दिवाली आ गई है, हर बार की तरह इस बार भी कुछ बवाल-बमचक होगी…

Posted by Indrajeet Sinha
October 17, 2017

Self-Published

उर्दू में नज़्म लिखने वाले पहले कवि माने जाने वाले ‘नज़ीर अकबराबादी’ ने अपनी ‘दीवाली’ शीर्षक कविता में प्रकाश के इस त्यौहार और जनसामान्य के संबंध को कुछ इस तरह व्यक्त किया है-

हमें अदाएँ दीवाली की ज़ोर भाती हैं .

कि लाखों झमकें हरएक घर में जगमगाती हैं .

चिराग जलते हैं और लौएँ झिलमिलाती हैं .

मकाँ-मकाँ में बहारें ही झमझमाती हैं .

हम तो कह रहे हैं कि सीट की पेटी बांध लो और फुल तैयारी कर लो. हर बार की तरह इस बार भी कुछ बवाल-बमचक होगी कि नहीं होगी. कि फिर से ईको फ्रेंडली वालों के चोंचले में आ जाओगे…

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आपके पटाखे भी फुसकी हो सकते है इस दिवाली सतर्क हो जाए सावधान रहिए फोड़ने से पहले चेक कर लीजिए चाइना माल तो नहीं.

त्यौहारों पर मिठाई व सोने या किसी भी तरह की खरीदारी कर रहे है तो हो जाइए सावधान!

  1. नकली खोए वाली मिठाई

थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. अगर आप इस दीपावली में बाज़ार से मिठाई खरीदने वाले हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि बाज़ार में मिठाइयों में मिलावटखोरी जमकर हो रही है, यह मिठाई आपकी जान भी ले सकती है. इसके लिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत ही आवश्यक है. दीपावली और अन्य त्यौहारों के समय मिठाईयों की मांग बढ़ जाती है. इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर, मावे व मिठाईयों में मिलावट करके उसकी मात्रा तो बढ़ा देते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता पूरी तरह से खत्म हो जाती है. नतीजतन लोग गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं. मिठाईयां बनाने के लिए दूध, मावे और घी की आवश्यकता होती है, जिसकी मांग सबसे ज्यादा होती है. लेकिन खपत बढ़ाने के लिए मिलावटखोर इन उत्पादों को सोडा, डिटरजेंट, कास्टिक सोडा, यूरिया के प्रयोग से तैयार करके बाज़ार में बेचते हैं, जिसके दुष्परिणाम व्यक्ति की स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में सामने आते हैं. त्यौहार के समय यह मिलावट बढ़ जाती है, क्योंकि दूध, मावे की मांग काफी होती है और इससे व्यापारियों को मुनाफा होता है.

शुद्धता की परख कैसे करें-

  • दूध और मावे के साथ अन्य डेयरी उत्पादों में भी मिलावट होती है. मावे की जांच के लिए सैंपल लेकर टेस्‍ट ट्यूब में भरें और उसमें 20 एमएल पानी डाल कर उबालें. ठंडा होने पर इसमें दो बूंद आयोडीन डालें. अगर सैंपल का रंग नीला हो जाए तो इसमें स्‍टार्च मिला हुआ है.
  • दूध में पानी की मिलावट को परखने के लिए किसी चिकनी सतह पर दूध की कुछ बूंदें गिराएं. अगर यह बूंदें बगैर निशान छोड़े तेजी से आगे बह जाए, तो इसमें पानी मिला हुआ है. वहीं दूध अगर शुद्ध होगा तो वह धीरे-धीरे बहेगा और सफेद धब्बा छोड़ जाएगा.

सोना व चांदी (Gold & Silver)

सोने व चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला आए दिन जारी रहता है. मगर हम आपको बता दे की सोना हॉलमार्क का निशान देखकर खरीदना चाहिए. इसके अलावा दुकान की रसीद जरूर लें जिससे अगर आपके साथ ठगी हुई तो आप उपभोक्ता फोरम में जा सकें. अगर सोने की शुद्धता को लेकर शक है तो उसे शहर में बने हालमार्किंग सेंटर पर आकर जांच करवा लें. यह जांच केवल 50 रुपए प्रति पीस में हो जाता है.

हालमार्क ने बांटे हैं सोने की शुद्धता की कैटेगरी

23 कैरेट- इसमें 95 प्रतिशत सोना बाकी मिलावट

22 कैरेट- इसमें 91 प्रतिशत सोना बाकी मिलावट

22 कैरेट- इसमें 91 प्रतिशत सोना बाकी मिलावट

21 कैरेट- इसमें 87 प्रतिशत सोना बाकी मिलावट

20 कैरेट- इसमें 83 प्रतिशत सोना बाकी मिलावट

हालमार्क के पांच निशान जरूर देंखें

  • तिकोने शेप में बना हॉलमार्क का निशान
  • सोने का प्रतिशत
  • बीआईएस कोड
  • हालमार्किंग सेंटर का नाम
  • हालमार्क के निशान में जिस जुलरी से आप गहने खरीद रहे हैं उस दुकान का लोगो(LOGO)

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