सिचाई योजनाओं के नाम पर सरकारें किसानो का और कितना मज़ाक बनायेंगी

Posted by Ankit Shukla
September 17, 2017

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एक तरफ जहाँ किसानो के लिये सिंचाई के लिये रोज नयी नयी योजनायें बनाई जा रही हैं

उनकी आय 2022 तक दोगुना करने की बात वर्तमान सरकार कह रही है वहीँ उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशाशनिक अधिकारी नहरों मैं पानी सिर्फ कागजों मैं चला रहे हैं,

वो नहर जो पिछले 10 वित्तीय वर्षो से रखरखाव और सफाई के नाम पर पैसा खाये जा रही है वो अलग बात है वो सुखी है

 

आगरा के सैंया ब्लॉक मैं हिरोडा माइनर है जिस मैं पिछले 10 वर्षों से पानी नहीं आया है सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई है जो कि प्रत्येक वर्ष होती हैं लगभग 10 किलोमीटर लम्बी नहर की सफाई 1 दिन मैं हो जाती है

जब उत्तर प्रदेश मैं योगी सरकार आई तो उनके द्वारा अभी तक कहा भी जा रहा है ये कि जनशिकायतों के निस्तारण मैं लापरवाही पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी तब मेरे द्वारा उक्त सम्बन्ध मैं आई जी आर एस पर शिकायत संख्या-40014617008290 मैं जो कि मंडलायुक्त आगरा के नाम से थी मैं हिरोडा माइनर मैं पानी न आने की शिकायत की गई थी जिसके निस्तारण मैं जो आख्या लगाई गई है उसमें उसमें लिखा गया है उक्त माइनर की साफ सफाई प्रत्येक वित्तीय वर्ष मैं कराई जाती है और उसमैं प्रत्येक वर्ष पानी सुचारू रूप से आता है लेकिन जमीनी हकीकत है कि उक्त माइनर से पिछले 10 वर्षो से एक हेक्टेयर जमीन की सिंचाई नहीं हुई है जबकि उस शिकायत की आख्या मैं लिखा गया है पानी सुचारू रूप से आता हैं

उसके बाद मैंने शिकायत संख्या-40014617003496 से शाशन स्तर पर शिकायत की लेकिन वहाँ से भी कार्यवाही नहीं हुई,

उसके बाद मैं प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज करा चूका हूँ लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई सवाल उठता है कहाँ हैं वो जनप्रतिनिधि जो चुनाव के दौरान लम्बे लम्बे वादे कर के जाते हैं

गम्भीर स्थित है कि इस तरह का एक भी वाजिब प्रश्न सदन मैं किसी भी क्षेत्रीय विधायक या सांसद द्वारा नहीं उठाया जाता तो ये लोकतंत्र के लिये शर्मनाक है जब सदन मैं जाने वाले लोग वाजिब मुद्दों से दूर भाग कर एक नया सपना देखते हैं,

 

मज़ेदार बात ये भी है

इस क्षेत्र के एकमात्र माइनर मैं पानी न आने की वजह से इस क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर डार्क जॉन मैं हैं यहाँ नया बोरिंग किसान कर नहीं सकते और यहाँ किसान अपनी फसलों की 150 रुपये प्रति घण्टे की  दर से सिंचाई करते हैं, अपने आप मैं दुखद है पिछली सरकारें और वर्तमान सरकार इस को नज़रअंदाज़ करती रहीं लेकिन यहाँ सरकारी दलीलें और मज़ेदार है, सरकारी नहर विभाग ने लिखता है इस माइनर मैं नियमित रूप से पानी आता है जिससे प्रत्येक फसली वर्ष मैं सिंचाई की जाती है..

लानत है ऐसी व्यवस्था पर।।

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