भारत के प्राथमिक विद्यालय शिक्षा की स्थिति

Posted by Abhijeet Pandey
October 4, 2017

Self-Published

आज देश दिन प्रतिदिन विकास की रहो पर तेजी से कदम बढ़ा रहा है , और भारत का परचम पुरे विश्व में लहरा रहा है . लेकििन अभी भी भारत को पूरी तरह से विकशित होने में कुछ समस्याएं है जो रुकाावट दाल रही ,उन्ही समस्यायों में एक बड़ी समस्या भारत के प्राथमिक विद्यालयो में शिक्षा की स्थिति है .अगरहम जब भी प्रा्राथमिक विद्यालयों की बात करते है तो मन दुखी हो जाता है .हाल ही में वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्राथमिक विद्यालयों के कच्छा पांच के अभी कई ऐसे बच्चे है जिन्हे अभी ढंग से जोड़ना, घटाना नहीं आता .और तो और उन्हें अभी ढंग से पढ़ना भी नहीं आता , आखिर इनका जिम्मेदार कौन है ,स्वाभाविक सी बात है ये प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षा प्रडाली की कमी है , आखिर जिन्हे हम देश का भविष्य कहते है उन्ही का कल अंधकार में है .आखिर सरकार इस पर ध्यान क्यों नहीं देती है , सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि इन बच्चो का भविष्य सुधर सके और देश का भी .अगर आजादी के इतने दिन बाद भी देश का यही हाल है तो इससे शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती .इसलिए इस समस्या को खत्म करने के लिए सबको आगे आना पडेग़ा तभी कुछ हो सकता .मै चाहता हु की सब लोग इसके प्रति आवाज उठाये , आखिर हमें सोचना चाहिए की बड़े लोग अपने बच्चो को प्राथमिक विद्यालयो में क्यों नहीं पढ़ाते , इसका सीधा मतलब है की वो शिक्षा प्रडाली से अच्छी तरह से समझते है .और वो अपने बच्चो का भविष्य अंधकार में ले जाना नहीं जाते है .तो उन बच्चो का जो गरीब है लेकिन पढ़ना चाहते है . इसलिए सबको आगे आना पड़ेगा .

धन्यवाद्.

जय हिन्द जय भारत.

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