अगर भूख देखना है तो हमलोग थोड़ा पुरानी दिल्ली की थोड़ा जा के देखना चाहिये |

Posted by Prakash Ranjan
October 21, 2017

Self-Published

अगर भूख देखना है तो हमलोग थोड़ा पुरानी दिल्ली की थोड़ा जा के देखना चाहिये | की लोग कैसे एक कतार में बैठे रहते है और इंतजार करते रहते है कोई आये जो इश दुकान वाले को बिस रुपये दे | और दुकानदार इन्हें दो रोटी और चिकेन खा कर अपने काम पर जा सके | मैंने यह जाने की कोशिश की आखिर ये लोग जो काम करते है तो इन्हें पैसे तो मिलते होंगे ना | मुझे यह जान कर हैरानी होई की जिस दिन ये लोग को काम नही मिलता है उस दीन ये एक साथ बैठे रहते है | अपने पेट भरने के लिए |
सरकार बात करती है की गरीबी की लेकिन आप देख सकते की रोजगार नही होने कारण ये लोग खाने के सोच रहे है | ये सरकार 2014 के चुनाव में बहुत बड़ा बड़ा
बात किये थे की हमारी सरकार आई तो हम लेबर् क्लास के लोग के लिए रोजागार लाएंगे लेकिन सब बात हवा हो गई | इस सरकार ने रोजगार देने का कायम नही हुए लेकिन लोग को रोड पर लाने में सफल रही| क्या सरकार इनके लिए कुछ कर सकती है क्या ?
दिल्ली सरकार बात करती है | हमने तो रहने का अच्छा इंतजाम करवा रखा है लेकिन ये सब बात सिर्फ पपेर तक ही रह गया है अगर आप जा कर देखे तो इनकी जिन्दगी कैसे जीते है | नही इनके सिर कए ऊपर छत होती है नही इनके खाने की ठीक होती क्या दिल्ली और किन्दीय सरकार कुछ कर सकती है क्या अगर कर सकती है तो जल्दी से करना चाहिए क्योकि ठंड भी आ गया है | सरकार रोगजार तो नही दे सकती लेकिन ये लोग उमीद रखते की सरकार हमलोग को एक रहने का अच्छा सा बेवथा करवा सकती है क्या !

Parkash Ranjan ( DSJ)

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