एंटरटेनमेंट का डेली डोज़ मतलब हनीप्रीत मतलब एक महिला…!

Posted by Saurabh Arora
September 27, 2017

Self-Published

हनीप्रीत ने अगर कुछ भी गलत किया है तो इस देश में कानून न्यायालय है फैसला लेने के लिए, सज़ा सुनाने के लिए। लेकिन जिस तरीके ये कुछ चैनल वाले फ्लेवर वाली न्यूज़ बना रहें है, सनसनी फैला रहें है सुबह से रात राम-रहीम के साथ अलग-अलग तरीके के साथ दिखाकर तरह-तरह के निष्कर्ष अलग-अलग मतलब निकाल रहें है क्या समाज के सामने ऐसी चीज़े परोसनी चाहिए? … उन्हें ये हक है कि वो एक महिला की इस तरीके से सरेआम इज़्जत उछाले? ऐसी ऐसी चीज़े दिखा रहें कि एक फैमिली साथ बैठके न्यूज़ भी नहीं देख सकती जैसे किसी B-Grade के रूप में स्टोरीं प्रेज़ेट कर रहें हों। आखिर हनीप्रीत है तो एक महिला और महिला की इतने गन्दे रूप में प्रस्तुत करके वो देश की हर महिला की इज्ज़त नहीं उछाल रहें? शायद इससे वो अपराधी नहीं बन रहीं है लेकिन इनकी गरिमा ज़रूर बार-बार गिर रहीं है उससे भी बड़ी बात कैसे खुद वो महिला एंकर एक महिला के बारे में ऐसी-ऐसी बाते ज़माने को दिखा रहीं है प्रस्तुत कर रहीं है…….. खुद शर्म नहीं आती ऐसी चीज़े दुनिया को दिखाने में? समाज में बार-बार ऐसी न्यूज़ दिखाकर क्या अच्छा प्रभाव पड़ता है बच्चों को शिक्षा हासिल हो रहीं है…..TRP की अंधी दौड़ में न्यूज़ का स्वरूप ही बदल के रख दिया है……….जहां देश में महिला सशक्तिकरण के नारे लग रहें है वहीं ये चैनल वाले महिलाओं को इस रूप में प्रस्तुत करके महिलाओं की कितने गलत रूप में पेश कर रहें है लेकिन छवि हनीप्रीत की नहीं इनकी गिर रहीं है। हनीप्रीत एक महिला नहीं रहीं बल्कि TRP के लिए चैनल वालों ने एंटरटेनमेंट का डेली डोज़ बनाके रख दिया है।
ठीक है उसने जो किया होगा बाप-बेटी(भले ही अडाॅप्टेड) के रिश्ते को शर्मसार भी किया होगा तो वो भुगतेगी और कानून से तो अभी न कोई केस साबित हुए है न सजा मिली है तो जो गलत किया होगा उसकी सज़ा मिलेगी लेकिन इन चीज़ों को बार-बार दिखाकर समाज के सामने गंदगी नहीं परोंस रहें पवित्र रिश्तों को ऐसे दिखाकर बच्चों के समाज के दिमाग में गलत प्रभाव नहीं छोड़ रहें। पत्रकारिता का उद्देश्य समाज में न्यूज़ के साथ सकारात्मकता फैलाने का होता है लोगों को जागरूक करने का होता है ज्ञान बांटने का होता है लेकिन गंदगी परोसने और नकारात्मक असर डालने का नहीं होता है। हनीप्रीत क्या आज देश और समाज की हज़ारों समस्याओं को छोड़कर सबसी पहली समस्या है क्या जिसे ये सुबह से रात दिखा रहें है TRP के चक्कर में हम बड़ी-बड़ी समस्याओं को फोकस करने की बजाय कहां घुस रहें है क्या-क्या प्रस्तुत कर रहें है इस पर विचार करने का समय आ गया है क्योंकि चौथे स्थंभ की समाज के प्रति बहुत बड़ी और गहरी ज़िम्मेदारी है।

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