जोधाणा री अपणायत को जिन्दा रखने की मेरी कोशिश

Posted by Dinesh Gehlot
September 20, 2017

Self-Published

हे ! भगवान मेरे मारवाड़ कि अपणायत को न जाने किस की नज़र लग गई हैं ? आज अपराध जगत हमारे शहर को धीरे-धीरे अपने आगोश में ले रहा और हमारे जोधाणे की आबो हवा में अपराध, भय और अशांति का जहर घोल रहा हैं…… कभी राह चलते राहगीरों से छिना झपटी व चेन स्कैनिंग, तो कभी वसूली की धमकी, कभी डर पैदा करने के लिए फायरिंग, तो कभी सीधे गोली मारकर हत्या ।
ये जानकर भी आपको अचरज होगा कि हमारा न्यायालय भी इन आपराधिक गतिविधियों पर स्वतः संज्ञान ले चूका हैं और राज्य सरकार व प्रशासन को इन आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने की सख्त हिदायत भी दे रखी हैं ।
इसके बावजूद भी महारानी की सरकार हमारे मारवाड़ से सौतेलेपन का व्यवहार कर रही हैं, जिसके कारण जोधपुर का प्रशासनिक महकमा भी कुंभकरण की नींद सो रहा हैं न जाने कब हमारे हनुमान जी आएंगे और इस अपराधियों की लंका को जलाएंगे……..;
यदि हम बात करे पिछले कुछ महीनों से हो रही आपराधिक घटनाओं की जिम्मेदारी की तो इसकी जिम्मेदारी जनता को छोड़कर सबकी (जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार) बनती है कि शहर में क़ानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखे तथा शांति कायम रहे, इसके बाद रही बात जनता की तो वे कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सिर्फ प्रशासन का पूर्ण सहयोग कर सकते हैं बाकि काम तो प्रशासन को ही करना होगा…..कुछ लोग कह रहे है कि दुकानों को जल्दी बंद कर देनी चाहिए, घर के बाहर आभूषण मत पहनों ये मत करो वो मत करो । क्या व्यापारी और हम सब इन गुंडों के सामने घुटने टेक दे तथा अपना कामकाज छोड़कर घर पर बैठ जाये ?
तो फिर क़ानून व्यवस्था और शांति बनाये रखने वाले जिम्मेदार लोगों का क्या काम रह जायेगा ?
आखिर! कब तक अपराधी बैखोंप होकर ऐसी घटनाओं के अंजाम देते रहेंगे ?
जब तक हम लोग जागरूक नहीं होंगे और प्रशासन के कार्यो में सहयोग नहीं करेंगे तब तक ये अपराधी बेखौफ घूमते रहेंगे…..सबसे बड़ी बात जब तक अपराधियों को राजनीतिक शरण मिलती रहेगी और प्रशासन के हाथ राजनीतिक दबाव से बंधे रहेंगे तब तक कोई उम्मीद करना ही बेकार हैं……
अंत में सभी जोधपुर वासियों से इतना ही कहूँगा कि सचेत रहे, सुरक्षित रहे और जितना हो सके प्रशासन का सहयोग करते हुए लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागृत करे….;
आपका अपना
दिनेश गहलोत
रामपुरा भाटियान

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