जो ख्वाब है दिल में.

Posted by Bharti Sanghmitra
October 28, 2017

जो ख्वाब है दिल में तेरे, दिल से आँखों में उतर जाने दो..

जो खुद से किये कई वादे, उन सब को निभाने दो..

मुड़कर देख लो लहरों को, ऐसी ही है ज़िन्दगी ..

कभी स्थिर नहीं , हमेशा लहरों से भरी..

एक जो आवाज़ है हुंकार सी ,इन लहरों में..

ऐसी गूंज दिल में उठा लो ,अपने सपनों को आँखों में बसा के उसे सच्चा बना लो..

चुप रह कर कब किसने क्या पाया है, किस किस की सोचोगे सब मोहमाया है..

क्या देख रहे हो उस पार को , हो स्वतन्त्र मन से तोरो  डर की दिवार को..

कोई विजेता पैदा नही होता , और ऐसा भी नही जितने वाला नही गिरता नही रोता..

रोकर ,हँसकर,गिरकर.उठकर ,बहाकर  पसीना,रक्त पीकर और यथार्थ में जीकर ..

जीतता है योध्हा..

तो फिर किसका डर !

ले साँस थम एक छलांग तो ले..

थोडा घबराओगे, फिर काबू करना मन को..

ये विश्वास रहे ..कोशिश की है तुमने..

 

जीत को जरुर पाओगे..