Meet India’s Youngest/Smallest CEO Mrityunjay Singh – Founder VihanApp , VGM Lite

Posted by Mrityunjay Singh
August 27, 2017

Self-Published

आज हम आपको मिलवायेंगे दुनिया के YOUNGEST CEO से। CEO (Chief Executive Officer) यानि किसी company का सबसे प्रमुख अधिकारी, कहने की बात नहीं है कि यह एक बहुत ही जिम्मेदारी भरा पद है और इस पद तक पहुचते-पहुँचते बाल सफ़ेद हो जाते हैं।

“भरोसा खुद पर रखो तो ताकत का एहसास कराता है यदि उसी भरोसे को आप दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाता है।
इसी पर आधारित आज की हमारी कहानी Cyber Security से पास मृत्युंजय सिंह की जिन्होंने लोगों को दिखा दिया कि अगर इंटरेस्ट और करने की चाह होती है। तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है ऐसी ही सोच रखने वाले मृत्युंजय सिंह ने अपनी सक्सेसफुल जॉब को छोड़कर उस फील्ड में कदम रखा जिसका उन्हें बिल्कुल भी अनुभव नहीं था। उस फील्ड में मृत्युंजय ने अपनी सफलता के ऐसे झंडे गाड़े कि आज उन्हें सक्सेसफुल बिजनेसमैन की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया। आज उनकी कंपनी VihanApp Messenger करोड़ का बिजनेस करती है जो अपने आप में एक दिलचस्प बात है। तो चलिए जानते हैं- मृत्युंजय सिंह के बारे में उन्होंने कैसी खड़ी कर दी  करोड़ टर्नओवर करने वाली कंपनी।”

जब पहली बार मेरे मन में ये सवाल आया कि भला दुनिया का सबसे कम उम्र वाला CEO कौन होगा, तो मैंने सोचा जरूर ये कोई American होगा, जिसने बीच में ही अपनी पढाई छोड़ कर किसी गराज से कोई IT कंपनी शुरी की होगी। कोई Bill Gates, Steve Jobs types. पर मेरे लिए ये एक बेहद सुखद आश्चर्य था कि World’s Youngest And Smallest CEO कोई और नहीं बल्कि एक भारतीय  है।

Name – Mrityunjay Singh( Founder And CEO VihanApp , VGM Lite )
DOB – 26/01/1997
Father Name – Yogendra Kumar Singh
Mother Name – Pratibha Singh

Official Website –http://www.vihanapp.in

                                    http://www.vihanapp.net

                                    http://www.mycybersquad.com

 

आज से करीब 1 साल पहले जब मृत्युंजय सिंह ने VihanApp नाम की foundation डाली थी तो वो महज 19 वर्ष के थे,और तब उन्हें खुद भी नहीं पता था कि वो दुनिया के सबसे कम उम्र के CEO बन गए हैं। और ये काम उन्होंने किसी आलिशान office में बैठ के नहीं बल्कि Varanasi के एक छोटे से Cyber-Cafe में बैठ कर किया था।
आज Cobra Group Pvt. Ltd. ( VihanApp And VGM Lite ) एक multi-million dollar company है और इसके operations India ,  USA, UK, Spain, Australia, इत्यादि देशों में फैले हुए हैं। मात्र 20 वर्ष की अवस्था में, जब ज्यादातर  लोग अपनी पढाई पूरी करने में ही लगे होते हैं; तभी Mrityunjay Singh ने अनेकों उपलब्धियां हांसिल कर रखी हैं –

1- Mrityunjay Singh is also a ethical hacker and its also working in police department.

