सबको पता है तुम आतंकवादी हो

Posted by Prashant Tiwari
September 23, 2017

Self-Published

यह घोषणा हो चुकी है कि रोहिंग्या मुसलमान आतंकी हैं और उनसे सभी देशों को खतरा है, इसलिए उनको कोई देश अपने यहाँ पनाह देने को तैयार नहीं है और इसीलिए उनके साथ जो भी हो रहा है वो बहुत लोगों को जायज़ भी लग रहा है।

हो सकता है शायद उनमें से कुछ लोग ऐसे हों जो इन गतिविधियों में शामिल हों लेकिन इसका मतलब क्या यह हुआ कि उस समुदाय के सभी लोग यही कर रहे हों और जो इनमें शामिल हैं उनकी जाँच-पड़ताल हो और उस अनुसार उनको सजा मिले, लेकिन बाकी का क्या जिनका इन बातों से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं। वो बच्चे जिनको खाने-पहनने और पढ़ने को नहीं मिलता वो आतंकवाद कहाँ से जान जाएंगे।
अब अगर आंग सान इस बात को नहीं समझ रही हैं जिन्होंने खुद एक त्रासदी झेली है तो यह अपने आपमें बहुत हास्यास्पद है। अगर उन्हें शक था कि रोहिंग्या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं तो उन्हें पहले ही कुछ करना चाहिए था क्योंकि यह सही तरीका है है जो अब किया जा रहा है। और अगर वो अपनी सरकार बचाने के लिहाज से ये कर रही हैं तो ये और भी अजीब है।
वहीं, खुद देश से निष्कासन का दंश झेल चुकी तस्लीमा नसरीन यह कहती हैं कि रोहिंग्या के लिए भारत की सुरक्षा से समझौता करना ठीक नहीं है।
यहाँ बात किसी देश या नागरिक की सुरक्षा को खतरा पहुंचाना या किसी संकट में डालना नहीं है बल्कि बात सिर्फ इतनी है कि बिना सही तरीके से जांच किए यह घोषित कर देना और सारी जनता का यह राग अलापना कि रोहिंग्या आतंकवादी हैं, यह कहना गलत है।
ज़रा गौर कीजिए की यह कितनी अजीब बात है कि किसी को अपराधी घोषित कर दिया गया और सबने एक सुर में उसे स्वीकार भी कर लिया बिना उससे पूछे या उसकी राय जाने। ठीक इसी तरह से हज़ारों लोग बिना अपराध किए ही समाज द्वारा दोषी ठहरा दिए जाते हैं और उन्हें खुद को निर्दोष साबित करने में सालों लग जाते हैं और कभी-कभी तो वो ऐसा कर भी नहीं पाते।
कहने का मतलब सिर्फ इतना है कि कोई बात कहने से पहले या उस पर अपनी राय बनाने से पहले एक बार अपने विवेक का प्रयोग भी करना चाहिए, ना कि किसी के द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों के आधार पर निर्णय लेने के।

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