मातृमृत्युदर (MMR), बालमृत्युदर (CMR) और शिशुमृत्युदर (IMR) की कमी पर इंटरफेस

Posted by Lenin Raghuvanshi
September 27, 2017

Self-Published

नवजात शिशु, बच्चों एवं प्रसूता माताओं के मृत्यु की घटना में हर स्तर पर प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है, इसके लिए शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) अभियान की बहुत ही सम्वेदनशील तरीके से चलाए जाने की आवश्यकता है |

 

  • स्थाई सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य के प्रति जमीनी स्तर प्रयास संतोषजनक नही हैं जब तक माँ और बच्चों के मृत्यु के चिकित्सीय कारणों के साथ ही सामाजिक आर्थिक कारणों का विश्लेष्ण नही किया जाएगा तब तक माताओं और बच्चों की मृत्यु के प्रतिशत को कम नही किया जा सकेगा |

वाराणसी, मानवाधिकार जननिगरानी समिति/जनमित्र न्यास और वायस ऑफ़ पीपुल के संयुक्त तत्वाधान में  26 सितम्बर 2017 को कामेश हट होटल में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवा प्रदान करने वाली सरकारी विभाग के साथ इंटरफेस का आयोजन किया गया | इस इंटरफेस में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निदेशक डा0 अंशु सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बी. बी. सिंह, प्रमुख अधीक्षिका महिला चिकित्सालय डा0 शैला त्रिपाठी, सीडीपीओ सुश्री नीलम मेहता, श्रम परिवर्तन अधिकारी श्री राम अवतार, पीवीसीएचआर के संस्थापक सदस्य प0 विकास महाराज उपस्थित रहे | इस इंटरफेस का उद्देश्य नवजात शिशु, बाल व् मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण के निमित्त संचालित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के सर्वोत्तम प्रयासों बेहतर परिणामों को साझा किए जाने के साथ शिशु, बाल एवं मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में आने वाले चुनौतियों पर व्यवहारिक पक्ष पर दृष्टिकोण विकसित करना रहा | जिससे लक्ष्य प्राप्ति की बाधाओं एवं चुनौतियों के सन्दर्भ में प्रभावी उपाय करके हितकारकों को सेवाओं से संतृप्त किया जा सकें एवं मानव विकास सूचकांकों को बेहतर बनाया जाए |

संस्था द्वारा लक्षित परियोजना क्षेत्र में पिछले आठ महीने में कुल  1936 परिवारों के बीच 298 गर्भवती महिलाओं एवं 0 से 1 वर्ष के कुल 190 बच्चे (F 99  M 91 ) हैं, 1 से 5 वर्ष की उम्र के कुल 916 बच्चे ( F420  M 496 ) कुल 1106 बच्चे बीच लगातार स्वास्थ्य एवं पोषण की निगरानी एवं उनके लिए संचालित योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया है |

समित ने इस परिवारों के बीच जंहा इन आठ महीनों के दौरान ही 7 शिशु मृत्यु 7 बाल मृत्यु, 2 मातृ मृत्यु एवं 5 स्टील डेथ दर्ज किया गया |

 इस इंटरफेस में प्रमुख अधीक्षिका महिला चिकित्सालय शुश्री डा0 शैला सिंह ने कहा नवजात शिशुओ एवं बच्चो के मृत्यु से बचाव के लिए समाधान की दिशा में प्रतिबद्ध रूप मुददे पर जानकारी की उपलब्धता, अवैज्ञानिक व् अस्वच्छ व्यवहारों में बदलाव एवं बचाव के अभ्यासों को प्रोत्साहन दिए बिना सम्भव नही है | इसलिए विभाग और समुदाय को बिना किसी तकरार के आपसी सामंजस्य के साथ मिलकर काम करना होगा |

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निदेशक डा0 अंशु सिंह ने कहा कि स्थाई  विकास लक्ष्य को प्राप्त करना भी तब ही सम्भव है जब तक मृत्यु के कारणों का विश्लेष्ण करते हुए उन कारणों एवं सम्भावनाओं को कम से कम ना करें | मृत्यु का निष्पक्ष आडिट करते हुए समाधान की दिशा में छोटे छोटे किन्तु बदलाव के महत्वपूर्ण प्रयास सतत करने होंगे | जिसमे संस्था और समुदाय के सहयोग की अपेक्षा रहेगी | जिससे जरूर स्वास्थ्य सेवाओ में बेहतरी की और बदलाव हो सकेगा |

      इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 बी बी सिंह ने कहा कि अभी पिछले 1 वर्षो में स्वास्थ्य सेवाओ की पहुच जनता तक बढी है क्योकि अभी हमलोग यह प्रयास कर रहे है कि विभाग के सभी कर्मचारी व अधिकारी जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करे | जिससे जनता में जो हीन भावना आ रही थी वह कम हो सके और मानवीय गरिमा के साथ बात चीत करते हुए उन्हें स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाए मिल सके | इसमें संस्था का भी सहयोग चाहिए कि जो भी इस तरह के केस जमीनी स्तर पर आगे आते है उन्हें हमारे संज्ञान में लाने का प्रयास करे जिससे उस पर निगरानी हो सके और लापरवाही बरतने वाले सम्बंधित व्यक्तियों को सुधारात्मक कार्यवाही की जा सके |

 

      आगे सीडीपीओ सुश्री नीलम मेहता ने कहा की अब विभाग लापरवाही करने वालो के खिलाफ सख्त हो गया है और ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच योजनाओ की जानकारी और पहुच को सुनिश्चित करने के लिए हमारा विभाग प्रतिबद्ध है | इसमें संस्थाओ की अहम् भूमिका है और हम संस्था से यह भी उम्मीद करते है कि जागरूकता के लिए विभाग से जो भी सहयोग चाहिए वो देने को तैयार है और सभी से यह अपील है की कोइ भी किसी को पैसा न दे क्योकि सरकार ये सभी योजनाये मुफ्त में देती है |

      इसके बाद श्रम विभाग से आये श्रम परिवर्तन अधिकारी राम औतार ने मजदूर पंजीकरण के साथ स्वास्थ्य बीमा योजना और अन्य योजनाओ के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी |

 ग्रामीण अंचल पिंडरा, रमईपुर, मीराशाह, मारुकडीह, अनेई, लखापुर, आयर, पुआरीखुर्द, पुआरीकला संजोई, परमंदापुर से महिलाएं एवं स्वास्थ्य एवं पोषण अधिकारों के पैरोकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद, आनन्द निषाद, प्रतिमा पाण्डेय, सुभाष प्रसाद, ब्रिजेश पाण्डेय, सोमारू पटेल सहित संस्था के वरिष्ठ सदस्य शामिल रहे |

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