जाति ,एक अभिशाप !

Posted by true picture
September 30, 2017

Self-Published

“कुछ बात यू की आदत जाती नहीं हमारी,सदियों से दुसवार किया है ,हमने जीना तुम्हारा ।”

“जी ,आपका नाम ?”

जी ,”संतोष ” ,,और ?मेरा मतलब सिर्फ़ संतोष ??

“जी मेरा नाम तो सिर्फ़ और सिर्फ़ संतोष है “मैने कहा।

हमारे समाज का हर वो तथाकथित सभ्य व्यक्ति,ऐसा पूछते मिल जायेगा ।नाम से पहले जाति जान लेने के लिये उत्सुक इन लोगों में प्रकृति ने एक ख़ास कला भी प्रदान कर रखा है ।

सिर्फ़ आपके जातिसूचक टाइटल से ही ,आपके व्यक्तित्व ,आचरण ,औकात का पता लगा लेते हैं ।

यही लोग अक्सर ये कहते हुए मिलते हैं ,”I don’t believe in castesizm.”

 

 

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