सरकारी यूनिवर्सिटी से महरूमी क्यों दस्तकारी का गढ़ मुरादाबाद मंडल पर “सलीम बेग” के सवाल

Posted by Mohammad Aadil
September 2, 2017

Self-Published

सलीम बेग (RTI रिसर्चर & सोशल एक्टिविस्ट) के नेतृब में एक प्रतिनिधि मंडल ने दिसंबर 2016 को उत्तर प्रदेश के राज्य पाल महामहिम श्री रामनायक से उनके आवास पर मुलाक़ात के दौरान उत्तर प्रदेश के अनेक मुद्दों के अलावा विशेषरूप से मुरादाबाद मण्डल में एक भी सरकारी यूनिवर्सिटी ना होने के मुद्दे को प्रबलता के साथ उठाया गया था और मुरादाबाद में सरकारी विश्विद्यालय की स्थापना किये जाने हेतु एक लिखित मेमोरेंडम भी महामहिम को प्रस्तुत किया था। महामहिम द्वारा उक्त ज्ञापन को लेते हुए मौखिक आश्वासन दिया था कि इस दिशा में काम किया जायेगा लेकिन इलेक्शन बीत जाने दीजीये।
सर्वविदित है कि मुरादाबाद मण्डल में ज़िला-रामपुर, मुरादाबाद,सम्भल,अमरोहा और बिजनोर आते है उक्त  बड़ी आबादी वाले इन पांचो ज़िलों में यहाँ के लाखो छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए एक भी सरकारी यूनिवर्सिटी स्थापित नही की गई है। जबकि उक्त ज़िलों से सरकार को इनकम टैक्स, सेल्ल टैक्स, हाउस टैक्स,पेट्रोल, डीजल, होटल टेक्स, मोबाइल रिचार्ज टेक्स, भूमि टेक्स, प्रतियक्ष और अप्रतियाक्ष रूप से हज़ारों किस्म के टैक्स से हजारों करोड़ का राजस्ब प्राप्त होनेे के बाबजुद मुुुरादाबाद मंडल में एक भी सरकारी विश्व विद्यायल का स्थापित ना होना दर्शाता है कि पिछली सरकारों और जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियो की निष्क्रियता और नाकारा होने की वजह से शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से यहाँ के अधिकांश छात्र -छात्राये वंचित रहे । और उच्च शिक्षा ग्रहण नही कर सके।   जबकि पिछली सरकार पूर्ण बहुमत में थी और इन पांचों जनपदों में सपा के ही जनप्रतिनिधि ब्राजमान   थे यदि वास्तव में यह नामनिहाद एम, एल, ए या एम, पी,व् मिनिस्टर  जनता के ज़रा भी हितैषी होते तो मुरादाबाद मण्डल सरकारी यूनिवर्सिटी से वंचित न होता। और यहां के स्टूडेंट महँगी और खर्चीली पढ़ाई के लिए प्राइवेट यूनिवर्सिटीयों के मकड़ जाल में ना फसते। छेत्र में अधिकांश स्टूडेन्ट माली ग़ुरबत की वजह से उच्च शिक्षाग्रहन करने से रह जाते है यह भी सब जानते है कि उक्त मण्डल में दस्तकारों की संख्या अत्यधिक है  उन दस्तकारों के बच्चों के पढ़ने के लिए  और उनका आलतालीम हासिल करने का सपना सरकारी यूनिवर्सिटी न होने की वजह से चकनाचूर हो जाता है।
निःसंदेह यह सरकार और जनता द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियो की नालायकी का नतीजा ही है कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल को सरकारी यूनिवर्सिटी से अछुता रखा गया है और यहाँ के बंशीन्दो के अधिकारों को जानबूजकर मजरूह किया गया है। वर्तमान में अभी तक तो मुरादाबाद मंडल में सरकारी यूनिवर्सिटी कायम किये जाने के सिलसिले में कोई सुगबुगाहट सरकारी ज़राए से सुनने को नहीं मिली है। अलबत्ता इतना ज़रूर है कि वर्तमान BJP की सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’कहते कहते सत्ता में आई है। अब देखना होगा की वह अपने इस वचन को मुरादाबाद मंडल में विश्व विद्यालय स्थापित कर कब तक निभाती है।
अतः हम उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महामहिम
श्री रामनायक व् श्री योगी आदितत्यनाथ, माननीय मुख्यमंत्री से कहना चाहेंगे कि उनकी सरकार ” सबका साथ सबका विकास ” के नारे के साथ उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ आयी है वह मुरादाबाद मण्डल में कम से कम एक अदद सरकारी यूनिवर्सिटी ज़रूर स्थापित करे ताकि  ग़रीब, मज़दूर, कमज़ोर और पिछडों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल सके।

9 माह गुजर जाने के बाद भी महामहिम की मौखिक आस्वासन के पूरा होने की राह देख है मुरादाबाद बासी जिन्होंने बीजेपी को एक सांसद और अनेक विधायक दिए है सलीम बेग का कहना है कि हमें महामहिम की आस्वासन पर भरोसा है कि वो अपना वादा निभाएंगे।क्योकि बीजेपी का नारा है कि “सब का साथ सब का विकास”

 

लेखक मुहम्मद आदिल

स्वतंत्र पत्रकार

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.