‘सेकेंड हैंड’ बॉयफ्रेंड

Posted by Chandrakant Shukla
October 5, 2017

Self-Published

‘सेकेंड हैंड’ बॉयफ्रेंड

‘सेकेंड हैंड’ बॉयफ्रेंड… इसे पढ़कर आपको यही लगा होगा कि ई देखो आए नकलची, चेतन भगत बनेंगे ससुर, उई हाफ गर्लफ्रेंड लिख दिए तो ई यो रायता लेकर आए हैं, सबको राइटर बनने की चुल्ल मची पड़ी है । YKA ने मौका दे दिया है तो कुछो लिख देव.. लेकिन ऐसा नहीं हैं… बप्पा कसम हम आज तक चेतन भगत को पढ़े ही नहीं हैं ।
असल में मैं जिस टॉपिक पे बात कर रहा हूं, हो सकता है लड़कियां मुझपे भड़क जाएं, महिला आयोग वाली आंटियां नारेबाजी करने लगें, या यूपी में एंटी रोमियो वालों से भी पाला पड़ जाए..
लेकिन मैं अपने देश की लड़कियों से रिक्वेस्ट करना चाहता हूं, हंबल वाली, बहुत हंबल वाली कि यार अगर तुमको किसी से प्यार है, या हो गया है तो यार क्या कहते हैं वो… हां लॉयल रहो यार, अगर तुम उस लड़के को पसंद करती हो, वो तुमको पसंद करता है तो दोनों एक दूसरे के प्यार में जियो, मौज करो । एक दूसरे को वक्त दो, लेकिन बाकी तो किसी की ज़िन्दगी झंड ना करो । अब तुमको वो लड़का पसंद है तो खूब प्यार करो, पेल के करो, किसने रोका है । अब मान लो तुम हो खूबसूरत, जो कि दुनिया की 90 प्रतिशत लड़कियां खुद को मानती हैं.. वो भी मानती हैं जो जिन्दगी का एक चौथाई हिस्सा क्लचर और हेयर बैंड ढूंढने में बिता चुकी हैं, और अगर तुम्हारी खूबसूरती में कोई लौंडा दीवाना हुआ जा रहा है, रोज व्हाट्सएप में तुम्हारी पपीते जैसी शक्ल वाली डीपी को पर Nice dp का मैसेज कर रहा है, तो मान लेव कि लौंडा धर के लाइन मार रहा है । लेकिन तुम उसके कुछ कह नहीं रही हो, काहे कि तुमको तो आ रही है मौज, तुम सोच रही हो कि ससुरे को हर डीपी नाइस लगती है, चिपका जा रहा है.. लेकिन तुम उसको मना नहीं कर रही हो.. काहे से फिर तुम सहेलियों में ये मैसेज दिखा दिखा के स्टाइल कैसे मारोगी ? चलो अच्छा अगर मजा आ रहा है तो ठीक है कर लेव, लेकिन जब लौंडा प्रपोज मारे दे रहा है तो उसने खेलना शुरु कर देती हो
अच्छा.. अचानक कब से ?
झूठ बोल रहे हो
तुम तो हमेशा ऐसे ही कहते हो
अरे यार, तुम मेरे अच्छे दोस्त हो
अगर मैं कमिटेड ना होती ना तो पक्का एक्सेप्ट कर लेती
यार सुन ना, आई लव यू बट एज़ ए फ्रेंड
लेव, खतम हो गया लौंडा… अब क्या करे तुम्हारे सिंगल होने का इंतजार या तुम्हारी बारात में पनीर खाने का, अब धीरे धीरे तुमसे ध्यान हटाए तो तुम फिर खींच लेती हो कि क्यों ? खत्म हो गया प्यार.. बस
लौंडा साला वैसे भी दिल का कमजोर, हुई गवा ईमोशनल, एक तो तुमको याद कर करक वो हैंडsome हुआ जा रहा है… खाने में मन लगता नहीं है, चोरी की शायरियों से तुमको मना रहा है.. और तुम हो कि खेल रही हो.. तुम्हारा बॉयफ्रेंड है लेकिन तुम बीच बीच में इसके भी तार छेड़ रही हो, बता अलग देती हो कि पता, आज ना मेरा अपने बॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया… वो मेरी केयर नहीं करता.. लौंडा साला फिर डिरेल… फिर उसका दिल धड़कने लगा और तुम हो कि समझती नहीं…
फेसबुक पे उसकी फोटो भी लाइक कर देती हो, कभी कभी दिल वाला रिएक्ट भी धर देती हो, लौंडा भावुक हो जाता है, फिर कहती हो लव यू बट एज़ ए फ्रेंड.. तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो, का करे.. भाई बनकर तुम्हारा तिलक बरीक्षा चढ़ा दे.. या विदाई के वक्त तुम्हारी कार में धक्का लगाए.. हद है मतलब
ससुरा सारे मजे ले रही हो, कबो कबो तो रिचार्ज भी करा रहा है लौंडा, तुम्हारे लिए सारे काम छोड़कर लैपटॉप खोलकर तुम्हारे लिए तत्काल वाले टिकट में माउस घुमा रहा है, और सुनो तुम ड्रेस भी उसे हिसाब से सेलेक्ट कर लेती हो, बस साला प्यार नहीं है… प्यार क्या है लव यू बट एज़ वाला… मतलब तुम दो दो ठो लौंडों से खेल रही है.. औ फिर अंग्रेजी पेलती हो कि ऑल मैन्स आर सेम… अमां तुमसे किसने कहा कि तुम सारे मेन्स को ट्राय करो, एक के लिए लोयल रहो.. मगर ई तुमसे कहां हो पाएगा… अच्छा खासा लौंडा खुशफहमी में जी रहा है, जब जब तुम उदास होती हो यही है जो कंधा बनता है, मगर तुमको क्या लेना देना तुम्हारे सिंघट्टे पर,
अच्छा भला एकतरफा प्यार का मारा आशिक ‘सेकेंड हैंड’ बॉयफ्रेंड बन जाता है..

 

चन्द्रकान्त शुक्ला

उन्नाव वाले

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