photowale story

Posted by photo wale
October 14, 2017

Self-Published

कहते है की फोटोग्राफस बहुत कुछ कह जाता है

फोटोवाले ये नाम मेरे दिमाग में तब आया था  जब मैं अभी भैया की शादी के फोटोज को देख रहा था तभी एक इंसिडेंट याद आया  की कैसे मैं को बोलता था की  फोटोवाले भैया मेरा एक फोटो खीच दो न तो ये नाम मैंने वही से सोचा

फोटोवाले पटना बेस्ड एक फोटोग्राफी स्टूडियो है जिसके तहत conecuptual फोटोग्राफी,वेडिंग फोटोग्राफी ,फैशन फोटोग्राफी इसके अलावा हर एक तरह की फोटोग्राफी होती है |

मुझे हमेशा से मन था की मैं जो भी तस्वीर क्लिक करू उससे कोई मेसेज जाए|

मुझे याद है की मेरे घर के बगल में एक लड़की रहती थी और उसके साथ कुछ लोगो ने ज़बरदस्ती की थी मगर उसने अपना ये दर्द घर में किसी को बताया नहीं था |मैंने नया कैमरा लिया था और मैंने उसकी कुछ तस्वीरे खिंची पता नहीं उसका चेहरा के भाव में मुझे झकझोर दिया उसके चेहरे पे वो दर्द मुझे दिख रहा था जो उसके साथ हुआ था |

उसी वक़्त मैंने सोचा था की आये दिन जो हमारे समाज में औरतो के साथ ज्यादती हो रही हो(रेप,शोषण,ज्यादती,छेड़-छाड़ )इन सब को अपने फोटोग्राफस में जरुर दिखाऊंगा |मगर इन सब चीजों को दिखाने में मेकअप का बहुत एहम हिस्सा लगा तो मेरी मेकअप आर्टिस्ट अन्वेषा बरुआ से जब मैंने इन सभी मुद्दों कोलेकर चर्चा की तो  वो हमारे टीम में काम करने के लिए राज़ी हो गयी

हमने वोमेन बर्निंग मुद्दों पे फोटोशूट किया है जैसे की रेप,छेड़-छाड़,शोषण ,ज्यादती इन सभी मुद्दी पर फोटोशूट किया है और हमने कोशिश की है की जो हमारे समाज में हो रहा है वो लोग फोटोग्राफस के ज़रिये देखे और थोडा खुद पे शर्म करे, स्त्री या औरत के दर्द को समझने की कोशिश करे, ये वही औरत होते है जो आपको  जन्म देती है बस उसके रूप अलग हो जाते है |

 

हमने एक ऐसे विषय को छुआ है जिसको लोग अछूत मानते है ,जिससे  लोग घृणा करते है ,उनका मज़ाक उड़ाते है वो है किन्नर या हिजरा ,बचपन पे मेरी भी सोच उनके प्रति भी ऐसे ही थी मगर एक दिन जब उनके उनके बारे में पढ़ा तो मुझे इनके दर्द का एहसास हुआ और उस दिन ही मैंने ये सोचा की लोगो का जो नजरिया है इनके प्रति वो मैं किसी भी तरह से बदलूँगा

और मैंने ये सब संभव ऐसा किया अपने फोटोग्राफस के ज़रिये ,सबसे पहले मैंने जाकर उनसे मिला और उनसे ये इज़ाज़त ली की मैं उनके ज़िन्दगी केसारे पहलूओं को अपने फोटोग्राफस के ज़रिये दिखाना चाहता हूँ |पहले तो उनके आँख में आंसू आ गए थे क्यूंकि हमेशा उनके बारे में लोगो को येही दिखाया गया है की वो नाचते है गाते है व्यगेरह-व्यगेरह |उसके बाद मैंने रिसर्च किया इनके लाइफ के बारे में और मैंने उन्ही किन्नरों के साथ शूट किया और ये फोटोग्राफस जब सोशल मीडिया पे आया टेक सनसनी सी फैल गयी थी

जब ये फोटोग्राफस सोशल साइट्स पे आई तो हमे काफी सारे लोगो ने बधाइयाँ दी | हमारा मानना है की आज कल हर कोई फोटोग्राफी कर रहा है मगर उनके फोटो से किस तरह का मेसेज दे रहे है ये बहुत मायने रखता है ,अगर बात हम अपनी स्टूडियो का करे तो हम उन मुद्दों पर काम करते है जिससे इंसान से इंसान के बीच भेद भाव पैदा होता है वो ना हो  ,अपने फोटोग्राफस के ज़रिये हम चाहते है की हम इंसान जो एकदूसरे से अलग हो रहे है वो न हो ,

 

सिर्फ ऐसा नहीं है की हमलोग सिर्फ इनलोगों  के लिये ही काम नहीं करते है जबकि  उन गरीब लोगो की लिए भी काम करते है जिनके यहाँ बेटी की शादी होती है और जो लोग पैस देने मे असमर्थ होते है उनके बेटी की शादी की फोटोग्राफी फ्री में करते है

हमारे स्टूडियो का हमेशा से येही मकसद है की हम अपने फोटोग्राफस के ज़रिये लोगो की सोच बदले ताकि जो हमारे बीच दूरियां आ रही है वो कम हो जाए ,हमे पता है की इसमें काफी वक़्त लगेगा मगरएक दिन ये बदलाव जरुर आएगा

मेरा नाम युवराज कुमार है और मैं  फोटोवाले का  फाउंडर हूँ ,पटना का  रहने वाला हूँ  मैंने अपनी पूरी पढाई पटना से की  है और पिछले एक साल से हमारा  स्टूडियो है , हमारा मानना है की जो चीज़ हमारे हाथ में है हम उस्सी को अपना हथियार बनाना चाहिए और वो हर संभव कोशिश करनी  चाहिए जिससे हमारे समाज में बदलाव आ सके

 

 

 

 

 

 

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