जनकृति पत्रिका का नवीन अंक प्रकाशित (जुलाई-सितंबर 2017) सयुंक्त_अंक)

Posted by Kumar Gaurav
October 13, 2017

Self-Published

नमस्कार,
#जनकृति_पत्रिका_का_नवीन_अंक_प्रकाशित_जुलाई_सितंबर_2017_सयुंक्त_अंक)
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इस अंक में –

कविता

शशांक पाण्डेय, संध्या यादव, अनूप बाली, पुरुषोत्तम व्यास, रोशन कुमार, सुबोध श्रीवास्तव, दीपक कुमार, करुणा सक्सेना, प्रभात सरसिज, परितोष कुमार पीयूष’, केशव शरण

 

नवगीत

पीतांबर दास सराफ रंक

 

कहानी

  • पानी भर ज़िंदगी: कुमारेन्द्र किशोरी महेंद्र

 

लघुकथा

  • गुनहगार: अर्चना गौतम मीरा
  • सुनयना: नीरज शर्मा

 

 

 

 

पुस्तक  समीक्षा

  • उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र (पाओलो फ्रेरे): समीक्षक- डॉ. दीना नाथ मौर्य
  • कारागार (उपन्यास: नेपाली भाषा): वानीरा गिरि- समीक्षक: रक्षा कुमारी झा
  • घड़ी (संग्रह- मोहन सिंह, अनुवाद- यशपाल निर्मल)- समीक्षक: संदीप तोमर

 

व्यंग्य

  • एक मित्र के लिए उसके शुभाकांक्षी मित्र का पत्र: प्रदीप कुमार साह

 

डायरी

  • गौरव गुप्ता

 

ग़ज़ल

  • नवीन मणि त्रिपाठी
  • डॉ. डी.एम. मिश्र
  • भावना

 

यात्रा वृत्तांत

  • ‘मही’ के किनारे-किनारे नौ दिन: कारूलाल जमडा़
  • मेरी पहली हवाई यात्रा: डॉ. अनीता यादव

 

संस्मरण

  • मैंने देखा है बादलों केआगे एक दुनिया और भी: लता तेजेश्वर
  • आसान नहीं है बद्री नारायण लाल हो जाना: सुशील स्वतंत्र

 

हाईकू

  • डॉ. अर्चना सिंह
  • सत्या शर्मा कीर्ति
  • आनंद बाला शर्मा

 

शोध- विमर्श/ Research Discourse

  • हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के १२४ वे उन्मुखी कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों के पीएच.डी. शोध प्रबंध में उल्लिखित परिकल्पनाएँ (Hypothesis), उद्देश्य (Objectives), एवं निष्कर्ष ( Findings) का स्वरुप : एक अवलोकन- डॉ. रमा प्रकाश नवले, डॉ. प्रेरणा पाण्डेय, डॉ. मंजु पुरी

 

कला- विमर्श/ Art Discourse

  • Folk Dances of Tripuri Tribe: An Analytical Study- Surajit Debbarma [Research article]
  • हिमाचल प्रदेश की काष्ठकला का एतिहासिक परिदृश्य: मंजुला कुमारी [शोध आलेख]
  • बंजारा लोकगीतों में प्रेम-सौन्दर्य: डॉ. सुनील गुलाब सिंह जाधव [शोध आलेख]
  • उत्तराखंड की लोकसंस्कृति में लोकगीत परंपरा: डॉ. नीलाक्षी जोशी [शोध आलेख]
  • प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का नाट्य रूपांतरण: तेजस पूनिया
  • आधुनिक हिन्दी नाटकों के चिंतन का स्वरूप: अजय कुमार सरोज [शोध आलेख]
  • इप्टा से जुड़े भीष्म साहनी का हिंदी सिनेमा में योगदान: आदित्य कुमार मिश्रा [शोध आलेख]

 

मीडिया- विमर्श/ Media Discourse

  • हिन्दी के प्रसार में मेडिया की भूमिका: डॉ. मौ. रहीश अली खां [शोध आलेख]
  • हिन्दुस्तानी अदब के प्रचार-प्रसार में नवल किशोर प्रेस का योगदान: हिमांशु बाजपेयी [शोध आलेख]

