सही मायनो में सफाई

Posted by Harish Kumar
October 4, 2017

Self-Published

कल जब में अकबार पड़ने बेठा तो खबरो को पढ़ कर लगा की हम किस दुनिया में जी रहे हे ।एक ऐसी दुनिया जहा हर पल इक नया सवाल खड़ा हो जाता हे की क्यों कोई बेटी इस  देश में सुरक्षित महसूस नहीं करती,क्यों कोई बेटी अपने हक़ अपने स्वाभीमान की खातिर नहीं लड़ सकती।क्यों एक बहन अपने भाई के होते हुए भी सुरक्षित नहीं हे ।सायेद इस लिए की हम आज अपनेआप में इस कदर  मसरूफ़ होते जा रहे हे की किसी और के बारे में हम सोचना ही नहीं चाहते हम नहीं सोचना चाहते की जब कोई लड़का किसी लड़की पर घटिया comment करता हे तो उस पर क्या बीतती हे।हम नहीं महसूस करना चाहते की वो कैसा महसूस करती हे जब कोई सरे आम उसे  आपनी गन्दी नज़रो से नंगा कर देता हे। लेकिन अब वक्त आ गया हे सोचने का महसूस करने का।अब् वक्त आ गया हे अपनी नज़र साफ़ करने का अपना नजरिया साफ़ करने का।इस दीवाली सिर्फ अपने घर की सफाई मत करना बल्कि अपनी सोच को भी साफ़ करना।क्यों की अब वक्त आ गया हे बदलाव का।

 

#hk9057(harish kumar)

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