धोनी और अन्य खिलाड़ी जिन्होंने इंडिया के लिए 300 मैच खेले

Posted by Amit Kumar
September 2, 2017

Self-Published

31 अगस्त को इंडिया और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच धोनी के करियर का 300वाँ मैच था. वर्ल्ड कप फाइनल में विनिंग सिक्स जैसी कभी न मिटने वाली याद सबके दिल पर छोड़ने वाले एम एस धोनी ने अपना डेब्यू मैच 23 दिसम्बर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ़ खेला था. पहला मैच कुछ यादगार नही रहा. धोनी पहली ही गेंद पर जीरो रन पर रन आउट हो गए थे. विकेट कीपिंग के लगभग रिकॉर्ड अपने पास रखने वाले धोनी पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज है जिन्होंने 300 वन डे मैच खेलने का आँकड़ा पार किया है और छठे भारतीय बल्लेबाज है. धोनी अब तक 52.20 रन के औसत से 9657 रन बना चुके है जिसमे 10 शतक और 65 अर्धशतक शामिल है और इसमें छक्को की भी भरमार है. धोनी के अभी तक के वन डे करियर का सबसे बड़ा स्कोर 183 रन नॉट आउट है जो धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ़ जयपुर में बनाया था. इस मैच में धोनी 300 मैच पुरे करने के साथ सबसे ज्यादा बार नॉट आउट( 73 ) रहने का रिकॉर्ड बनाया था. जिस तरह की फॉर्म में धोनी अभी नजर आ रहे है उसे देख के लगता है ये गाड़ी अभी और बहुत दूर जानी है. कोच रवि शास्त्री ने भी कहा है की धोनी ने अभी अपना आधा खेल भी नही दिखाया है और वो वर्ल्ड कप 2019 की तैयारी के प्लान में भी पूरी तरह से है.

धोनी से पहले अन्य 5 प्लेयर्स ने 300 से ज्यादा मैच वन डे इंडिया की तरफ से खेले है –

1 . सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर जिसके पास शायद के क्रिकेट के सर्वाधिक रिकॉर्ड है. सचिन ने सबसे ज्यादा वन डे मैच खेले है और सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी वन डे इतिहास के सचिन के नाम ही है. सचिन ने पहला वन डे मैच 1989 में पाकिस्तान के सामने खेला था. ‘गॉड ऑफ़ क्रिकेट’ सचिन तेंदुलकर ने 463 मैचो में 18426 रन बनाये है जिनमे 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल है. सचिन का वन डे का औसत 44.83 है. सचिन ने अपना सबसे बड़ा स्कोर 200 रन नॉट आउट रहते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ बनाया था. सचिन ने सबसे ज्यादा शतक और अर्धशतक लगाये हैं वन डे क्रिकेट में. सचिन में शुरुआत वन डे क्रिकेट की मिडल ऑर्डर बैट्समैन के तौर पर की थी फिर बेहतरीन ओपनर बैट्समैन बन कर उभरे. सचिन को करियर में टेनिस एल्बो जैसी चोटों का भी सामना करना पड़ा था. सचिन ने करियर के मिडिल फेज में गेंद से भी कमाल किये और टोटल 154 विकेट लिए. सचिन ने लास्ट मैच मार्च 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ़ खेला जिसमे बतौर ओपनर 52 रन बनाये.

2. राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ ने 344 वन डे मैच खेले है. 1996 में श्रीलंका के खिलाफ़ डेब्यू करने के बाद द्रविड़ ने करियर में 10889 रन बनाये. द्रविड़ के नाम 39.16 की औसत से बनाने के साथ 12 शतक और 83 अर्धशतक शामिल है.
द्रविड़ की शुरुआत लोअर मिडिल ऑडर बैट्समैन से हुई फिर नम्बर 3 का पोजीशन ने द्रविड़ ने अपना बना लिया था. द्रविड़ परफेक्ट टीम मैन प्लेयर थे जब टीम को जरूरत पड़ी तो विकेट कीपर बन गये. द्रविड़ ने गांगुली के बाद कप्तानी का भार भी उठाया. टीम के 2007 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. द्रविड़ नेचुरल ऐथिलिट नही थे स्लो रनर थे जो एक वजह बनी टीम से बाहर होने की लेकिन फिर 2011 में वन डे टीम में वापिस आये. इसी सीरिज के अंतिम मैच में इंग्लैंड के खिलाफ़ 69 की पारी खेली और सन्यास ले लिया था. 1999 वर्ल्ड कप में द्रविड़ ने गांगुली के 318 रन की साझेदारी की थी फिर 1999 में ही सचिन के साथ रिकॉर्ड 331 रन की सांझेदारी की और खुद का उच्चतम स्कोर 153 रन बनाया.