 

दलित एवं आदिवासी- विमर्श/ Dalit and Tribal Discourse

  • भक्ति आंदोलन: दलित संदर्भ- डॉ. इकरार अहमद [शोध आलेख]
  • ‘नवं लुगडं’ कहानी-संग्रह में आदिवासी ‘पारधी समाज’ का चित्रण: रामडगे गंगाधर [शोध आलेख]
  • संजीव के ‘धार’ उपन्यास में आदिवासी चिंतन: मनीष कुमार [शोध आलेख]

 

स्त्री- विमर्श/ Feminist Discourse

  • ज्योतिरीश्वर ठाकुर का वर्णरत्नाकरः स्त्री के परिप्रेक्ष्य से: प्रियंका कुमारी [शोध आलेख]
  • बौद्धकालीन नारी : दशा और दिशा- अरुण कुमार निषाद [शोध आलेख]
  • स्त्री-शिक्षा की अग्रदूत: सावित्रीबाई फुले- दीपा [शोध आलेख]
  • महिलाओं की सुन्नत: एक कुप्रथा- आरिफा खातून [शोध आलेख]
  • इक्कीसवीं सदी की हिंदी कहानियों में स्त्री की बदलती सामाजिक छवि: प्रियंका शर्मा
  • समकालीन स्त्री कहानीकारों की कहानियों में अभिव्यक्त स्त्री-पुरुष सम्बन्ध: राम सुभाष
  • जिंदगी औरत की’ एक नारी विमर्श: प्रियंका चाहर [शोध आलेख]
  • संजीव के उपन्यासों के स्त्री पात्र: संघर्ष के आयाम- बेबी कुमारी [शोध आलेख]

 

बाल- विमर्श/ Child Discourse

  • A Report on “Motherhood experience of disabled child”: Garima
  • ग्राम बाल संरक्षण समिति की जागरूकता का अध्ययन : देवली तालुका के संदर्भ मेंदीना नाथ यादव[शोध आलेख]

 

भाषिक- विमर्श/ Language Discourse

  • संपर्क भाषा के रूप में भारत में अंग्रेजी से अधिक सक्षम है हिंदी: रश्मि रानी [शोध आलेख]

 

शिक्षा- विमर्श/ Education Discourse

  • प्राथमिक स्तर की शिक्षा व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन: दिनेश कुमार [शोध आलेख]
  • सरकार की गैर बराबरी बढ़ाने वाली शिक्षा नीतिः अतीत से वर्तमान तक- एकता [शोध आलेख]
  • शिक्षा, संविधान एवं पाठ्यक्रम : एक पुनर्विचार- अर्धेंदु [शोध आलेख]
  • 21 वी शताब्दी में हिंदी साहित्य शिक्षण: मनीष खारी [शोध आलेख]

 

समसामयिक विषय/ Current Affairs

  • भारत में आपदा प्रबंधन का संस्थागत एवं प्रशासनिक ढांचा: ललित यादव [लेख]
  • किन्नर समाज: सम्मान की दरकार- वंदना शर्मा [शोध आलेख]
  • हथियारों के कारोबार के बाद मानव तस्करी विश्व भर में तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है।: अनीता मिश्रा ‘सिद्धि’ [लेख]

 

