भोजपुर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला कब थमेगा।

Posted by Mohammad Aadil
October 20, 2017

Self-Published

मुहम्मद आदिल

भोजपुर 20 अक्टूबर 2017।

उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद के नगर पंचायत भोजपुर धर्मपुर में पिछले माह से रहस्यमय बुखार का का प्रकोप लागभग 3 माह से है जिस ने अब महामारी का रूप धारण कर लिया है इस बुखार की चपेट में लगभग नगर के 80% परिवार आ चुके है जिस का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि नगर में दर्जनों मौते इस बुखार की चपेट में आने से हो गयी है। नगर के सभी प्राइवेट चिकित्सको के अस्पताल पूरी तरह से इस बुखार पीड़ितों से फुल है तथा गंभीर बुखार पीड़ित मुरादाबाद तथा दिल्ली के अस्पतालों में भी भर्ती है जिन में कई की मौत हो चुकी है।

नगर के बस स्टैंड रोड निवासी नसीम अंसारी जोकि नगर पंचायत चुनाब के चैयरमेन प्रत्याशी भी है जिन की पत्नी की मौत भी इसी बुखार की चपेट में आने से हुई है। का कहना ही की वो जिला के स्वास्थ्य महकमे से इस महामारी को रोकने और पीड़ितों को समुचित इलाज मोहय्या कराय जाने की गुहार लगा चुके है। मजबूरन उन्होंने इस की सूचना राज्य सरकार को भी पत्र लिख कर दी है मगर अभी तक स्वास्थ्य महकमा सोया हुआ है।

अभी हॉल ही में कुछ युवा मौतों ने नगर वासियो के मन में एक खोफ सा पैदा कर दिया है क्योकि एक दिन में 3 जवान मौतों से नगर में कोहराम मच गया है
मोहल्ला नई बस्ती निवासी सईद अहमद के 13 वर्षीय पुत्र नूर मोहम्मद, मोहल्ला घास मंडी निवासी अजीम की 19 वर्षिय पुत्री लुबना, मोहल्ला फतेहपुरी निवासी  अब्दुल रहमान के 18 वर्षीय पुत्र लईक तेज बुखार के चलते मोत हो गई।
 
 
फतेहपुरी निवासी अब्दुल रहमान का कहना है कि सत्तारूढ़ बीजेपी की योगी सरकार को जनता की मौतों से कोई फर्क नहीं पढता और साथ ही किसी क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि इस इलाके को लेकर हमेशा उदासीन रहे है। 
भोजपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता और RTI एक्टिविस्ट सलीम बैग के अथक प्रयास से नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नयी बिल्डिंग तो बन गयी मगर स्टाफ की तैनाती और आपातकालीन सेवाय बहाल न हो सकी जिस वजह से छोटी से छोटी बीमारी की बजह से लोगो को जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
और जिला मुख्यालय के सड़क मार्ग की हालत इतनी खस्ता है कि अगर एक स्वस्थ व्यक्ति सफर करे तो वो भी बीमार हो जाय। 
 
मगर देखने वाली बात ये है कि इतना सब होने के बाबजूद स्वस्थ महकमा सोया हुआ है। न तो नगर में  सी एच् सी के डॉक्टरों ने नगर में फेल रही इस खतरनाक महामारी का कोई संज्ञान खुद लिया और न ही इस की सुचना स्वस्थ विभाग को दी।
पिछले माह हुए मौतों पर एडीश्नल cmo ने जागरण को ये बयान दे कर मामले की इतिश्री कर ली थी।

भोजपुर स्वास्थ्य केंद्र में बुखार के मरीज आ रहे हैं। वायरल बुखार से लोग पीड़ित हैं। झोलाछाप की किसी दुकान पर इलाज कराने के लिए नहीं जाएं। सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था है।

डॉ. रंजन गौतम, एडिशनल सीएमओ

 
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाथ्य विभाग को नगर में फेल रही इस महामारी के कारणों का पता लगाकर इस महामारी को रोकने के उपाय करे नगर में स्वास्थ्य कैंप लगाकर लोगो की जाँच की जाये और साथ ही साथ इस वीमारी की चपेट में आये लोगो को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाये।
 
लेखक नेचर वाच में उप संपादक है।

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