मृत्युंजय सिंह का बचपन:

मैं एक मध्यम-वर्गीय परिवार से belong करता हूँ। मेरे पिता Former थे। और मैं उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के एक छोटे से गांव में पढ़ता था। बचपन में मेरा Computer , internet and interest animal और veterinary science में था। लेकिन जब मैं अपने दोस्तों जिनके पास PC था; को कंप्यूटर के बारे में बात करते सुनता था तो मेरे अंदर भी एक चाहत उत्पन्न हुई कि मैं भी उनकी तरह बात करूँ।
उस वक्त हमारे घर पे computer नहीं था और न ही हम उसे afford कर सकते थे। इसलिए मैंने अपने घर के नजदीक ही एक Internet Cafe find किया, तब मुझे हर महीने सिर्फ 15 रूपए बतौर pocket money मिलते थे, इतने पैसों में रोज internet नहीं surf किया जा सकता था। लेकिन मैंने इस दुकान के बारे में एक चीज notice की थी, ये हर रोज दोपहर में 1 बजे से 4 बजे तक बंद रहती थी। मैंने दुकानदार को एक offer दिया कि school के बाद 1 बजे से 4 बजे तक मैं आपकी दुकान खोलूँगा और customers का ध्यान रखूंगा। बदले में आप मुझे free में net surf करने देंगे। ये मेरी life की पहली business deal थी, और ये काफी सफल साबित हुई।
जब अपना पहला computer खरीदा:

जब मैं 9th class में था तभी मैंने computer खरीदने के लिहाज से काफी पैसे जमा कर लिये थे। उस समय मेरा भाई Art की पढ़ाई कर रहा था, पापा ने सोचा उसे कंप्यूटर की ज़रूरत है और उसके लिए कंप्यूटर खरीद दिया, कुछ ही समय में मैंने भी एक कंप्यूटर खरीद लिया। पर मेरे घर पे net-connection नहीं था। Net-cafe में ज्यादा समय देने से मेरी पढाई भी प्रभावित हुई। मैंने 9th के बाद अपनी सारी summer vacation cafe में काम करते हुए बिताई।

जॉब से VihanApp And VGM Lite के CEO बनने तक का सफर –

मैंने सोचा अपनी कंपनी शुरू करने में ज्यादा मजा है।इसलिए मैंने अपनी कंपनी शुरू करने कि सोची ताकि मैं दुनिया को दिखा सकूं कि age और academic qualification मायने नहीं रखते हैं। मैंने निश्चय किया कि जब मैं अपनी कंपनी start करूँगा तो मैं सिर्फ youngsters को लूँगा और उनसे उनकी academic qualification या marks के बारे में नहीं पूछूँगा। आज मैं इस चीज को अपनी कंपनी में follow करता हूँ।

