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धर्म पर कोर्ट की राजनीती क्यों ??

Posted by Kaun Karun
October 10, 2017

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कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया की दिल्ली और दिल्ली के आस पास के क्षेत्र में पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकती |

वैसे में खुद इस आतिशबाजी से होने वाले प्रदुषण के खिलाफ हूँ पर ठीक दिवाली से पहले ये फैसला बहुत ही निराशा जनक है, क्युकी आतिशबाजी के व्यापार में कितने हज़ारो लोग लगे होंगे, उन्होंने कितने लाखो का माल अपने गोदाम में रखा होगा, कितने की निम्न वर्ग के लोग दिवाली पर कुछ दिनों के लिए व्यापार कर अपनी दिवाली को जगमगाते है |

एक पूरी 5-7 वर्गों की चेन होती हे जिसमे कितने ही हज़ार लोग जुड़े होंगे |

कोर्ट को फैसला सुनाने से पहले उन सभी लोगो का भी ध्यान करना चाहिए था जिनकी दिवाली इस व्यपार से चलती |
हां पर्यावरण एक गंभीर मुद्दा है, इसे तत्काल प्रभाव से न कर के कुछ महीनो बाद करना चाहिए था जिससे उन सभी छोटे बड़े व्यापारियों को अपना किया गया निवेश और होने वाला त्यौहारी आय का अगले साल तक विकल्प ढूंढ लेते |

कोर्ट को उन सभी लोगो के होने वाले हानि हानि के बारे में एक बार फिर से विचार करना चाहिए , जिससे उनके फैसले के कारण किसी का दिवाला न निकले, साथ ही ये चेतावनी भी दे की जल्द ही वे अपने व्यापार का किसी अन्य व्यापार से विस्थापित करे|

 

Karun sah

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