सतत विकास के लिए जुटे युवा

Posted by Ramkumar Vidyarthi
September 14, 2017

Self-Published

पचमढ़ी ! सतपुड़ा के  घने  जंगल और अद्भुत पहाड़ों के बीच बसा छोटा सा क़स्बा | प्राकृतिक सौंदर्य और शांति से परिपूर्ण मानो स्वर्ग का कोई टुकड़ा | संस्था टेरे डेज होम्स इंडिया के बुलावे पर यहीं जुटे मध्य प्रदेश के बारह  जिलों से 50 युवा | सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका क्या हो ? इस सन्दर्भ में तीन दिवसीय  कार्यशाला का आयोजन संजय गाँधी प्रशिक्षण संस्थान पचमढ़ी में निवसीड बचपन , मुस्कान, विकास संवाद संस्था द्वारा संयुक्त रूप से किया गया | 

क्या है ‘सतत विकास लक्ष्य’ – 

‘सतत विकास लक्ष्य’ (Sustainable Development Goals-SDGs) में 17 मुख्य विकास लक्ष्यों तथा 169 सहायक लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए P5 (People, Planet, Peace, Prosperous तथा Partnership पर विशेष बल दिया गया है।25-27 सितंबर, 2015 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय में आयोजित शिखर बैठक में पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 देशों द्वारा ‘सतत विकास लक्ष्य’ (एजेंडा-2030) को स्वीकार किया गया ,इसमें भारत देश ने भी हस्ताक्षर किये हैं |‘सतत विकास लक्ष्य’ को वर्ष 2016-30 तक के लिए लक्ष्यित किया गया है इसे ‘2015 पश्चात विकास एजेंडा’ भी कहा गया है।

कार्यशाला में जिन प्रमुख लक्ष्य  पर चर्चा की गई और युवाओं ने काम करना तय किया  है वे हैं –

1. गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति

  • वर्ष 2030 तक गरीबी के सभी स्तरों में 50 प्रतिशत तक कमी लाना।
  • लगभग 836 मिलियन लोग अभी भी गरीबी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
  • विकासशील देशों में 5 में से 1 व्यक्ति प्रति दिन 1.25 डॉलर से भी कम आय में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

युवाओं ने परिचर्चा में बताया की गाँव और शहरी बस्तियों में बाल कुपोषण गरीबी के गंभीर कारक के रूप में मौजूद है | प्रदेश में नियमित रोजगार की बड़ी चुनौती युवाओं के सामने है |

3. सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना

  • वर्ष 2030 तक वैश्विक मातृत्व मृत्यु दर को प्रति 100,000 जीवित जन्म पर 70 से कम करना।
  • वर्ष 2030 तक नवजात तथा 5 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों की मृत्यु रोकना जिन्हें बचाया जाना संभव है।
  • वर्ष 2030 तक नवजात बच्चों की मृत्यु दर प्रति 1000 जीवित जन्म पर 12 तक करना तथा 5 वर्ष तक के बच्चों में यह दर 25 प्रति हजार तक करना है।
  • वर्ष 2030 तक खतरनाक रसायनों, हवा, मिट्टी, पानी आदि के प्रदूषण से होने वाली बीमारियों एवं मौतों की संख्या को कम करना।
  • सभी के लिए स्वच्छता एवं जल के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना
    • वर्ष 2030 तक सुरक्षित व वहनीय पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना।
    • वर्ष 2030 तक खुले में शौच की प्रवृत्ति की समाप्ति।

4. समावेशी और न्याय संगत गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना

  • वर्ष 2030 तक सभी लड़कों एवं लड़कियों को निःशुल्क, समान व गुणवत्तापरक प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा सुनिश्चित करना।

13.जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना।

  • महासागर, समुद्र तथा सागरीय संसाधनों का संरक्षण और सतत उपयोग करना।
  • वर्ष 2025 तक सभी प्रकार के समुद्री प्रदूषण को कम करना।
  • सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना।

सतत विकास लक्ष्यों को पाने के लिए युवा समूहों द्वारा पहल की जा रही है  जिसके लिए एक जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनायी  गई है | युवाओं ने सभी बच्चों के लिए शिक्षा  , युवाओं में नशा निषेध , पर्यावरण संरक्षण सहित स्वयं के व्यव्हार में बदलाव लाकर एक नई दुनिया बनाने  के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने और जागरूक करने की भूमिका ली है |

युवाओं का सतत विकास अभियान इन जिलों में चलेगा – 

भोपाल , विदिशा , होशंगाबाद , जबलपुर ,इंदौर , बडवानी , पन्ना , सतना , रीवा , उमरिया, बैतूल, हरदा |

 

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