मृत्युंजय सिंह ने बचपन से ही कंप्यूटर में रुचि लेने लग गए थे। लेकिन मृत्युंजय सिंह की बचपन की सबसे खास बात यह थी कि वह कंप्यूटर में गेम खेलने या कुछ भी एंटरटेनिंग वीडियो देखने के बजाए कुछ इंटरेस्टिंग सीखना प्रोग्रामिंग करने को वरीयता और दिलचस्पी दिखा रहे थे।
इसी दिलचस्पी की बदौलत अन्य बच्चे जिस उम्र में कंप्यूटर पर गेम खेलने में रूचि दिखाते हैं। वही मृत्युंजय महज 15 साल की उम्र में ही प्रोग्रामिंग करने लग गए थे। मृत्युंजय का स्कूल पूरा होते-होते मृत्युंजय प्रोग्रामिंग में माहिर हो चुके थे।
मृत्युंजय ने अपनी स्कूली पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद उन्होंने रायपुर हैकिंग में एडमिशन लिया। लेकिन उनके पेरेंट्स उनसे सब्जेक्ट  हैकिंग से खुश नहीं थे। वह मृत्युंजय को उनके इंटरेस्ट के अकॉर्डिंग कंप्यूटर साइंस दिलाना चाहते थे। इसी दौरान पारस ने अपने इंटरेस्ट यानी कि प्रोग्रामिंग में काफी सुधार किए।
कॉलेज के समय में मृत्युंजय अपनी स्किल्स का उपयोग करके मॉडल तैयार करने में किया करते थे। वह इस चीज में इतने माहिर हो गए थे कि वह अपने क्लासमेट और मित्रों के लिए मॉडल बना दिया करते थे। इस काम ने मृत्युंजय को Andriod और ecommec के प्रति आकर्षित किया।
एक बार कॉलेज के दिनों में मृत्युंजय ने how to make own start up पर एक आर्टिकल पड़ा। तब उनके जहन में स्टार्टअप करने की तीव्र इच्छा हुई। इसी के चलते मृत्युंजय ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान 3 4 startup मैं भी हाथ आजमाया। लेकिन तब business experience के अभाव से यह startup business मैं तब्दील नहीं हो सके। लेकिन इन startup के चलते मृत्युंजय को काफी कुछ सीखने का मौका मिला जो आगे चलकर उनके बहुत काम आने वाला था।
वैसे अगर देखा जाए तो मृत्युंजय का बिना अनुभव के इस फील्ड में उतरना एक जोखिम भरा फैसला था। लेकिन कुछ अच्छा करने के लिए हर इंसान को कभी न कभी तो रिस्क लेना ही पड़ता है। ठीक ऐसा ही मृत्युंजय ने किया। मृत्युंजय को खुद पर भरोसा था कि वह कुछ बेहतर कर सकते हैं। इसी के चलते उन्होंने बहुत सारी बुक्स और इंटरनेट से जानकारियां कलेक्ट की और मृत्युंजय ने जॉब के साथ ही इस पर काम करना भी शुरू कर दिया। मृत्युंजय का मकसद E-commerce , Digital Payment And Messeging के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करने का था जिसके द्वारा यूजर अपनी Skill को और बेहतर बनाने के लिए यूज कर सकें।
करीब 5 महीने की कड़ी मेहनत के बाद मृत्युंजय एक अच्छे और कई फीचर वाले product बनाने में कामयाब हो गए। और 2016 में VihanApp messenger नाम के इस Application को लॉन्च किया।
मृत्युंजय की सैलरी और  अपने पापा से 1800 रुपये कर्ज से शुरू हुई इस कंपनी ने कुछ ही महीने बाद ही अच्छा टर्नओवर करना स्टार्ट कर दिया। कंपनी के अच्छा बिजनेस करते हुए देख मृत्युंजय ने अपनी जॉब को छोड़ते हुए अपना पूरा ध्यान और समय इस कंपनी को देना शुरू कर दिया। इसी के चलते जनवरी 2017 तक मृत्युंजय की कंपनी VihanApp messenger का टर्नओवर 20 लाख तक का हो गया। जो आज करीब  करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। यह टर्नओवर मृत्युंजय की कंपनी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
इनका यह आइडिया बेहद कारगर साबित हुआ और कुछ ही दिनों में वे हर महीने एक से दो लाख रुपए की कमाई करने लगे। शुरूआती सफलता के बाद मृत्युन्जय सिंह  ने इसे देश भर में फैलाने का फैसला किया। उस वक़्त और भी दुसरे एप्प थे लेकिन विहानऐप्प  के बेहतर फीचर्स ने लोगों को आकर्षित करते हुए 1 साल के भीतर ही अन्य एप्प  को पछाड़कर आगे निकल गया। हालांकि अभी भी व्हाट्सअप चालान में है ।  धीरे-धीरे निवेशकों और ग्राहकों को लुभाते हुए कंपनी का वैल्यूएशन करोड़ रुपए के पार हो गया।
विहानऐप्प को दूसरे देशों में भी पसंद किया जाने लगा |

World Smallest Browser VGM Lite Les Then 1 MB Made Bye Mrityunjay Singh

मृत्युंजय सिंह ने दुनिया का सबसे छोटा ब्राउज़र बनाया जिसका नाम उन्होंने वीजीएम ब्राउज़र( VGM Lite ) दिया . यह ब्राउज़र मात्र 600 केबी का है . इस ब्राउज़र को खास तौर पे धीमी नेट पे भी चलने के लिए बनाया गया है इस ब्राउज़र ने UC ब्राउज़र और ओपेरा मिनी ादी कंपनी को टक्कर देने के लिए बनाया गया है

