एक कहानी ऐसी भी

Posted by Ritu Meena
October 19, 2017

NOTE: This post has been self-published by the author. Anyone can write on Youth Ki Awaaz.

एक कहानी साझा करना चाहती हूँ।

वो लिखतीं हैं- माँ मेरी बड़े साहिबों के घर बर्तन साफ करती थी, पिताजी उनकी कमाई को साफ करते थे। मुझसे बडी़ चार बहनें और हैं। माँ कभी पिताजी को बेटा नहीं दे पाई, पिताजी माँ को इज्ज़त। बचपन से ही पिताजी को नशे में धुत्त देखा था। माँ को पीट भी देते थे कभी-कभार, माँ दो आँसू बहाकर चुप बैठ जाती।
माँ मेरी बहुत सहनशील थी, पिताजी भी दिल के बुरे नहीं थे शायद। कभी कभी बहुत प्यार करते हैं। बचपन का एक किस्सा याद आता हैं।
मेरी बहनें पढऩे गई थीं। मैंने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया था। मैं बाहर मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रही थीं। माँ बड़े साहब के घर काम करने जा चुकी थी। पिता जी ने मुझे आवाज दी। अब चाहती तो मैं खेलना थीं पर सोचा झटपट पिताजी का काम कर खेलने लगूँगी। पिताजी अदंर के कमरे मे बैठे थे।
उन्होंने मुझे अपनी गोद मे बिठाया और बोले-” आज हम तुम्हारे साथ खेलेंगे। एक नये तरह का खेल हैं ये।” मैं बहुत प्रस्सन हुई। पिताजी ने मेरे कपडे़ निकालने शुरू किए। मुझे भी मेरी गुडिय़ा के कपडे़ बदलने का खेल बहुत पसंद था। मैंने कुछ कहा नहीं, तब भी नहीं जब मेरे पैरों के बीच से खून बहने लगा। मुझे पैरों के बीच जलन होने लगी थी, बडों के खेल ऐसे ही होंगे मैंने सोचा। कुछ देर बाद पिताजी ने मुझे चॉकलेट दी और बोले माँ को ना बताना।
मुझे उस दिन चॉकलेट ना पसंद आयी न वो खेल पसंद आया मुझे। मैं तो अपनी गुडिया के साथ ऐसा नहीं करती थी। मेरी गुडिय़ा को तो दर्द नहीं होता, वो रोती तो नहीं। मैंने माँ को कुछ नहीं बताया। पिताजी ने भी कभी उस बारे मे बात न करी।
कुछ महिनों बाद पिताजी चल बसे। डॉक्टर ने कहा उनके गुर्दे खराब हो चुके थे । इलाज के पैसे नहीं थे माँ के पास। माँ शायद खुश थीं, आँसू नहीं बहाये उन्होनें। मैंने भी।
पिताजी जा चुके। उस खेल के घाव तो भर गए, दर्द अभी भी हैं। दर्द लेकिन दिल मे होता हैं अब।

ये लिखती है वो, बस यही लिखती हैं, इतना ही लिखती हैं।

महोदय, मेरी कलम के लिये तो ये मात्र एक कहानी है। एक अंश है मेरी कल्पना का। किंतु क्या आप ये कह सकते हैं कि ये किसी की हकीकत नहीं? माफ कीजिए, मैं इस कहानी को कहानी न कह पाऊँगी।

Youth Ki Awaaz is an open platform where anybody can publish. This post does not necessarily represent the platform's views and opinions.