज़रूर कुछ बोलेंगे।

एडिटर्स नोट: इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। 

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