रावण

Posted by Swati Kumari
September 29, 2017

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“रावण”

कल फिर एक रावण जल जायेगा
लेकिन बुराई खत्म नही होगी

कल फिर धूम धाम से श्री रामचंद्र जी
सीता माता को रावण के चंगुल से बचा लेंगे
पर फिर भी अपहरण का सिलसिला खत्म न होगा

कल फिर बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये
एक भाई अपने ही भाई के प्राण हरण का भेंद
खोलेगा
पर फिर भी रावण खत्म न होंगे

कल फिर एक पत्नी स्त्री होने की दुहाई देकर
अपने पति से बोलेगी की ऐसा गुनाह मत करो
पर वो अहंकार वश उसकी एक न सुनेगा
और एक एक कर अपने अनुजो को आग के हवाले कर देगा..

 

कल एक बार फिर पूरी रामायण दोहराई जायेगी
पर लोगो के अंदर छुपा रावण नही मरेगा

हमेशा की तरह कागज का रावण फूंक कर इंसानी रावण आबाद रहेगा और
वो ऐसी न जाने कितनी सीता माता का अपहरण हर साल करता रहेगा..

और कल फिर न जाने कितनी
सीताओ को हर बार आग के अंगारो पर चलकर अपनी पवित्रता का प्रमाण यू ही देते रहना पड़ेगा

और कल एक बार फिर महलो की रानी को
पति की इज्जत के खातिर अपने बच्चों संग किसी महाऋषि की कुटिया मे जीवन यापन करने के लिये मजबूर होना पड़ेगा

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