3. मोहम्मद अजहरुद्दीन

जैसे कोई फ़िल्मी किरदार क्रिकेट के मैदान उतरा हो बिलकुल ऐसी पर्सनालिटी का प्लेयर, खड़ी कॉलर जिसकी पहचान थी. जो फील्डिंग करते वक़्त अपने आसपास की गेंदों पर चीते की रफ्तार से लपकता था. 1985 में इंग्लैंड के खिलाफ़ डेब्यू किया और टोटल 334 वन डे मैच खेले. 7 शतक और 58 अर्धशतक के साथ 9378 रन बनाये. अजरुद्दीन ने इडिया टीम की कप्तानी भी की और सफल कप्तानो में से एक रहे. अजरुद्दीन का करियर में विवादों से भी नाता रहा. अजरुद्दीन के पास कलाइयों का जुदा था वो लेड साइड के भरपूर प्लेयर थे. लास्ट वन डे मैच अजरुद्दीन ने 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ़ खेला था.

4. सौरव गांगुली

साल 2000 के मैच फिक्सिंग मामले से टीम को उभारकर 2003 के वर्ल्ड कप फाइनल तक ले जाना. इंडिया क्रिकेट में देश के लोगो का विश्वास फिर से जगाना के काम कोई कर सकता था तो वो केवल और केवल सौरव गांगुली ही कर सकता था. ‘गॉड ऑफ़ ऑफसाइड’ गांगुली ऑफ साइड के फील्डर के बीच के गैप भेदने में माहिर गांगुली का पहला मैच 1992 में वेस्ट इंडीज के साथ था. सबके बीच प्यार से दादा के नाम फेमस गांगुली ने 41 की औसत से 11363 रन बनाये जिनमे छक्को की भरमार है. 22 शतक और 72 अर्धशतक लगाये. 311 मैच खेले. बीच में दादा के करियर में उतार चढ़ाव आये. टीम से बाहर भी हुए लेकिन जबर्दस्त वापसी की. दादा की आक्रामकता और दादागिरी के किस्से खूब है जैसे लॉर्ड्स की बालकनी में खड़े होकर शर्ट लहराने से लेकर स्टुअर्ट ब्रौड के छेड़ने पर क्रीज से निकलर गेंद को छक्के के लिय उड़ा देना. इंडिया के बेहतरीन कप्तान रहे दादा ने लास्ट वन डे 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ़ खेला.

5 युवराज सिंह

सबसे ख़ुशी का पल होता है जब युवराज अपने फुल फ्लो में बैटिंग करते है सबकी आँखे युवराज पर केन्द्रित हो जाती है. युवराज ने अपने करियर का पहला मैच केन्या के सामने खेला लेकिन युवराज की पहली इनिंग ऑस्ट्रेलिया के सामने थी जिसमे शेर की तरह दाहाड़े थे और 80 बॉल में 84 रन बनाये थे. 304 मैच खेल चुके युवराज अभी टीम से बाहर है. नेशनल में उनकी राह मुश्कील है लेकिन कभी हार न मानने वाले युवराज वापसी कर सकते है. लंग केंसर से जूझते हुए युवराज ने वर्ल्ड कप जिताया फिर केंसर से लड़ कर वापस टीम में वापसी की, ऐसे प्लेयर कुछ भी मुश्कील नही है युवराज ने 14 शतक और 52 अर्धशतक के साथ 8701 रन और बनाये है शायद और बनाने बाकी है.

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