शोध आलेख/ Research Article

  • रामविलास शर्मा और नामवर सिंह की आलोचना दृष्टि का तुलनात्मक अध्ययन: अमृत कुमार
  • ‘रागदरबारी’ और ‘नागपर्व’ उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन: राजनितिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य में- मुदस्सिर अहमद भट्ट
  • ‘दौड़’ उपन्यास में बाजारवाद: अनिता यादव
  • त्यागपत्र उपन्यास में अभिव्यक्त व्यक्ति और समाज के सहसम्बन्ध: कल्पना सिंह राठौर
  • परशुराम की प्रतीक्षा: चीनी आक्रमण से उपजा क्षोभ- डॉ. गीता कपिल
  • श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास ‘रागदरबारी’ का सामाजिक अध्ययन: डॉ. कमल कृष्ण
  • रामवृक्ष बेनीपुरी की रचनाओं में भारतीय संस्कृति की झलक: विवेक कुमार
  • ‘कुछ भी तो रूमानी नहीं’ कहानी संग्रह में स्त्री पात्रों के जीवन का उभरता सच: कुलदीप
  • मीरा और समाज : एक पुनर्मूल्यांकन- डॉ. सोमाभाई पटेल
  • ‘अग्निगर्भ’ उपन्यास और नक्सलवादी विचारधारा: मोहिनी पाण्डेय
  • प्रेमचंद-साहित्‍य में मानवेत्‍तर चेतना: डॉ. मीनाक्षी जयप्रकाश सिंह
  • पहर दोपहर : फ़िल्मी दुनिया का यथार्थ: स्वाति चौधरी
  • समकालीन कथाकार चंद्रकांता एवं नीरजा माधव के उपन्यासों में संस्कृतिगत वैचारिक चुनौतियाँ: प्रो. मृदुला शुक्ला
  • उदयप्रकाश की महाकाव्यात्मक कहानी ‘पीली छतरी वाली लड़की’ में निहित मूल संवेदना: संतोष कुमार
  • श्री लाल शुक्ल के उपन्यासों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण: डॉ. लक्ष्मी गुप्ता
  • सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’ के काव्य सृजन की साहसिकता: विशाल कुमार सिंह
  • उदय प्रकाश की रचना सृष्टि का राजनीतिक आयाम: विनय कुमार मिश्र
  • लीलाधर मंडलोई का परिवेश-बोध और काव्य दृष्टि: विकाश कुमार यादव
  • आधुनिकताबोध और केदारनाथ सिंह: डॉ. विमलेश त्रिपाठी
  • उत्तरमध्यकालीन प्रमुख निर्गुण सन्त सम्प्रदाय: सामान्य परिचय- डॉ॰ अनुराधा शर्मा
  • कितने पाकिस्तानः मानवता का दस्तावेज- भगवती देवी
  • मनीषा कुलश्रेष्ठ के कहानी-संग्रह ‘कठपुतलियाँ’ में चित्रित यथार्थ: प्रियंका चाहर
  • कबीर: कल और आज- सुमित कुमार चौधरी
  • शिवप्रसाद सिंह की कहानियों में ग्रामीण जीवन और सामाजिक परिप्रेक्ष्य- कंचन लता यादव
  • त्रिलोचन शास्त्री के साहित्य में मानवीयता की तलाश- – डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय
  • मध्यकालीन सामंती प्रतिरोध और नागमती का चरित्र- छाया चौबे
  • हंसराज रहबर के साहित्यिक कृतियों में राष्ट्रवाद और मार्क्सवाद का द्वंद: पंकज कुमार
  • समकालीन हिन्दी कहानी में सामाजिक आर्थिक लोकतन्त्र: डॉ. धनंजय कुमार साव

 

साक्षात्कार/ Interview

  • राधा किन्नर से साक्षात्कार: पार्वती कुमारी
  • मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक, प्रसिद्ध साहित्यकार व आलोचक डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय से  डॉ. प्रमोद पाण्डेय की बातचीत

 

अनुवाद/ Translation

  • साहित्यिक अनुवाद : ज्ञान का लोकतंत्रीकरण एवं अनुवादक की स्वायत्ता का प्रश्न- श्वेता राज
  • अप्रकाशित अनूदित रूसी कहानी: मारेय नाम का किसान- मूल कथाकार : फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की: अनुवादक- सुशांत सुप्रिय

 

प्रवासी साहित्य/ Diaspora Literature

  • ब्रिटेन के परिप्रेक्ष्य में प्रवासी साहित्यकार एवं लेखक: एक परिचयात्मक अध्ययन- डॉ. उर्मिला पोरवाल सेठिया
  • गिरमिटिया मजदूरों की पीड़ा का दस्तावेज़: गांधी जी बोले थे- राजपाल

 

 

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