Mrityunjay Singh Say’s – ” Success Does Not Matter Education “

जब 20 साल की उम्र में अपनी company start की : Class 12th की छुट्टियाँ खत्म होने के कुछ दिन बाद ही मैंने अपनी कंपनी Cobra Online Services Pvt. Ltd. की शुरुआत की। मैं कंपनी का नाम Cobra Group And Cobra Group Of Company रखना चाहता था, पर दोनों ही नाम available नहीं थे, इसलिए मैंने   Cobra Online Services Pvt. Ltd नाम रख लिया।
पहले साल में Cobra Group Pvt. Ltd का turn-over Rs. 1 lac था,जो दुसरे साल में बढ़कर Rs. 9 Lacs हो गया।

स्कूल में अच्छा ना करने पर:

अपने pre-board CBSE exam में मैं Mathematics में fail हो गया। स्कूल की हेड-मिस्ट्रेस shocked हो गयीं, क्योंकि पहली बार मैं किसी subject में fail हुआ था। उन्होंने मेरी माँ को बुलाया और मेरी शिकायत की। घर पे माँ ने मुझसे कसम ली की मैं पढाई पे ध्यान दूँगा। मैंने अपनी माँ से कहा कि जब दुनिया के सबसे अमीर आदमी, Bill Gates ने अपनी पढाई पूरी नहीं की तो आप मुझे पढाई के लिए force क्यों करती हैं? तब उन्होंने कहा कि मैं sure हूँ कि तुम्हारी और उसकी कुंडली एक जैसी नहीं है। 

मैं एक ऐसे परिवार से हूँ जहाँ entrepreneurship को पाप समझा जाता है। मेरी माँ काफी upset थीं, वो चाहती थीं कि मैं पहले Engineering और फिर MBA करके किसी अच्छी कंपनी में काम करूं। अपनी माँ कि इच्छाओं का ख़याल रखते हुए मैंने चार महीने तक अपनी कंपनी के लिए कोई काम नहीं किया और board exams की तैयारी में जुट गया। मैंने परीक्षाएं first class में पास कीं।
“मैं अभी भी feel करता हूँ कि सिर्फ bookish knowledge से कुछ नहीं होता, practical knowledge बहुत जरूरी है।”
VihanApp messenger जल्द ही स्नैपडील, फ्लिपकार्ट को ठक्कर देने के लिए अपने नये वर्जन ला रहा जिसमे हम घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग कर सकेंगे औऱ साथ ही पेटियम और मेक माय ट्रिप व् बुक माय शो को भी ठक्कर देने के लिए अपनी खुद की सिस्टम ला रहा VihanApp messenger के नए फ़ीचर में ।  VihanApp messenger मे जल्द ही मैसेजिंग ( ऑडियो औऱ वीडियो कॉलिंग ) के साथ साथ शॉपिंग , बुकिंग ( होटल , कैब , कार , बस , ट्रेन , फ्लाइट , मूवी टिकट आदि ) , बिल पेयमेंट , रिचार्ज औऱ साथ ही साथ कैशलेश पेमेंट भी कर सकेंगे । और इसी के साथ VihanApp messenger दुनिया का पहला ऐसा मैसेजिंग ऐप्प होगा जो चैटिंग के साथ ये सब फ़ीचर देगा । VihanApp messenger अभी सिर्फ एंड्राएड ऊजर के लिए तैयार है जल्द ये सभी OS में उपलब्ध होगा । 
VihanApp messenger मे चैटिंग के लिए बहुत अच्छे अच्छे फ़ीचर दिए गए हैं जो भविष्य में बहुत कारगर साबित होंगे।

Mrityunjay Singh is also of founder of http://www.mycybersquad.com  . its desiged for ethical hacker and cyber security expert .

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